PM Modi का Gujarat से विपक्ष पर निशाना: झूठ की गूंज से सच्चाई नहीं हारेगी, Viksit Bharat की रफ्तार बढ़ी

PM Modi का Gujarat से विपक्ष पर निशाना: झूठ की गूंज से सच्चाई नहीं हारेगी, Viksit Bharat की रफ्तार बढ़ी
मंगलवार को वडोदरा में ‘नमो फॉर विकसित भारत’ कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लोगों की भारी भीड़ ने गर्मजोशी और उत्साह के साथ स्वागत किया। प्रधानमंत्री ने शहर में एक बड़ा कार्यक्रम भी किया और वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (WDFC) के तीन अहम हिस्सों को देश को समर्पित किया। यह भारत के डेडिकेटेड फ्रेट इंफ्रास्ट्रक्चर के एक बड़े चरण के पूरा होने का प्रतीक है। ये तीन हिस्से – साणंद (उत्तर)-मकरपुरा, न्यू उमबरगांव-न्यू सफाले और न्यू सफाले-जवाहरलाल नेहरू पोर्ट टर्मिनल (JNPT) – कुल मिलाकर 326 रूट किलोमीटर में फैले हैं और इन्हें 20,700 करोड़ रुपये से ज़्यादा की लागत से तैयार किया गया है।
 

इसे भी पढ़ें: Dhirendra Shastri पर Bengal BJP का पलटवार, कहा- बाहरी नहीं तय करेंगे बंगाली क्या खाएंगे!

मोदी ने कहा कि देरी का अंदाज़ा इस बात से लगाया जा सकता है कि प्रोजेक्ट के शुरू होने के बाद सात या आठ सालों में फ्रेट कॉरिडोर का एक किलोमीटर भी पूरा नहीं हो पाया था। पीएम मोदी ने कहा कि सच तो यह है कि सात या आठ सालों तक फ्रेट कॉरिडोर का एक किलोमीटर भी पूरा नहीं हुआ। उन्होंने अपनी सरकार के काम की रफ़्तार की तुलना पिछली सरकारों के धीमे कामकाज से करते हुए यह उदाहरण दिया। उन्होंने आगे कहा कि अगर वे देश को उसी तरह चलाते, तो पता नहीं तीन-चार पीढ़ियाँ गुज़र जातीं और फिर भी यह काम नहीं हो पाता।
प्रधानमंत्री मोदी ने 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद इस लंबे समय से अटके हुए प्रोजेक्ट को नई गति देने का श्रेय अपनी सरकार को दिया। गुजरात से दिल्ली तक के अपने राजनीतिक सफर को याद करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य के लोगों से मिले अनुभव और सीख ने केंद्र में कार्यभार संभालने के बाद उनके काम करने के तरीके को आकार दिया। उन्होंने कहा कि 2014 में आपने मुझे दिल्ली भेजा। इस धरती ने मुझे जो सिखाया, उसे लेकर मैं दिल्ली गया। वहां पहुंचकर हमने तुरंत इस काम को गति दी।
मोदी ने कहा कि ये डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर इस बात का साक्षी है कि बीते 12 साल में देश की काम करने की संस्कृति कैसे बदली है। इस डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर पर 2004 में विचार शुरू हुआ था। 2006 में इस काम को करने के लिए एक विशेष कंपनी बनाई गई और फिर 2014 तक फाइलें ही यहां से वहां होती रही। दुर्भाग्य देखिए कि इन फाइलों को भी कोई डेडिकेटेड कॉरिडोर नसीब नहीं हुआ। फाइलें अटकती थी, लटकती थी, भटकती थी।
मोदी ने कहा कि ये फ्रेट कॉरिडोर एक और वजह से कमाल का है। हाल ही में JNPT पोर्ट मुंबई से वडोदरा तक डबल स्टैक कंटेनर मालगाड़ी का संचालन किया गया है। इस मालगाड़ी के चलने से एक बार में ही 250 से अधिक ट्रकों के बराबर का सामान मुंबई से वडोदरा चला आया। अब ये जो नाराज फूफा जी हैं, वो चिल्लाएंगे कि ट्रक वालों का क्या होगा, ट्रक कहा जाएंगे, उनका क्या होगा? अब इन फूफा जी को काम मिल गया है।
 

इसे भी पढ़ें: Rajasthan निकाय चुनाव में Congress को जिताने के लिए Ashok Gehlot ने जनता से की अपील

मोदी ने कहा कि बीते एक दशक में भारत रेल कोच, मेट्रो कोच बनाने का, रेल इंजन बनाने का भी एक बड़ा निर्माता बना है। 2014 के बाद से अब तक भारत ने करीब 50 हजार आधुनिक रेल कोच बनाए हैं। पुरानी सरकार 10 साल में 50 हजार शौचालय नहीं बना सकती थी। उन्होंने कहा कि झूठ की गूंज से भरमाने वाले हर चौराहे पर मिल जाएंगे लेकिन भारत का नौजवान सच की हुंकार से चलता है। सच की हुंकार के साथ चलता है। सच की हुंकार के लिए चलता है। हमारे युवा साथी ये देख रहे हैं कि आज देश में सोलर हो, विंड हो, हाइड्रो हो, न्यूक्लियर हो, सारे सेक्टर पर सरकार कितना फोकस से काम कर रही है। 
 
देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें  National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर। 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *