सेट पर बंद हुआ कैमरा, बहने लगा खून… जब अमिताभ बच्चन की वजह से अस्पताल पहुंच गये थे विनोद खन्ना, बॉलीवुड की सबसे बड़ी जंग!

सेट पर बंद हुआ कैमरा, बहने लगा खून… जब अमिताभ बच्चन की वजह से अस्पताल पहुंच गये थे विनोद खन्ना, बॉलीवुड की सबसे बड़ी जंग!
हाल ही में सोशल मीडिया पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और चैटजीपीटी (ChatGPT) का ’80 के दशक का रेट्रो/वायरल लुक’ ट्रेंड छाया हुआ है, जहां हर कोई खुद को उस दौर के चमकीले कपड़ों, बड़ी जुल्फों और विंटेज स्टाइल में देखना पसंद कर रहा है। लेकिन अगर हम डिजिटल दुनिया के इस काल्पनिक ट्रेंड से हटकर असल जिंदगी के पन्नों को पलटें, तो सत्तर के दशक का बॉलीवुड सच में अपनी तरह का सबसे अनूठा और रंगीन दौर था। वह एक ऐसा स्वर्णिम समय था जब बड़े पर्दे पर एंग्री यंग मैन की दहाड़ और स्क्रीन पर दो बड़े सितारों का आमना-सामना दर्शकों के रोंगटे खड़े कर देता था। इस दौर की सबसे ब्लॉकबस्टर और प्रतिष्ठित जोड़ियों में से एक थी—अमिताभ बच्चन और विनोद खन्ना। ‘अमर अकबर एंथनी’, ‘मुकद्दर का सिकंदर’, ‘हेरा फेरी’ और ‘परवरिश’ जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्मों में दोनों ने साथ काम किया। पर्दे पर दोनों की केमिस्ट्री जितनी जानदार थी, पर्दे के पीछे उनकी प्रतिद्वंद्विता (Rivalry) और एक-दूसरे से आगे निकलने की होड़ भी उतनी ही दिलचस्प थी। इसी स्टारडम की रेस के बीच एक ऐसा दिन भी आया जब ‘प्रकाश मेहरा’ की फिल्म के सेट पर दोनों सुपरस्टार्ट्स के बीच अचानक ऐसा टकराव हुआ जिसने पूरे बॉलीवुड को हिलाकर रख दिया।
‘अमर अकबर एंथनी’, ‘मुकद्दर का सिकंदर’, ‘हेरा फेरी’ और ‘परवरिश’ जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्मों में दोनों ने साथ काम किया। पर्दे पर दोनों की केमिस्ट्री जितनी जानदार थी, पर्दे के पीछे उनकी प्रतिद्वंद्विता (Rivalry) और एक-दूसरे से आगे निकलने की होड़ भी उतनी ही दिलचस्प थी। लेकिन इसी स्टारडम की रेस के बीच एक ऐसा दिन भी आया जब ‘प्रकाश मेहरा’ की फिल्म के सेट पर दोनों सुपरस्टार्ट्स के बीच अचानक ऐसा टकराव हुआ जिसने पूरे बॉलीवुड को हिलाकर रख दिया।
फिल्म ‘मुकद्दर का सिकंदर’ और वह खौफनाक फाइट सीन
यह किस्सा है साल 1978 में आई ऐतिहासिक फिल्म ‘मुकद्दर का सिकंदर’ की शूटिंग का। प्रकाश मेहरा के निर्देशन में बन रही इस फिल्म में अमिताभ बच्चन (सिकंदर) और विनोद खन्ना (विशाल) मुख्य भूमिकाओं में थे। फिल्म में एक एक्शन-ड्रामा सीन शूट होना था, जहां दोनों किरदारों के बीच एक गंभीर बहस के बाद हाथापाई और हातापाई में तब्दील होती जंग दिखाई जानी थी।
स्क्रिप्ट के मुताबिक, सीन कुछ ऐसा था कि अमिताभ बच्चन को गुस्से में आकर पास रखी एक लकड़ी की भारी कुर्सी विनोद खन्ना की तरफ फेंकनी थी और विनोद खन्ना को फुर्ती से झुककर खुद को उस कुर्सी के वार से बचाना था।
जब टाइमिंग चूकी और सेट पर फैल गया सन्नाटा
शूटिंग शुरू हुई, कैमरा रोल हुआ और दोनों अभिनेताओं ने अपने-अपने डायलॉग्स बेहद आक्रामकता और जीवंतता के साथ बोले। डायरेक्टर के एक्शन कहते ही अमिताभ बच्चन ने सीन की मांग के अनुसार पूरे गुस्से में लकड़ी की कुर्सी विनोद खन्ना की तरफ फेंकी।
लेकिन, दुर्भाग्य से टाइमिंग में थोड़ी सी चूक हो गई!
विनोद खन्ना जब तक झुक पाते, भारी लकड़ी की कुर्सी सीधे आकर उनके चेहरे पर लगी। कुर्सी का कोना उनके ठोड़ी (Chin) पर इतनी जोर से लगा कि उनका चेहरा लहूलुहान हो गया। विनोद खन्ना दर्द से कराह उठे और तुरंत जमीन पर बैठ गए।
सेट पर अचानक चीख-पुकार मच गई और कुछ ही सेकेंडों में सन्नाटा छा गया। क्रू मेंबर्स, निर्देशक प्रकाश मेहरा और खुद अमिताभ बच्चन बुरी तरह घबरा गए।

