Eyelid Dermatitis Symptoms: आंखों की पलकों की त्वचा काफी संवेदनशील होती है। मेकअप या स्किन केयर प्रोडक्ट में मौजूद किसी ऐसी चीज के संपर्क में आने से जिससे एलर्जी या जलन हो, पलकों पर डर्मेटाइटिस की समस्या हो सकती है। इसमें लालिमा, खुजली, जलन और सूजन जैसी परेशानी हो सकती है। आइए जानते हैं पलकों पर डर्मेटाइटिस क्यों होता है, इसके लक्षण क्या हैं और इससे बचने के लिए क्या करना चाहिए।
पलकों पर डर्मेटाइटिस क्या है
क्लीवलैंड क्लिनिक (Cleveland Clinic) के अनुसार, पलकों पर डर्मेटाइटिस तब होता है जब आंखों के ऊपर या नीचे की पलकों की त्वचा किसी ऐसे पदार्थ या चीज के संपर्क में आती है जिससे एलर्जी या जलन होती है। इसे आईलिड एक्जिमा, पेरिऑक्युलर डर्मेटाइटिस या पेरिऑर्बिटल डर्मेटाइटिस भी कहा जाता है।
पलकों पर डर्मेटाइटिस के लक्षण
क्लीवलैंड क्लिनिक (Cleveland Clinic) के अनुसार, पलकों पर डर्मेटाइटिस होने पर लाल चकत्ते, चुभन, पपड़ीदार त्वचा, जलन, सूजन, दर्द, खुजली और छाले हो सकते हैं।
पलकों पर डर्मेटाइटिस क्यों होता है
क्लीवलैंड क्लिनिक के अनुसार, पलकों पर डर्मेटाइटिस दो तरह का हो सकता है। एक जलन की वजह से और दूसरा एलर्जी की वजह से। धूल, मेकअप, साबुन, डिटर्जेंट, कुछ रसायन और कुछ धातुएं जलन पैदा कर सकती हैं। वहीं, मॉइस्चराइजर, चेहरे या आंखों की क्रीम, सनस्क्रीन, आई ड्रॉप्स, कॉस्मेटिक, खुशबू वाले उत्पाद, हेयर डाई और कुछ दवाएं एलर्जी का कारण बन सकती हैं।
किन चीजों से पलकों पर एलर्जी हो सकती है
नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इंफॉर्मेशन (NCBI) के अनुसार, पलकों से जुड़े एलर्जिक डर्मेटाइटिस में कुछ एलर्जन ज्यादा आम पाए गए। इनमें धातुएं, शेलैक, प्रिजर्वेटिव, त्वचा पर लगाई जाने वाली कुछ एंटीबायोटिक दवाएं, खुशबू वाले पदार्थ, एक्रिलेट और सर्फेक्टेंट शामिल हैं।इसके अलावा मेकअप, त्वचा की देखभाल वाले उत्पाद, बालों से जुड़े उत्पाद, आंखों की दवाएं और नाखूनों से जुड़े उत्पाद भी पलकों पर एलर्जी का कारण बन सकते हैं।
डर्मेटाइटिस होने पर क्या करें
क्लीवलैंड क्लिनिक के अनुसार, पलकों पर डर्मेटाइटिस होने पर आंखों का मेकअप नहीं करना चाहिए और खुद से घरेलू इलाज करने के बजाय डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। इसके अलावा पलकों को रगड़ने या खुजली करने से भी बचना चाहिए।
डर्मेटाइटिस से बचने के लिए क्या करें
क्लीवलैंड क्लिनिक के अनुसार, अगर डर्मेटाइटिस किस चीज की वजह से हुआ है यह पता चल जाए तो उस चीज का दोबारा इस्तेमाल करने से बचना चाहिए। इसके अलावा संवेदनशील त्वचा के लिए बने उत्पादों का इस्तेमाल करना चाहिए। पलकों को रगड़ने से बचना चाहिए और साफ हाथों से छूना चाहिए।
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।

