मेरठ, आठ सितंबर उत्तर प्रदेश के मेरठ में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस), भाजपा और बजरंग दल को लेकर सार्वजनिक मंच से आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोप में आजाद समाज पार्टी के नेता बदर अली के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। रेलवे रोड थाना पुलिस ने वायरल वीडियो के आधार पर मामला दर्ज किया है। मामले में अखिल भारतीय हिंदू सुरक्षा संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सचिन सिरोही की ओर से लगातार कार्रवाई की मांग की जा रही थी।
सिरोही ने रविवार को चेतावनी दी थी कि यदि मामला दर्ज नहीं किया गया तो संगठन आंदोलन करेगा। इसके अगले ही दिन सोमवार को पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर ली। उन्होंने बदर अली के खिलाफ पूर्व में दर्ज मामलों का हवाला देते हुए उनकी गिरफ्तारी किए जाने और राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत कार्रवाई की भी मांग की।
मामला एक वायरल वीडियो से जुड़ा है, जो 29 अगस्त को हुई एक सार्वजनिक सभा का बताया जा रहा है। संबंधित वीडियो में बदर अली कथित तौर पर यह कहते दिखाई देते हैं कि उनकी पार्टी के पास न सांसद हैं, न विधायक और न ही पैसे वाले लोग हैं, इसके बावजूद वे शहर और लोगों के लिए लठ लेकर खड़े हैं। इसके बाद वह सभा में मौजूद लोगों से कथित तौर पर कहते हैं कि जिस दिन उन्होंने ताकत दे दी और उनके हाथों को वजूद मिल गया, उस दिन भाजपा, बजरंग दल और आरएसएस से जुड़े लोग कई बार सोचेंगे कि अब किसी टोपी वाले को नहीं मारना है।
वीडियो सामने आने के बाद विवाद शुरू हो गया। सचिन सिरोही ने इसे भड़काऊ बताते हुए आरोप लगाया कि इस तरह की टिप्पणी से सांप्रदायिक टकराव की स्थिति पैदा हो सकती है। सिरोही ने वीडियो के आधार पर पुलिस अधिकारियों से शिकायत कर मामला दर्ज करने की मांग की थी।
उनका कहना है कि शिकायत के बावजूद तत्काल प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई, जिसके बाद उन्होंने मेरठ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बीबी जीटीएस मूर्ति, पुलिस उपमहानिरीक्षक कलानिधि नैथानी समेत कई अधिकारियों से मुलाकात कर कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

