समस्तीपुर में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) के कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया। उन्होंने स्नातक प्रथम सेमेस्टर (सत्र 2026-30) में मेजर विषय के चयन और एडमिशन से जुड़ी समस्याओं के समाधान की मांग की। समस्तीपुर नगर इकाई के कार्यकर्ताओं ने बलिराम भगत महाविद्यालय के मुख्य द्वार पर ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के कुलपति का पुतला फूंका। इस कार्यक्रम की अगुवाई नगर सह मंत्री प्रिंस कुमार और अमृत झा ने संयुक्त रूप से की। अभाविप कार्यकर्ताओं का कहना था कि विश्वविद्यालय की एडमिशन प्रक्रिया में अव्यवस्था के कारण बड़ी संख्या में विद्यार्थी अपने पसंदीदा मेजर विषय में एडमिशन नहीं ले पा रहे हैं। इससे छात्रों को अपने मनपसंद विषय की पढ़ाई से वंचित होना पड़ रहा है। संगठन ने विश्वविद्यालय प्रशासन से छात्रों के हित में तुरंत दखल देकर समस्या हल करने की मांग की। पसंदीदा मेजर विषय में सीट नहीं मिल रही बताया गया कि ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय ने स्नातक प्रथम सेमेस्टर (सत्र 2026-30) में तीसरे चरण के एडमिशन के बाद खाली सीटों पर ऑनलाइन ऑन-स्पॉट एडमिशन की प्रक्रिया शुरू की है। अभाविप का आरोप है कि कई विद्यार्थियों को उनके पसंदीदा मेजर विषय में सीट नहीं मिल पा रही है, जबकि विश्वविद्यालय के अलग-अलग कॉलेजों में कई अन्य विषयों की सीटें अब भी खाली हैं। कार्यकर्ताओं ने मांग की कि जिन विषयों में उपलब्ध सीटों की तुलना में पहले आवेदन करने वाले विद्यार्थियों की संख्या कम है, वहां नए आवेदन स्वीकार कर एडमिशन का मौका दिया जाए। इस मौके पर अभाविप के प्रांत सहमंत्री अनुपम कुमार झा ने विश्वविद्यालय प्रशासन की एडमिशन व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि छात्रों के हितों को नजरअंदाज कर किसी भी प्रकार की एडमिशन प्रक्रिया नहीं मानी जाएगी। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय की प्रक्रिया के कारण कई विद्यार्थी अपने पसंदीदा विषय में एडमिशन से वंचित होने की स्थिति में हैं। ऐसे में प्रशासन को तत्काल मेजर विषय परिवर्तन की अनुमति देनी चाहिए और रिक्त सीटों वाले विषयों में नए आवेदन स्वीकार करने चाहिए। चेतावनी दी कि यदि विश्वविद्यालय प्रशासन ने जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो विद्यार्थी परिषद आंदोलन को और तेज करेगी। उन्होंने कहा कि छात्र-छात्राओं के भविष्य से जुड़े इस मुद्दे पर संगठन किसी भी स्तर पर संघर्ष करने से पीछे नहीं हटेगा।
मांग पूरी नहीं होने पर आंदोलन तेज करने की धमकी
पुतला दहन के दौरान अभाविप कार्यकर्ताओं ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को तत्काल पूरा करने की आवाज बुलंद की। कार्यकर्ताओं ने कहा कि नामांकन से जुड़ी समस्या का शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को महाविद्यालय और विश्वविद्यालय स्तर तक विस्तारित किया जाएगा। कार्यक्रम में अमृत झा, गुड्डू कुमार, मणिकांत कुमार, सचिन, प्रणव कश्यप, उपलक्ष्य, सोनू, अमन, संदीप, खुशी प्रवीण, अनुपम कुमारी, आराधना, दिव्या, पीयूष, आदित्य सिंह, रमेश कुमार, सोम्या कुमारी, रवि रौशन, शिवम कुमार समेत बड़ी संख्या में अभाविप कार्यकर्ता मौजूद