पाकुड़ सदर प्रखंड की भवानीपुर पंचायत में बरसात के कारण पिछले करीब 15 दिनों से पंचायत सचिवालय, आंगनवाड़ी केंद्र और स्वास्थ्य केंद्र जलमग्न हैं। भवानीपुर से फरसा जाने वाली सड़क के किनारे बने इन भवनों तक पहुंचने वाले रास्ते में भी पानी भरा हुआ है। इसके कारण ग्रामीण इन केंद्रों का लाभ नहीं ले पा रहे हैं। पंचायत सचिवालय में जरूरी काम के लिए आने वाले ग्रामीणों के साथ-साथ स्वास्थ्य केंद्र में इलाज कराने वाले मरीजों और आंगनवाड़ी केंद्र जाने वाले छोटे बच्चों को भी परेशानी हो रही है। वैकल्पिक जगह से हो रहा काम, स्थायी समाधान नहीं जलजमाव के कारण फिलहाल पंचायत सचिवालय, स्वास्थ्य केंद्र और आंगनवाड़ी से जुड़े जरूरी काम दूसरी जगहों से किए जा रहे हैं। हालांकि, ग्रामीणों का कहना है कि यह केवल अस्थायी व्यवस्था है। पानी निकासी की कोई ठोस व्यवस्था नहीं होने के कारण समस्या बनी हुई है। ग्रामीणों ने बताया कि पंचायत सचिवालय उनके जरूरी कामों के लिए, स्वास्थ्य केंद्र बीमारी के समय इलाज के लिए और आंगनवाड़ी छोटे बच्चों के लिए बेहद जरूरी है। तीनों केंद्र बंद रहने से गांव के लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। सड़क से नीचे बने हैं भवन ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत सचिवालय, स्वास्थ्य केंद्र और आंगनवाड़ी भवन ऐसी जगह बनाए गए हैं, जो सड़क के स्तर से काफी नीचे है। यही कारण है कि बरसात का पानी इन भवनों के आसपास जमा होकर अंदर तक पहुंच जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि भवन निर्माण से पहले जमीन में पर्याप्त मिट्टी भरकर उसे सड़क के स्तर से ऊंचा किया जाता तो जलजमाव की समस्या नहीं होती। ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले की जांच कर जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई करने और स्थायी जलनिकासी की व्यवस्था कराने की मांग की है। अब तक नहीं पहुंचे अधिकारी ग्रामीणों के अनुसार करीब 15 दिनों से तीनों केंद्र पानी में डूबे हैं, लेकिन अब तक कोई अधिकारी गांव पहुंचकर स्थिति का जायजा लेने नहीं आया है। ग्रामीणों का कहना है कि शिकायतों के बावजूद समस्या के समाधान के लिए ठोस कदम नहीं उठाया गया। इस संबंध में अंचल अधिकारी सह प्रभारी बीडीओ अरविंद बेदिया ने बताया कि पानी भरने के कारण इन केंद्रों से जुड़े सभी जरूरी काम फिलहाल दूसरी जगह से किए जा रहे हैं। पाकुड़ सदर प्रखंड की भवानीपुर पंचायत में बरसात के कारण पिछले करीब 15 दिनों से पंचायत सचिवालय, आंगनवाड़ी केंद्र और स्वास्थ्य केंद्र जलमग्न हैं। भवानीपुर से फरसा जाने वाली सड़क के किनारे बने इन भवनों तक पहुंचने वाले रास्ते में भी पानी भरा हुआ है। इसके कारण ग्रामीण इन केंद्रों का लाभ नहीं ले पा रहे हैं। पंचायत सचिवालय में जरूरी काम के लिए आने वाले ग्रामीणों के साथ-साथ स्वास्थ्य केंद्र में इलाज कराने वाले मरीजों और आंगनवाड़ी केंद्र जाने वाले छोटे बच्चों को भी परेशानी हो रही है। वैकल्पिक जगह से हो रहा काम, स्थायी समाधान नहीं जलजमाव के कारण फिलहाल पंचायत सचिवालय, स्वास्थ्य केंद्र और आंगनवाड़ी से जुड़े जरूरी काम दूसरी जगहों से किए जा रहे हैं। हालांकि, ग्रामीणों का कहना है कि यह केवल अस्थायी व्यवस्था है। पानी निकासी की कोई ठोस व्यवस्था नहीं होने के कारण समस्या बनी हुई है। ग्रामीणों ने बताया कि पंचायत सचिवालय उनके जरूरी कामों के लिए, स्वास्थ्य केंद्र बीमारी के समय इलाज के लिए और आंगनवाड़ी छोटे बच्चों के लिए बेहद जरूरी है। तीनों केंद्र बंद रहने से गांव के लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। सड़क से नीचे बने हैं भवन ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत सचिवालय, स्वास्थ्य केंद्र और आंगनवाड़ी भवन ऐसी जगह बनाए गए हैं, जो सड़क के स्तर से काफी नीचे है। यही कारण है कि बरसात का पानी इन भवनों के आसपास जमा होकर अंदर तक पहुंच जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि भवन निर्माण से पहले जमीन में पर्याप्त मिट्टी भरकर उसे सड़क के स्तर से ऊंचा किया जाता तो जलजमाव की समस्या नहीं होती। ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले की जांच कर जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई करने और स्थायी जलनिकासी की व्यवस्था कराने की मांग की है। अब तक नहीं पहुंचे अधिकारी ग्रामीणों के अनुसार करीब 15 दिनों से तीनों केंद्र पानी में डूबे हैं, लेकिन अब तक कोई अधिकारी गांव पहुंचकर स्थिति का जायजा लेने नहीं आया है। ग्रामीणों का कहना है कि शिकायतों के बावजूद समस्या के समाधान के लिए ठोस कदम नहीं उठाया गया। इस संबंध में अंचल अधिकारी सह प्रभारी बीडीओ अरविंद बेदिया ने बताया कि पानी भरने के कारण इन केंद्रों से जुड़े सभी जरूरी काम फिलहाल दूसरी जगह से किए जा रहे हैं।

