भोपाल, नौ सितंबर दुबई दौरे से लौटे मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बुधवार को अपने सभी कार्यक्रम स्थगित कर सागर जिले का दौरा किया जिले में जहरीली शराब त्रासदी के पीड़ित मरीजों से अस्पताल में मिलकर उनका कुशलक्षेम जाना तथा चिकित्सकों को उनके बेहतर उपचार के निर्देश दिए। सागर में जहरीली शराब के सेवन से अब तक 15 लोगों की मौत हो चुकी है। अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री ने इस मामले में कड़ा रुख अख्तियार करते हुए पूरे मामले की न्यायिक जांच के आदेश दिए ताकि निष्पक्ष जांच के साथ तथ्यों और जिम्मेदारियों का स्पष्ट निर्धारण हो सके।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर दिलीप कुमार ने सागर संभाग के आयुक्त के रूप में कमान संभाल ली है जबकि इरशाद वली को सागर संभाग की पुलिस की जिम्मेदारी सौंपते हुए महानिरीक्षक (आईजी) बनाया गया है। अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री का मानना है कि गंभीर मामलों में लापरवाही अथवा अनियमितता को किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यादव ने आमजन की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए कहा कि कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों में लापरवाही पाए जाने पर जवाबदेही तय की जाएगी और दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि मुख्यमंत्री यादव ने सागर जिले के बंडा-शाहगढ़ क्षेत्र में अवैध शराब से लोगों की मौत के मामले में कठोरतापूवर्क कार्रवाई सुनिश्चित किए जाने की बात कही। उन्होंने कहा, ‘‘किसी भी दोषी को छोड़ा नहीं जाए। जिले में नशा मुक्ति अभियान भी चलाया जाए जिससे ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
उन्होंने मृतकों के प्रति अपनी शोक संवेदना भी व्यक्त की।’’
यादव ने सागर के बुन्देलखंड मेडिकल चिकित्सा महाविद्यालय के सभागार में जनप्रतिनिधियों, पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों की बैठक में कानून-व्यवस्था पूरी तरह चाक-चौबंद रखने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राज्य शासन अपराध और असामाजिक गतिविधियों के प्रति शून्य सहिष्णुता की नीति पर काम कर रहा है। मुख्यमंत्री यादव ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि जिले के साथ-साथ आस-पास और सीमावर्ती क्षेत्रों में गहन जांच अभियान चलाया जाए।
उन्होंने कहा जहां कहीं भी शंका या संदिग्ध गतिविधि की गुंजाइश हो, वहां तत्परता से पड़ताल की जाए और सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाए। यादव ने अधिकारियों को कहा कि पूरी प्रक्रिया में निष्पक्षता और पारदर्शिता बनाए रखना अनिवार्य है। उन्होंने शांति एवं सौहार्द बिगाड़ने की मंशा से सोशल मीडिया या अन्य विभिन्न माध्यमों पर अनावश्यक अफवाह फैलाने वाले तत्वों पर पैनी नजर रखने और उनके खिलाफ कठोर दंडात्मक कदम उठाने के निर्देश भी दिए।

