चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग BRICS शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए भारत आ सकते हैं। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जिनपिंग के बीच द्विपक्षीय बैठक होने की संभावना है। अगर यह बैठक होती है, तो जून 2020 में हुई गलवान हिंसा के बाद दोनों नेताओं की भारत में यह पहली द्विपक्षीय बातचीत होगी। पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में हुई हिंसक झड़प में 20 भारतीय सैनिक शहीद हुए थे। चीन ने बाद में अपने 4 सैनिकों की मौत की बात मानी थी। दोनों देशों ने अभी तक बैठक की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। जिनपिंग आखिरी बार 2019 में भारत आए थे। शी की यात्रा से पहले दोनों देशों में बढ़ी बातचीत शी जिनपिंग की भारत यात्रा से पहले दोनों देशों के बीच बातचीत बढ़ी है। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल 24 अगस्त को चीन गए थे। वहां 25 अगस्त को उन्होंने चीनी विदेश मंत्री वांग यी के साथ सीमा विवाद समेत कई मुद्दों पर बातचीत की थी। व्यापार और जरूरी सामान की सप्लाई भी एजेंडे में भारत और चीन के बीच सिर्फ सीमा विवाद ही नहीं, बल्कि व्यापार और आर्थिक रिश्ते भी बातचीत का हिस्सा हैं। भारत चीन के साथ अपने बड़े व्यापार घाटे को कम करना चाहता है। इसके अलावा रेयर अर्थ मैगनेट और इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट जैसे जरूरी सामान की सप्लाई को लेकर भी भारत अपनी निर्भरता कम करने की कोशिश कर रहा है। BRICS समिट की अध्यक्षता कर रहा है भारत इस साल BRICS की कमान भारत के पास है। BRICS दुनिया की बड़ी उभरती अर्थव्यवस्थाओं का समूह है। इसमें भारत, रूस, चीन, ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका के साथ मिस्र, ईरान, इथियोपिया, UAE और इंडोनेशिया भी शामिल हैं। भारत की अध्यक्षता में पूरे साल अलग-अलग शहरों में बैठकें, मंत्रीस्तरीय सम्मेलन और कई स्तर की चर्चाएं हो रही हैं। भारत का फोकस ग्लोबल साउथ की आवाज मजबूत करने, आर्थिक सहयोग, ऊर्जा सुरक्षा, डिजिटल तकनीक, आतंकवाद से निपटने और सप्लाई चेन मजबूत करने पर है। यानी BRICS को सिर्फ राजनीतिक मंच नहीं, बल्कि व्यापार, निवेश और विकास के बड़े मंच के तौर पर आगे बढ़ाने की कोशिश है। ———————— ये खबर भी पढ़ें… रूसी राष्ट्रपति पुतिन BRICS समिट के लिए भारत आएंगे:11 सितंबर को PM मोदी के साथ मीटिंग रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन BRICS समिट में शामिल होने के लिए भारत आएंगे। पूरी खबर पढ़ें…
BRICS के लिए भारत आ सकते हैं चीनी राष्ट्रपति जिनपिंग:गलवान हिंसा के बाद भारत में पहली द्विपक्षीय बैठक करेंगे

