लखनऊ में पारस नगर को-ऑपरेटिव हाउसिंग सोसाइटी लिमिटेड, मेरठ के प्रकरण को लेकर भाजपा एवं व्यापारी नेता विनोद माहेश्वरी के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने अपर आयुक्त, आवास विकास दीपक सिंह से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने मामले की निष्पक्ष, विस्तृत और समयबद्ध जांच कराने की मांग की। इस दौरान वर्ष 1963 में गठित मूल सोसाइटी के 106 सदस्यों से जुड़े अभिलेखों और बाद में दर्ज सदस्यता की वैधानिकता की जांच कराने का अनुरोध किया गया। 311 सदस्यों की सदस्यता पर उठाए सवाल प्रतिनिधिमंडल ने आरोप लगाया कि आवास एवं विकास परिषद के अभिलेखों में कथित तौर पर 311 सदस्यों की सदस्यता दर्ज किए जाने की प्रक्रिया हुई है। इसकी वैधानिकता पर सवाल उठाते हुए संबंधित दस्तावेजों और रिकॉर्ड की जांच की मांग की गई। प्रतिनिधिमंडल ने सोसाइटी के नाम एवं पहचान से मिलते-जुलते नाम के कथित इस्तेमाल और कुछ लोगों अथवा उनके परिजनों को प्लॉट आवंटन किए जाने की शिकायतों की भी जांच कराने को कहा। आरोपों की जांच के बाद कार्रवाई की मांग प्रतिनिधिमंडल ने नरेंद्र कुमार और प्रमोद कुमार समेत कुछ लोगों की भूमिका को लेकर लगाए जा रहे आरोपों को भी जांच के दायरे में लेने का अनुरोध किया। प्रतिनिधिमंडल ने स्पष्ट किया कि जांच से पहले किसी को दोषी ठहराने की मांग नहीं की जा रही है, बल्कि दस्तावेजों और आधिकारिक अभिलेखों के आधार पर वास्तविक स्थिति सामने लाने की मांग है। विनोद माहेश्वरी ने कहा कि उद्देश्य किसी को बदनाम करना नहीं, बल्कि 106 मूल सदस्यों के वैधानिक अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करना है। अपर आयुक्त दीपक सिंह ने मामले की गंभीरता से जांच कराने और अनियमितता मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया। प्रतिनिधिमंडल में राकेश मित्तल, प्रशांत रस्तोगी, प्रवीण कुमार, अनिल जैन, दीपक माहेश्वरी सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

