मधुबनी में बिना जांच शिकायत बंद करने पर उठे सवाल:आवेदक ने पोर्टल पर आपत्ति दर्ज कर दोबारा जांच की मांग की

मधुबनी में बिना जांच शिकायत बंद करने पर उठे सवाल:आवेदक ने पोर्टल पर आपत्ति दर्ज कर दोबारा जांच की मांग की

मधुबनी जिले के बासोपट्टी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में कथित गड़बड़ी की शिकायत को बिना जांच के बंद कर दिया गया है। आवेदक से कोई जानकारी लिए बिना और मौके पर जांच की सूचना दिए बिना ही शिकायत को निपटा दिया गया। विभाग ने सहयोग पोर्टल पर जांच रिपोर्ट अपलोड कर शिकायत को बंद कर दिया। इसके बाद शिकायतकर्ता ने पोर्टल पर ही आपत्ति दर्ज कराई है। उन्होंने शिकायत निपटाने की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए मामले की दोबारा निष्पक्ष जांच की मांग की है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि स्वास्थ्य केंद्र में गड़बड़ी की सच्चाई जाने बिना ही मामले को खत्म कर दिया गया। कार्रवाई साफ की जानी चाहिए उनका कहना है कि शिकायत के बारे में न तो उनसे कोई जानकारी ली गई और न ही उन्हें मौके पर जांच की खबर मिली। शिकायतकर्ता ने सहयोग पोर्टल पर दर्ज आपत्ति में पूरे मामले की फिर से निष्पक्ष जांच कराने को कहा है। उन्होंने बिना जांच शिकायत बंद करने की प्रक्रिया की समीक्षा की भी मांग की है। उनका कहना है कि अगर विभाग ने मौके पर जांच की है, तो जांच रिपोर्ट के तथ्य और की गई कार्रवाई साफ की जानी चाहिए। यह मामला सामने आने के बाद शिकायत निपटाने की प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं। रिपोर्ट के आधार पर ही खत्म किया जाता है शिकायत लोगों का कहना है कि ऑनलाइन शिकायत पोर्टल का मकसद शिकायतों का पारदर्शी और समय पर समाधान करना है। ऐसे में शिकायतकर्ता की आपत्ति के बाद मामले की दोबारा जांच से स्थिति साफ हो सकती है। इस संबंध में सिविल सर्जन डॉ. हरेंद्र कुमार ने बताया कि मिली जांच रिपोर्ट के आधार पर ही शिकायत को खत्म किया जाता है। शिकायतकर्ता को जांच की सूचना देने के बारे में उन्होंने कहा कि यह जरूरी नहीं है। अब शिकायतकर्ता की आपत्ति के बाद मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है, यह देखना होगा। मधुबनी जिले के बासोपट्टी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में कथित गड़बड़ी की शिकायत को बिना जांच के बंद कर दिया गया है। आवेदक से कोई जानकारी लिए बिना और मौके पर जांच की सूचना दिए बिना ही शिकायत को निपटा दिया गया। विभाग ने सहयोग पोर्टल पर जांच रिपोर्ट अपलोड कर शिकायत को बंद कर दिया। इसके बाद शिकायतकर्ता ने पोर्टल पर ही आपत्ति दर्ज कराई है। उन्होंने शिकायत निपटाने की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए मामले की दोबारा निष्पक्ष जांच की मांग की है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि स्वास्थ्य केंद्र में गड़बड़ी की सच्चाई जाने बिना ही मामले को खत्म कर दिया गया। कार्रवाई साफ की जानी चाहिए उनका कहना है कि शिकायत के बारे में न तो उनसे कोई जानकारी ली गई और न ही उन्हें मौके पर जांच की खबर मिली। शिकायतकर्ता ने सहयोग पोर्टल पर दर्ज आपत्ति में पूरे मामले की फिर से निष्पक्ष जांच कराने को कहा है। उन्होंने बिना जांच शिकायत बंद करने की प्रक्रिया की समीक्षा की भी मांग की है। उनका कहना है कि अगर विभाग ने मौके पर जांच की है, तो जांच रिपोर्ट के तथ्य और की गई कार्रवाई साफ की जानी चाहिए। यह मामला सामने आने के बाद शिकायत निपटाने की प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं। रिपोर्ट के आधार पर ही खत्म किया जाता है शिकायत लोगों का कहना है कि ऑनलाइन शिकायत पोर्टल का मकसद शिकायतों का पारदर्शी और समय पर समाधान करना है। ऐसे में शिकायतकर्ता की आपत्ति के बाद मामले की दोबारा जांच से स्थिति साफ हो सकती है। इस संबंध में सिविल सर्जन डॉ. हरेंद्र कुमार ने बताया कि मिली जांच रिपोर्ट के आधार पर ही शिकायत को खत्म किया जाता है। शिकायतकर्ता को जांच की सूचना देने के बारे में उन्होंने कहा कि यह जरूरी नहीं है। अब शिकायतकर्ता की आपत्ति के बाद मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है, यह देखना होगा।  

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