Kunickaa Sadanand On CINTAA Controversy: मुंबई की फिल्म और टेलीविजन इंडस्ट्री से जुड़ी संस्था सिने एंड टीवी आर्टिस्ट्स असोसिएशन (CINTAA) में चल रहा विवाद अब और गहराता नजर आ रहा है। संस्था के भीतर चल रही कानूनी और संवैधानिक उठापटक के बीच अभिनेत्री कुनिका सदानंद ने पूर्व पदाधिकारियों पर कार्यालय से दस्तावेज ले जाने का गंभीर आरोप लगाया है। उनका दावा है कि इस दौरान कागजात को एक जगह से दूसरी जगह ले जाने की कोशिश की गई और मामले में पुलिस तक को हस्तक्षेप करना पड़ा।
कुनिका सदानंद ने जताई नाराजगी
कुनिका सदानंद ने एक वीडियो के जरिए CINTAA की मौजूदा स्थिति पर निराशा जताई। उन्होंने कहा कि करीब चार दशकों में उन्होंने संस्था की किसी समिति को इस तरह की स्थिति में नहीं देखा। उनके मुताबिक, उन्हें फोन के जरिए जानकारी मिली कि CINTAA के पुराने कार्यालय से जरूरी कागजात जल्दबाजी में हटाए जा रहे हैं। इसके बाद वो मौके पर पहुंचीं और पुलिस को भी इसकी सूचना दी गई।
कुनिका के अनुसार, पुलिस का कहना था कि बिना चैरिटी कमिश्नर के आदेश के वह दस्तावेजों को ले जाने की प्रक्रिया को रोक नहीं सकती। उनका दावा है कि कागजात को एक टेंपो के जरिए कार्तिक कॉम्प्लेक्स स्थित कार्यालय ले जाने की कोशिश की जा रही थी। बाद में FWICE से जुड़े लोगों ने कथित तौर पर वाहन को रोक दिया और दस्तावेजों वाले कार्टन को सुरक्षित जगह पर रखकर उस पर ताला लगा दिया।
पूनम ढिल्लों की कार में कागज रखने का दावा
कुनिका ने आरोप लगाया कि कुछ लोगों को कागजात लेकर जाते हुए कैमरे में रिकॉर्ड किया गया था। उन्होंने दावा किया कि वीडियो में कुछ दस्तावेज पूनम ढिल्लों की कार में रखे जाते दिखाई दे रहे थे। उनके मुताबिक, पुलिस से प्रक्रिया रोकने को कहा गया और बाद में कुछ कागजात की जांच भी हुई। कुनिका ने यह भी कहा कि इनमें कुछ दस्तावेज अदालत से जुड़े थे, लेकिन अगली सुनवाई 16 सितंबर को होनी है, इसलिए उन्हें सुरक्षित रखे जाने की जरूरत थी।
उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि विवाद के दौरान पूनम ढिल्लों ने एक व्यक्ति का फोन छीनने की कोशिश की। हालांकि, ये सभी दावे कुनिका सदानंद के बयान पर आधारित हैं।
पद्मिनी कोल्हापुरे ने बताई अलग वजह
कुनिका के मुताबिक, पद्मिनी कोल्हापुरे ने दस्तावेज ले जाने की वजह उन्हें सुरक्षित रखना बताया था। इस पर कुनिका ने सवाल उठाया कि जब मौके पर कई लोग मौजूद थे तो कागजात को किससे बचाने की जरूरत थी। उन्होंने दस्तावेजों के साथ किसी भी तरह की छेड़छाड़ को लेकर आशंका जताई और कहा कि मामले में आगे गंभीर कार्रवाई की जाएगी।
CINTAA में इस्तीफों के बाद बढ़ा विवाद
दरअसल, CINTAA में विवाद की एक बड़ी वजह कार्यकारिणी समिति के सदस्यों के इस्तीफे भी हैं। पूर्व महासचिव उपासना सिंह का दावा है कि समिति के 50 प्रतिशत या उससे अधिक सदस्यों के इस्तीफा देने की स्थिति में संस्था के संविधान के अनुसार कार्यकारिणी भंग मानी जाती है। जारी जानकारी के मुताबिक, 15 निर्वाचित सदस्यों में से 8 ने इस्तीफा दिया है।
उपासना सिंह ने FWICE से हस्तक्षेप की मांग करते हुए नए और निष्पक्ष चुनाव कराने की बात कही है। उनकी ओर से यह भी सवाल उठाया गया है कि समिति के भंग होने के बाद पूर्व अध्यक्ष पूनम ढिल्लों और पूर्व उपाध्यक्ष पद्मिनी कोल्हापुरे किस अधिकार के तहत बैठकें और अन्य गतिविधियां कर रही हैं। CINTAA का यह विवाद अब सिर्फ कलाकारों के बीच मतभेद तक सीमित नहीं दिख रहा, बल्कि संस्था के संविधान, चुनावी प्रक्रिया और प्रशासनिक अधिकारों को लेकर भी बड़ा सवाल बन गया है।

