हाईकोर्ट ने PWD प्रमुख सचिव को तलब किया:वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में नहीं जुड़े, 14 सितंबर को व्यक्तिगत पेशी का आदेश

हाईकोर्ट ने PWD प्रमुख सचिव को तलब किया:वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में नहीं जुड़े, 14 सितंबर को व्यक्तिगत पेशी का आदेश

गोंडा की 21 किलोमीटर लंबी खराब सड़क का मामला अब पीडब्ल्यूडी के प्रमुख सचिव की व्यक्तिगत पेशी तक पहुंच गया है। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने उनके वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुनवाई में शामिल न होने को गंभीरता से लिया है। न्यायालय ने प्रमुख सचिव को 14 सितंबर को खुद कोर्ट में हाजिर होने का निर्देश दिया है। न्यायमूर्ति आलोक माथुर और न्यायमूर्ति अमिताभ कुमार राय की खंडपीठ ने यह आदेश महेंद्र कुमार त्रिपाठी की जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया। न्यायालय ने 10 अगस्त को प्रमुख सचिव से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश होकर यह बताने को कहा था कि सड़क की मरम्मत और चौड़ीकरण के लिए भेजे गए वित्तीय मंजूरी के प्रस्ताव पर कब तक फैसला होगा। हालांकि, तय आदेश के बावजूद वे सुनवाई में शामिल नहीं हुए। चीफ इंजीनियर से सड़क की फोटो मंगवाई थीं याचिका में गोंडा की करीब 21 किलोमीटर लंबी एमडीआर सड़क की खराब हालत का मुद्दा उठाया गया है। बताया गया कि सड़क की मौजूदा चौड़ाई करीब तीन मीटर है और इसे सात मीटर तक चौड़ा करने का प्रस्ताव है। याचिकाकर्ता के अनुसार, सड़क की हालत इतनी खराब है कि लोगों का आना-जाना तक मुश्किल हो गया है। इस मामले में न्यायालय ने 28 जनवरी को गोंडा के मुख्य अभियंता को मौके का निरीक्षण कर रिपोर्ट और सड़क की तस्वीरें पेश करने का आदेश दिया था। 13 फरवरी की रिपोर्ट में बताया गया कि सड़क की मरम्मत और निर्माण के लिए वित्तीय मंजूरी का प्रस्ताव 19 दिसंबर 2025 को राज्य सरकार को भेजा जा चुका है, लेकिन उसे मंजूरी नहीं मिली थी। इसके बाद न्यायालय ने 10 अगस्त को पीडब्ल्यूडी के अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़ने का आदेश दिया था। उन्हें वित्तीय मंजूरी में हो रही देरी और प्रस्ताव पर निर्णय की संभावित समयसीमा बतानी थी। आदेश का पालन नहीं होने पर कोर्ट ने अब प्रमुख सचिव को व्यक्तिगत रूप से तलब किया है।

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