रहे। समस्तीपुर में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) के कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया। उन्होंने स्नातक प्रथम सेमेस्टर (सत्र 2026-30) में मेजर विषय के चयन और एडमिशन से जुड़ी समस्याओं के समाधान की मांग की। समस्तीपुर नगर इकाई के कार्यकर्ताओं ने बलिराम भगत महाविद्यालय के मुख्य द्वार पर ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के कुलपति का पुतला फूंका। इस कार्यक्रम की अगुवाई नगर सह मंत्री प्रिंस कुमार और अमृत झा ने संयुक्त रूप से की। अभाविप कार्यकर्ताओं का कहना था कि विश्वविद्यालय की एडमिशन प्रक्रिया में अव्यवस्था के कारण बड़ी संख्या में विद्यार्थी अपने पसंदीदा मेजर विषय में एडमिशन नहीं ले पा रहे हैं। इससे छात्रों को अपने मनपसंद विषय की पढ़ाई से वंचित होना पड़ रहा है। संगठन ने विश्वविद्यालय प्रशासन से छात्रों के हित में तुरंत दखल देकर समस्या हल करने की मांग की। पसंदीदा मेजर विषय में सीट नहीं मिल रही बताया गया कि ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय ने स्नातक प्रथम सेमेस्टर (सत्र 2026-30) में तीसरे चरण के एडमिशन के बाद खाली सीटों पर ऑनलाइन ऑन-स्पॉट एडमिशन की प्रक्रिया शुरू की है। अभाविप का आरोप है कि कई विद्यार्थियों को उनके पसंदीदा मेजर विषय में सीट नहीं मिल पा रही है, जबकि विश्वविद्यालय के अलग-अलग कॉलेजों में कई अन्य विषयों की सीटें अब भी खाली हैं। कार्यकर्ताओं ने मांग की कि जिन विषयों में उपलब्ध सीटों की तुलना में पहले आवेदन करने वाले विद्यार्थियों की संख्या कम है, वहां नए आवेदन स्वीकार कर एडमिशन का मौका दिया जाए। इस मौके पर अभाविप के प्रांत सहमंत्री अनुपम कुमार झा ने विश्वविद्यालय प्रशासन की एडमिशन व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि छात्रों के हितों को नजरअंदाज कर किसी भी प्रकार की एडमिशन प्रक्रिया नहीं मानी जाएगी। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय की प्रक्रिया के कारण कई विद्यार्थी अपने पसंदीदा विषय में एडमिशन से वंचित होने की स्थिति में हैं। ऐसे में प्रशासन को तत्काल मेजर विषय परिवर्तन की अनुमति देनी चाहिए और रिक्त सीटों वाले विषयों में नए आवेदन स्वीकार करने चाहिए। चेतावनी दी कि यदि विश्वविद्यालय प्रशासन ने जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो विद्यार्थी परिषद आंदोलन को और तेज करेगी। उन्होंने कहा कि छात्र-छात्राओं के भविष्य से जुड़े इस मुद्दे पर संगठन किसी भी स्तर पर संघर्ष करने से पीछे नहीं हटेगा।
मांग पूरी नहीं होने पर आंदोलन तेज करने की धमकी
पुतला दहन के दौरान अभाविप कार्यकर्ताओं ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को तत्काल पूरा करने की आवाज बुलंद की। कार्यकर्ताओं ने कहा कि नामांकन से जुड़ी समस्या का शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को महाविद्यालय और विश्वविद्यालय स्तर तक विस्तारित किया जाएगा। कार्यक्रम में अमृत झा, गुड्डू कुमार, मणिकांत कुमार, सचिन, प्रणव कश्यप, उपलक्ष्य, सोनू, अमन, संदीप, खुशी प्रवीण, अनुपम कुमारी, आराधना, दिव्या, पीयूष, आदित्य सिंह, रमेश कुमार, सोम्या कुमारी, रवि रौशन, शिवम कुमार समेत बड़ी संख्या में अभाविप कार्यकर्ता मौजूद रहे।

