BSP सुप्रीमो Mayawati का बड़ा फैसला! Akash Anand को किया पार्टी से निष्कासित, रिश्तेदारी और रीपोस्ट न करने पर जताई नाराजगी

BSP सुप्रीमो Mayawati का बड़ा फैसला! Akash Anand को किया पार्टी से निष्कासित, रिश्तेदारी और रीपोस्ट न करने पर जताई नाराजगी
बहुजन समाज पार्टी (BSP) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने एक बड़ा राजनीतिक कदम उठाते हुए अपने भतीजे आकाश आनंद को पार्टी से पूरी तरह निष्कासित कर दिया है। 3 सितंबर, 2026 को नेशनल कोऑर्डिनेटर के पद से हटाए जाने के ठीक एक हफ्ते बाद यह कार्रवाई की गई है। मायावती ने साफ शब्दों में कहा कि आकाश को पार्टी आंदोलन और अपने करियर की तुलना में अपने रिश्तेदारों से लगाव की ज्यादा चिंता है। 
 

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मायावती ने X पर लिखा कि आकाश आनंद को अपने करियर और पार्टी के हितों की कम और अपने रिश्तों की ज़्यादा चिंता है। उन्होंने कहा कि आकाश ने BSP प्रमुख के सोशल मीडिया अकाउंट (X) की पोस्ट को रीपोस्ट नहीं किया। पार्टी ने आकाश आनंद और अशोक सिद्धार्थ को ज़मीन से उठाकर ऊँचे ओहदे तक पहुँचाया था। उन्होंने कहा कि आकाश आनंद को पार्टी से पूरी तरह मुक्त कर दिया गया है।
मायावती ने आगे कहा कि अगर आकाश आनंद को पार्टी और आंदोलन के असली हितों और उससे जुड़े अपने करियर की कम चिंता है, और रिश्तों व नाते-रिश्तेदारों से लगाव की ज़्यादा चिंता है, तो यह सवाल उठना स्वाभाविक है: दोहरी सोच वाला आकाश आनंद BSP पार्टी और आंदोलन का भला कैसे कर सकता है?
 

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उन्होंने कहा, “इसलिए, पार्टी सदस्यों को यह बेहतर लगा कि जिस तरह उन्हें 3 सितंबर, 2026 को राष्ट्रीय समन्वयक (नेशनल कोऑर्डिनेटर) जैसे बेहद अहम पद की सभी ज़िम्मेदारियों से मुक्त किया गया था, उसी तरह अब उन्हें आज से पार्टी से पूरी तरह मुक्त (स्वतंत्र) कर दिया जाए। इस तरह, अगर श्री आकाश आनंद अब पार्टी में स्वतंत्र रहना चाहते हैं, तो वे स्वतंत्र हैं—यानी इस मामले में उन्हें पार्टी से पूरी तरह मुक्त कर दिया गया है।”
उन्होंने कहा, “आखिर में, यह कहना ज़रूरी है कि BSP के सभी सदस्यों को पूरी लगन और तन-मन-धन से उस संघर्ष में जुटे रहना चाहिए जिससे UP में एक बार फिर ‘सर्वजन हिताय सर्वजन सुखाय’ के तहत बेहतरीन कानून-व्यवस्था और ज़बरदस्त विकास वाला पूर्ण बहुमत का मज़बूत शासन स्थापित हो सके। इसके लिए विरोधियों की हर तरह की चालों—जैसे साम, दाम, दंड, भेद आदि—का डटकर सामना करना होगा। यही एकमात्र सर्वोच्च लक्ष्य है।” 
 
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