कैमूर समाहरणालय में उप विकास आयुक्त की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए एक समीक्षा बैठक हुई। इसमें जिले के सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी और प्रखंड स्वच्छता समन्वयक मौजूद थे। बैठक का मकसद स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) और लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान के तहत खुले में शौच मुक्त (ODF) की स्थिति बनाए रखना था। साथ ही, ठोस और तरल कचरा प्रबंधन (SLWM) को ठीक से लागू करना भी इसका उद्देश्य था। कचरे को सही तरीके से अलग करने पर फोकस उप विकास आयुक्त ने निर्देश दिए कि जिले के बचे हुए घरों, खासकर महादलित टोलों को पहचान कर प्राथमिकता के आधार पर शौचालय बनाए जाएं। जिन परिवारों में शौचालय बन चुके हैं, उन्हें उनके नियमित इस्तेमाल के लिए प्रेरित करने को भी कहा गया। इसके अलावा, घर-घर से कचरा उठाने की व्यवस्था को मजबूत करने और वेस्ट प्रोसेसिंग यूनिट (WPU) पर कचरे को सही तरीके से अलग-अलग करने पर जोर दिया गया। अधिकारियों को योजनाओं का नियमित मौके पर जाकर निरीक्षण करने, GPIC और WIMC को सक्रिय करने और हर महीने प्रगति समीक्षा बैठक कर रिपोर्ट भेजने के कड़े निर्देश दिए गए। कैमूर समाहरणालय में उप विकास आयुक्त की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए एक समीक्षा बैठक हुई। इसमें जिले के सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी और प्रखंड स्वच्छता समन्वयक मौजूद थे। बैठक का मकसद स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) और लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान के तहत खुले में शौच मुक्त (ODF) की स्थिति बनाए रखना था। साथ ही, ठोस और तरल कचरा प्रबंधन (SLWM) को ठीक से लागू करना भी इसका उद्देश्य था। कचरे को सही तरीके से अलग करने पर फोकस उप विकास आयुक्त ने निर्देश दिए कि जिले के बचे हुए घरों, खासकर महादलित टोलों को पहचान कर प्राथमिकता के आधार पर शौचालय बनाए जाएं। जिन परिवारों में शौचालय बन चुके हैं, उन्हें उनके नियमित इस्तेमाल के लिए प्रेरित करने को भी कहा गया। इसके अलावा, घर-घर से कचरा उठाने की व्यवस्था को मजबूत करने और वेस्ट प्रोसेसिंग यूनिट (WPU) पर कचरे को सही तरीके से अलग-अलग करने पर जोर दिया गया। अधिकारियों को योजनाओं का नियमित मौके पर जाकर निरीक्षण करने, GPIC और WIMC को सक्रिय करने और हर महीने प्रगति समीक्षा बैठक कर रिपोर्ट भेजने के कड़े निर्देश दिए गए।

