नूंह में भ्रष्टाचार के आरोपों में घिरे 2 कंप्यूटर ऑपरेटरों पर प्रशासन ने कार्रवाई की है। डीसी अखिल पिलानी ने कंप्यूटर ऑपरेटर जुबेर अहमद और रूपचंद की अनुबंधित सेवाएं तुरंत खत्म कर दी हैं। दोनों के खिलाफ राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की अलग-अलग धाराओं में मामले दर्ज किए थे। पुलिस दोनों आरोपियों को गिरफ्तार भी कर चुकी है। डीसी बोले- लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी डीसी अखिल पिलानी ने कहा कि नूंह जिले में भ्रष्टाचार को लेकर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों से पूरी ईमानदारी, पारदर्शिता और जिम्मेदारी से काम करने की अपील की। उन्होंने साफ किया कि भ्रष्टाचार से जुड़ी शिकायत मिलने पर संबंधित अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ नियमों के हिसाब से विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जांच में अनुबंध शर्तों का उल्लंघन मिला प्रशासन के मुताबिक, कंप्यूटर ऑपरेटर जुबेर अहमद के खिलाफ राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, गुरुग्राम में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7, 7ए, 8, 13(1)(बी) और 13(2) के तहत मामला दर्ज किया गया था। उसे नूंह यूनिट की टीम ने गिरफ्तार किया था। मामले में विभागीय जांच भी कराई गई, जिसमें उसका जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया। जांच में अनुबंध की शर्तों का उल्लंघन मिलने के बाद उसकी सेवाएं समाप्त कर दी गईं। लगातार ड्यूटी से रहा गैरहाजिर, दस्तावेज नहीं दे सका वहीं, दूसरे कंप्यूटर ऑपरेटर रूपचंद पर बिना छुट्टी लिए लगातार ड्यूटी से गैरहाजिर रहने का मामला सामने आया। विभागीय जांच के दौरान वह अपनी गैरहाजिरी के संबंध में कोई संतोषजनक दस्तावेज नहीं दे सका। उसके खिलाफ भी भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7, 13(1)(बी) और 13(2) के तहत मामला दर्ज है और पुलिस उसे गिरफ्तार कर चुकी है। डीसी ने कहा कि सरकारी व्यवस्था में भ्रष्टाचार या लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

