चिड़ियाघर में पिंजरे की जालियां तोड़कर मंगलवार सुबह एक मादा पैंथर सीबी गार्डन में घुस गई। इसकी सूचना मिलते ही वन विभाग में हड़कंप मच गया। वन विभाग की टीम दो दिन पहले ही रणथंभौर से रेस्क्यू करके पैंथर को कोटा लाई थी और नयापुरा स्थित पुराने चिड़ियाघर में देखरेख के लिए रखा था। पैंथर वन विभाग की सुरक्षा व्यवस्थाओं को धता बताते हुए पिंजरे की जालियां तोड़कर सीबी गार्डन में पहुंच गई। सीबी गार्डन में प्रतिदिन करीब 4 से 5 हजार लोग मॉर्निंग वॉक के लिए आते हैं। गनीमत रही कि पैंथर ने किसी को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया।
जानकारी के अनुसार सीबी गार्डन में सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब मॉर्निंग वॉक पर आए लोगों को गार्डन में पैंथर नजर आया। पैंथर को देखते ही लोगों में दहशत फैल गई। लोगों ने तत्काल वन विभाग को सूचना दी। सूचना पर वन विभाग के अधिकारी और रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। टीम ने सुरक्षा के लिहाज से सीबी गार्डन में मौजूद लोगों को बाहर निकालकर गेट बंद करवा दिए। इसके बाद पैंथर की तलाश शुरू की गई। शोर-शराबा होने पर पैंथर करीब 50 फीट ऊंचे जामुन के पेड़ पर चढ़कर टहनियों के बीच जा बैठा।
पैंथर को सुरक्षित रेस्क्यू करने के लिए क्रेन मंगवाई गई।करीब ढाई घंटे की मशक्कत के बाद वन्यजीव विभाग के चिकित्सक डॉ. त्रिलोक गोचर और मुकुन्दरा हिल्स टाइगर रिजर्व के डॉ. अखिलेश पाण्डेय ने पैंथर को ट्रंकुलाइज कर काबू में लिया। ट्रंकुलाइज करने से पहले पेड़ के नीचे जाल भी लगाया गया, ताकि नीचे गिरने की स्थिति में पैंथर को किसी तरह की चोट न पहुंचे। विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार पैंथर मादा है और उसकी उम्र करीब ढाई से तीन वर्ष है।
अधिकारी और 50 से अधिक वनकर्मी रहे मौके पर
रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान सीसीएफ टी. मोहन राज, उपवन संरक्षक प्रमोद धाकड़ सहित वन विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। वन विभाग के उपवन संरक्षक कार्यालय, वन्यजीव मंडल और मुकुन्दरा रिजर्व की टीम समेत 50 से अधिक वनकर्मी मौके पर तैनात रहे। पुलिस और प्रशासन के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। वनकर्मियों के साथ पुलिसकर्मियों ने सुरक्षा व्यवस्था संभाली।
सुबह 10.35 बजे ट्रंकुलाइज कर काबू में लिया
सूचना मिलते ही सुबह करीब 7.30 बजे वन विभाग की टीम सीबी गार्डन पहुंच गई। चिकित्सकों और अधिकारियों के पहुंचने के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद सुबह 10.35 बजे पैंथर को सफलतापूर्वक ट्रंकुलाइज कर काबू में ले लिया गया। वनकर्मी वीरेन्द्र सिंह और रेस्क्यूअर आसिफ के अनुसार पैंथर काफी ऊंचाई पर पेड़ की टहनियों के बीच बैठी थी, जिससे रेस्क्यू करना मुश्किल था। हालांकि, टीम ने सावधानीपूर्वक ऑपरेशन चलाकर पैंथर को सफलतापूर्वक रेस्क्यू कर लिया।
हर किसी की नजर पैंथर पर
पैंथर के रेस्क्यू के दौरान मौके पर मौजूद लोगों में भय और कौतूहल दोनों नजर आए। जिसे भी पैंथर के गार्डन में होने की जानकारी मिली, वह गार्डन के बाहर रुक गया और अंदर चल रही गतिविधियों को देखने लगा। पैंथर अग्रसेन चौराहा क्षेत्र की ओर पेड़ पर बैठा था। ऐसे में लोग उसे देखने की कोशिश करते रहे। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को कई बार लोगों को पीछे हटाना पड़ा।
शहर के बीच रेस्क्यू करना था चुनौती
सीसीएफ टी. मोहन राज ने बताया कि शहर के मध्य और भीड़भाड़ वाले इलाके में पैंथर को पकड़ना चुनौतीपूर्ण था। पुलिस, प्रशासन और अन्य सभी के सहयोग से पैंथर का सुरक्षित रेस्क्यू किया गया। पैंथर कहां से आया और गार्डन तक कैसे पहुंचा, इस बारे में फिलहाल कुछ नहीं कहा जा सकता। अभी पैंथर को अभेड़ा बायोलॉजिकल पार्क में रखा जाएगा और उसके स्वास्थ्य पर निगरानी रखी जाएगी।

