झांसी की पहली नगर आयुक्त आकांक्षा राणा की विदाई:समारोह में बोलीं- यहां जो सीखा उसे भविष्य में जनहित के लिए इस्तेमाल करूंगी

झांसी की पहली नगर आयुक्त आकांक्षा राणा की विदाई:समारोह में बोलीं- यहां जो सीखा उसे भविष्य में जनहित के लिए इस्तेमाल करूंगी

झांसी नगर आयुक्त आकांक्षा राणा का शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में विदाई समारोह आयोजित किया गया। जिलाधिकारी गौरांग राठी की अध्यक्षता में हुए कार्यक्रम में अधिकारियों ने उन्हें नई जिम्मेदारी मिलने पर शुभकामनाएं दीं। डीएम गौरांग राठी ने आईएएस आकांक्षा राणा को प्रशंसा पत्र और मोमेंटो देकर सम्मानित किया। एसएसपी विकास कुमार, एसपी सिटी प्रीति सिंह समेत अन्य अधिकारियों ने भी उन्हें स्मृति चिन्ह भेंट किया। पहले 2 तस्वीर देखिए… आकांक्षा राणा ने समारोह में झांसी में अपने कार्यकाल के अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि झांसी में उन्हें कई अच्छे अधिकारियों और जनता के साथ काम करने का मौका मिला। यह अनुभव उन्हें भविष्य में और बेहतर काम करने के लिए प्रेरित करेगा। उन्होंने कहा कि नगर निगम में काम के दौरान मेयर, अधिकारियों और पार्षदों का उन्हें सहयोग मिला। इसी वजह से वह झांसी के हित में कई महत्वपूर्ण निर्णय ले सकीं। परिचित अधिकारियों के साथ बेहतर कॉर्डिनेशन
आकांक्षा राणा ने कहा कि झांसी में काम शुरू करने के समय जिलाधिकारी गौरांग राठी और मुख्य विकास अधिकारी रामेश्वर सब्बनवाड जैसे अधिकारी मिले, जिन्हें वह पहले से जानती थीं। इससे अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय बना और काम करने में आसानी हुई। उन्होंने झांसी में काम करने के दौरान मिले सहयोग के लिए सभी का आभार जताया। सूचना एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग में मिली नई जिम्मेदारी
गुरुवार को उत्तर प्रदेश शासन ने आईएएस अधिकारियों के तबादले किए थे। इसमें आकांक्षा राणा को झांसी नगर आयुक्त के पद से हटाकर सूचना एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग में विशेष सचिव बनाया गया है। शुक्रवार को उनके सम्मान में विदाई समारोह आयोजित किया गया। झांसी की पहली महिला नगर आयुक्त भी रहीं आकांक्षा राणा ने झांसी की नगर आयुक्त बनने के साथ ही अपना नाम इतिहास में दर्ज कराया। वह झांसी नगर निगम की पहली महिला नगर आयुक्त रहीं। उन्होंने 29 अक्टूबर 2025 को नगर आयुक्त का कार्यभार संभाला था और करीब साढ़े दस महीने तक इस पद पर रहीं। 2017 बैच की आईएएस हैं आकांक्षा राणा
आकांक्षा राणा 2017 बैच की आईएएस अधिकारी हैं। झांसी से पहले वह महाकुंभ जैसे बड़े आयोजन में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाल चुकी हैं। झांसी में नगर आयुक्त के तौर पर उनके कार्यकाल में कई मामलों में सख्त फैसले लिए गए। प्रशासनिक स्तर पर उन्हें सख्ती से निर्णय लेने वाली अधिकारी के तौर पर भी पहचान मिली।

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