किशनगंज सदर अस्पताल परिसर में बने एएनएम हॉस्टल में मंगलवार को शॉर्ट सर्किट हो गया। इससे हॉस्टल में अफरा-तफरी मच गई। छात्राएं घबराकर अपने कमरों से बाहर आ गईं और हॉस्टल भवन के नीचे जमा हो गईं। समय पर बिजली बंद कर देने से एक बड़ा हादसा टल गया। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि हॉस्टल के एक हिस्से से अचानक चिंगारी निकलने लगी और जलने की गंध आई। छात्राओं ने तुरंत इसकी जानकारी हॉस्टल प्रबंधन और अस्पताल प्रशासन को दी। सूचना मिलते ही बिजली विभाग के कर्मचारी और अस्पताल के लोग मौके पर पहुंचे। उन्होंने तुरंत मुख्य बिजली लाइन बंद कर दी। बिजली कटने के बाद हालात काबू में आ गए। हालांकि, इस घटना से छात्राओं में काफी डर और दहशत का माहौल रहा। कई छात्राएं अपना जरूरी सामान लेकर हॉस्टल से बाहर आ गई थीं। घटना के कारण कुछ देर तक हॉस्टल में बिजली सप्लाई ठप रही। बिजली की वायरिंग में खराबी से हुआ शॉर्ट सर्किट अस्पताल प्रशासन ने बताया कि शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट की वजह बिजली की वायरिंग में तकनीकी खराबी लग रही है। मामले की जांच की जा रही है और जरूरी मरम्मत का काम भी कराया जा रहा है। प्रशासन ने राहत की खबर देते हुए कहा कि घटना में किसी छात्रा को चोट नहीं लगी है और न ही कोई बड़ा नुकसान हुआ है। घटना के बाद हॉस्टल की बिजली व्यवस्था की भी जांच शुरू कर दी गई है। इसका मकसद यह है कि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों। किशनगंज सदर अस्पताल परिसर में बने एएनएम हॉस्टल में मंगलवार को शॉर्ट सर्किट हो गया। इससे हॉस्टल में अफरा-तफरी मच गई। छात्राएं घबराकर अपने कमरों से बाहर आ गईं और हॉस्टल भवन के नीचे जमा हो गईं। समय पर बिजली बंद कर देने से एक बड़ा हादसा टल गया। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि हॉस्टल के एक हिस्से से अचानक चिंगारी निकलने लगी और जलने की गंध आई। छात्राओं ने तुरंत इसकी जानकारी हॉस्टल प्रबंधन और अस्पताल प्रशासन को दी। सूचना मिलते ही बिजली विभाग के कर्मचारी और अस्पताल के लोग मौके पर पहुंचे। उन्होंने तुरंत मुख्य बिजली लाइन बंद कर दी। बिजली कटने के बाद हालात काबू में आ गए। हालांकि, इस घटना से छात्राओं में काफी डर और दहशत का माहौल रहा। कई छात्राएं अपना जरूरी सामान लेकर हॉस्टल से बाहर आ गई थीं। घटना के कारण कुछ देर तक हॉस्टल में बिजली सप्लाई ठप रही। बिजली की वायरिंग में खराबी से हुआ शॉर्ट सर्किट अस्पताल प्रशासन ने बताया कि शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट की वजह बिजली की वायरिंग में तकनीकी खराबी लग रही है। मामले की जांच की जा रही है और जरूरी मरम्मत का काम भी कराया जा रहा है। प्रशासन ने राहत की खबर देते हुए कहा कि घटना में किसी छात्रा को चोट नहीं लगी है और न ही कोई बड़ा नुकसान हुआ है। घटना के बाद हॉस्टल की बिजली व्यवस्था की भी जांच शुरू कर दी गई है। इसका मकसद यह है कि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।

