Ahmedabad. शहर में सोमवार सुबह से ऑटो-रिक्शा और टैक्सी चालकों की चार दिवसीय हड़ताल शुरू हो गई। ‘रोजगार बचाओ आंदोलन’ के बैनर तले ऑटो-रिक्शा और टैक्सी चालकों के विभिन्न संगठनों ने अपनी कई मांगों को लेकर 10 सितंबर तक हड़ताल का आह्वान किया है। हड़ताल के पहले ही दिन रेलवे स्टेशनों, बस स्टैंडों और हवाई अड्डे पर पहुंचे यात्रियों व आम जनता को परेशानी का सामना करना पड़ा। एक यात्री ने कहा कि उनकी हरिद्वार की ट्रेन थी इसके लिए उन्होंने ऑटो किया था, लेकिन ऑटो चालकों ने स्टेशन से पहले ही रोक कर हमें दूर उतार दिया। उन्हें हड़ताल की जानकारी नहीं थी।
कई जगहों पर ऑटो रिक्शा चालक यूनियनों के पदाधिकारी व सदस्य अन्य ऑटो रिक्शा को जबरन रोकते और उसमें सवार यात्रियों को जबरन उतारते हुए भी देखे गए। कईयों के हाथ में डंडे भी दिखे। इसकी सूचना मिलते ही शहर ट्रैफिक पुलिस के संयुक्त पुलिस आयुक्त (जेसीपी) अश्विन चौहान मौके पर पहुंचे और वहां पर ऑटो को रोकने वालों को हिरासत में लिया। उन्होंने मीडिया को बताया कि शहर में चलने वाले ऑटो को जो व्यक्ति जबरन रोकेगा और यात्रियों को परेशान करेगा उस पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
मांगों को लेकर समिति गठित, बैठक भी
उधर शहर पुलिस आयुक्त अनुपम सिंह गहलोत ने संवाददाताओं को बताया कि लंबित मांगों को लेकर ऑटो चालकों, टैक्सी चालकों के एसोसिएशनों ने सात से 10 सितंबर तक हड़ताल शुरू की है। इस मामले में उनकी मांगों को लेकर एक समिति गठित की है। शाम को उनके साथ बैठक भी की है, जल्द ही समाधान निकले ऐसे प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस बीच लोगों को परेशान करने वालों, जबरन ऑटो रोकने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
कैब किराया बढ़ा, यात्रियों की जेब पर डाका
कई ऑटो-रिक्शा के सड़कों से गायब रहने का सीधा असर कैब एग्रीगेटर एप पर देखने को मिला। मांग अचानक बढ़ने के कारण एग्रीगेटर ऑनलाइन कंपनियों की सर्ज प्राइसिंग बढ़ गई। लोगों को काफी पैसे चुकाने पड़े।
यह हैं प्रमुख मांगें
ऑटो यूनियन प्रतिनिधियों के अनुसार सीएनजी की बढ़ती कीमतों और ऑनलाइन एग्रीगेटर एप के मनमाने कमीशन के कारण चालकों की आय आधी रह गई है। उनकी मांग है कि न्यूनतम किराया, 20 प्रति किलोमीटर तय किया जाए। अवैध और ऑनलाइन बाइक-टैक्सी सेवाओं पर रोक लगाई जाए। ऑनलाइन राइड-हेलिंग एग्रीगेटर एप के कमीशन मॉडल में पारदर्शिता लाई जाए।
मुख्य मार्गों पर पुलिस की तैनाती
हड़ताल के दौरान इस्कॉन चौराहे, राणीप, नवरंगपुरा सहित अन्य प्रमुख इलाकों से कुछ झड़प की खबरें आईं, जहां हड़ताल समर्थकों ने चल रही शटल रिक्शाओं से सवारियों को उतारा। स्थिति पर नियंत्रण बनाए रखने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने कई स्थानों पर प्रदर्शनकारी ऑटो चालकों को हिरासत में लिया। इन क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस कर्मचारियों की तैनाती की गई।

