सहरसा जिले के सोनवर्षा कचहरी थाना क्षेत्र के दिवारी गांव निवासी 30 वर्षीय चालक रूपेश कुमार की बांका जिले के चंदन थाना क्षेत्र में अज्ञात अपराधियों ने चाकू मारकर हत्या कर दी। सोमवार को उसका शव रेलवे पटरी के किनारे मिला। मंगलवार को शव गांव पहुंचा तो परिजनों में मातम छा गया। परिजनों ने गांव के ही एक व्यक्ति पर हत्या की साजिश रचने का आरोप लगाया है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, दिवारी गांव निवासी मणिकांत यादव का बेटा रूपेश कुमार गाड़ी चलाकर अपने परिवार का गुजारा करता था। रविवार तड़के करीब तीन बजे वह बसौना निवासी एक रिटायर्ड इंजीनियर को चारपहिया वाहन से देवघर छोड़ने गया था। उन्हें वहां छोड़कर रूपेश किसी दूसरी गाड़ी से घर लौट रहा था। परिजनों ने बताया कि रास्ते में उसने फोन कर घर आने की जानकारी दी थी, लेकिन कुछ देर बाद ही उसका मोबाइल अचानक बंद हो गया। मोबाइल की आखिरी लोकेशन बांका में मिली रूपेश से संपर्क न होने पर अनहोनी की आशंका से परिजन सोनवर्षा कचहरी थाना पहुंचे। पुलिस की टेक्निकल टीम की मदद से रूपेश के मोबाइल की आखिरी लोकेशन बांका जिले के चंदन थाना क्षेत्र की निकली। परिजन तुरंत मौके पर पहुंचे, जहां रेलवे ट्रैक के किनारे रूपेश का खून से लथपथ शव पड़ा था। उसके शरीर पर चाकू से कई वार के गहरे निशान थे। स्थानीय पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया। दो बच्चों के सिर से उठा पिता का साया मृतक रूपेश अपने दो भाइयों में बड़ा और परिवार का इकलौता कमाने वाला था। वह अपने पीछे पत्नी, सात साल की बेटी और चार साल के छोटे बेटे को छोड़ गया है। मंगलवार को जैसे ही उसका शव गांव पहुंचा, परिजनों के रोने-धोने से गांव में दुख का माहौल बन गया। परिजनों ने गांव के ही अनिल वर्मा पर हत्या में शामिल होने का आरोप लगाते हुए उच्चस्तरीय जांच और गिरफ्तारी की मांग की है। CCTV और तकनीकी साक्ष्यों से जांच बांका जिले चंदन थानाध्यक्ष रवि कुमार, ने बताया कि घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच जारी है। परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों सहित सभी बिंदुओं पर गहराई से पड़ताल की जा रही है। जल्द ही मामले का खुलासा कर दोषियों को सलाखों के पीछे भेजा जाएगा। सहरसा जिले के सोनवर्षा कचहरी थाना क्षेत्र के दिवारी गांव निवासी 30 वर्षीय चालक रूपेश कुमार की बांका जिले के चंदन थाना क्षेत्र में अज्ञात अपराधियों ने चाकू मारकर हत्या कर दी। सोमवार को उसका शव रेलवे पटरी के किनारे मिला। मंगलवार को शव गांव पहुंचा तो परिजनों में मातम छा गया। परिजनों ने गांव के ही एक व्यक्ति पर हत्या की साजिश रचने का आरोप लगाया है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, दिवारी गांव निवासी मणिकांत यादव का बेटा रूपेश कुमार गाड़ी चलाकर अपने परिवार का गुजारा करता था। रविवार तड़के करीब तीन बजे वह बसौना निवासी एक रिटायर्ड इंजीनियर को चारपहिया वाहन से देवघर छोड़ने गया था। उन्हें वहां छोड़कर रूपेश किसी दूसरी गाड़ी से घर लौट रहा था। परिजनों ने बताया कि रास्ते में उसने फोन कर घर आने की जानकारी दी थी, लेकिन कुछ देर बाद ही उसका मोबाइल अचानक बंद हो गया। मोबाइल की आखिरी लोकेशन बांका में मिली रूपेश से संपर्क न होने पर अनहोनी की आशंका से परिजन सोनवर्षा कचहरी थाना पहुंचे। पुलिस की टेक्निकल टीम की मदद से रूपेश के मोबाइल की आखिरी लोकेशन बांका जिले के चंदन थाना क्षेत्र की निकली। परिजन तुरंत मौके पर पहुंचे, जहां रेलवे ट्रैक के किनारे रूपेश का खून से लथपथ शव पड़ा था। उसके शरीर पर चाकू से कई वार के गहरे निशान थे। स्थानीय पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया। दो बच्चों के सिर से उठा पिता का साया मृतक रूपेश अपने दो भाइयों में बड़ा और परिवार का इकलौता कमाने वाला था। वह अपने पीछे पत्नी, सात साल की बेटी और चार साल के छोटे बेटे को छोड़ गया है। मंगलवार को जैसे ही उसका शव गांव पहुंचा, परिजनों के रोने-धोने से गांव में दुख का माहौल बन गया। परिजनों ने गांव के ही अनिल वर्मा पर हत्या में शामिल होने का आरोप लगाते हुए उच्चस्तरीय जांच और गिरफ्तारी की मांग की है। CCTV और तकनीकी साक्ष्यों से जांच बांका जिले चंदन थानाध्यक्ष रवि कुमार, ने बताया कि घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच जारी है। परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों सहित सभी बिंदुओं पर गहराई से पड़ताल की जा रही है। जल्द ही मामले का खुलासा कर दोषियों को सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।

