देवास के पीएम कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस में बीए फर्स्ट ईयर के हिंदी साहित्य विषय के परीक्षा परिणाम को लेकर बुधवार को विद्यार्थियों ने आपत्ति जताई है। 52 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी थी, जिनमें से सिर्फ 3 विद्यार्थी पास हुए। बाकी विद्यार्थियों के परिणाम में सप्लीमेंट्री आई है। विद्यार्थियों ने उत्तरपुस्तिकाओं की दोबारा जांच की मांग को लेकर उज्जैन में विक्रम विश्वविद्यालय के कुलपति को ज्ञापन सौंपा। एनएसयूआई के जिला उपाध्यक्ष कुंवर प्रिंस घोरप्रतापी की अगुवाई में छात्र-छात्राएं कुलपति से मिलने पहुंचे। विद्यार्थियों ने कहा कि हिंदी साहित्य के अलावा दूसरे विषयों के परिणाम में भी कई छात्रों को सप्लीमेंट्री मिली है। उन्होंने परिणाम की दोबारा जांच कराने की मांग की। विद्यार्थियों का कहना है कि उत्तरपुस्तिकाओं की सही जांच होने से परिणाम को लेकर स्थिति स्पष्ट होगी। उन्होंने प्रभावित विद्यार्थियों की निशुल्क रीचेकिंग कराने की मांग रखी। ग्रामीण इलाकों से आते हैं विद्यार्थी एनएसयूआई जिला उपाध्यक्ष ने बताया कि कुछ समय पहले बीकॉम फर्स्ट ईयर के परीक्षा परिणाम को लेकर भी विद्यार्थियों को परेशानी हुई थी। कॉलेज स्तर पर कई बार ज्ञापन देने के बाद भी समाधान नहीं होने पर विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय पहुंचकर अपनी बात रखनी पड़ी थी। उन्होंने कहा कि ज्यादातर विद्यार्थी ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों से आते हैं। ऐसे में कॉलेज और विश्वविद्यालय आने-जाने में उनका अतिरिक्त खर्च हो रहा है। परिणाम की समस्या को लेकर विद्यार्थी परेशान हैं। 18 से 25 सितंबर तक निशुल्क रीचेकिंग विद्यार्थियों ने मांग की कि प्रभावित सभी विद्यार्थियों की निशुल्क रीचेकिंग कराई जाए। यदि जांच में किसी तरह की गड़बड़ी सामने आती है तो परिणाम में सुधार किया जाए। ज्ञापन के बाद विश्वविद्यालय अधिकारियों ने विद्यार्थियों को समस्या के जल्द समाधान का भरोसा दिया। अधिकारियों के अनुसार, 18 से 25 सितंबर के बीच निशुल्क रीचेकिंग की प्रक्रिया कराई जाएगी। विद्यार्थियों से घबराने की जरूरत नहीं होने की बात भी कही गई। इस दौरान राहुल ठाकुर, अधिवक्ता जयंत सिंह, अधिवक्ता संजय कुसुमरिया, अमित आजाद, आदित्य शर्मा, युवराज आमोद सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।