अमिताभ की घबराहट और अस्पताल का चक्कर
हादसे के तुरंत बाद शूटिंग रोक दी गई। विनोद खन्ना के चेहरे से खून बह रहा था और उनकी ठोड़ी पर गहरा कट लग गया था। अमिताभ बच्चन तुरंत भागकर विनोद खन्ना के पास पहुंचे और उनसे बार-बार माफी मांगने लगे। अमिताभ को इस बात का गहरा मलाल था कि उनकी वजह से उनके साथी कलाकार को इतनी गंभीर चोट लगी।
विनोद खन्ना को तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां उनके चेहरे पर टांके (Stitches) लगाने पड़े। आज भी अगर आप ‘मुकद्दर का सिकंदर’ या उसके बाद की विनोद खन्ना की फिल्में ध्यान से देखें, तो उनकी ठोड़ी पर उस हादसे का निशान साफ नजर आता है।

हादसा या पेशेवर प्रतिद्वंद्विता? अफवाहों का बाजार हुआ गर्म
इस घटना के बाद बॉलीवुड के गॉसिप कॉरिडोर में अफवाहों का तूफान आ गया। उस दौर में विनोद खन्ना इकलौते ऐसे अभिनेता थे जो अमिताभ बच्चन के एकछत्र राज और स्टारडम को सीधी टक्कर दे रहे थे। मीडिया और पत्रिकाओं में तरह-तरह की खबरें छपने लगीं:
क्या यह केवल एक शूटिंग हादसा था?
या फिर दो बड़े सुपरस्टारों के बीच बढ़ती प्रतिद्वंद्विता का नतीजा?
 
हालांकि, दोनों ही अभिनेताओं ने इन अफवाहों को सिरे से खारिज कर दिया। विनोद खन्ना ने एक बेहद पेशेवर और समझदार कलाकार की तरह स्थिति को संभाला। उन्होंने स्वीकार किया कि यह महज एक दुर्घटना (Accident) थी जो एक्शन सीन्स की शूटिंग के दौरान अक्सर हो जाती है।
दो सितारों के बीच का सम्मान और एक युग का अंत
इस दुखद हादसे के बावजूद दोनों के बीच कोई कड़वाहट नहीं आई। विनोद खन्ना ने ठीक होने के बाद न केवल फिल्म की शूटिंग पूरी की, बल्कि फिल्म रिलीज होने के बाद ऑल-टाइम ब्लॉकबस्टर साबित हुई। अमिताभ और विनोद खन्ना की जोड़ी ने सिनेमाघरों में सफलता का नया इतिहास रचा।
अमिताभ बच्चन और विनोद खन्ना की जोड़ी ने 70 के दशक में बॉक्स ऑफिस पर सफलता का एक नया इतिहास रचा था, जिसकी तसदीक उनकी फिल्मों के शानदार आंकड़े करते हैं। इस जोड़ी ने एक के बाद एक कई ब्लॉकबस्टर फिल्में दीं, जिनमें 1976 में रिलीज़ हुई ‘हेरा फेरी’ और 1977 की ‘परवरिश’ ने सिनेमाघरों में सुपरहिट का दर्जा हासिल किया। वहीं, 1977 में आई ‘अमर अकबर एंथनी’ और 1978 की फिल्म ‘मुकद्दर का सिकंदर’ ने कमाई और लोकप्रियता के सभी रिकॉर्ड तोड़ते हुए ऑल-टाइम ब्लॉकबस्टर बनने का गौरव प्राप्त किया।
इस घटना ने यह साबित किया कि उस दौर के सुपरस्टार्स न सिर्फ पर्दे पर अपनी अदाकारी का जादू बिखेरते थे, बल्कि किसी भी विपरीत परिस्थिति में आपसी सम्मान और प्रोफेशनलिज्म की मिसाल भी पेश करते थे। ‘मुकद्दर का सिकंदर’ के सेट पर हुआ यह हादसा आज भी हिंदी सिनेमा के इतिहास के सबसे चर्चित और यादगार किस्सों में शुमार है।
 
Entertainment News Hindi Today
only at Prabhasakshi
  

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *