पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सोमवार को इस साल की दुर्गा पूजा के लिए कई नए निर्देशों की घोषणा की। इसमें महाअष्टमी पर शराब की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध और विसर्जन जुलूस के दौरान डीजे संगीत के उपयोग पर प्रतिबंध शामिल है। प्रशासन ने पूजा के बाद होने वाले मेले को भी रद्द कर दिया है। यह आयोजन ममता बनर्जी के कार्यकाल के दौरान शुरू किया गया था। विसर्जन जुलूस में DJ नहीं बजाया जाएगा शुभेंदु ने कहा कि विसर्जन जुलूस के दौरान डीजे की अनुमति नहीं होगी और पूजा समितियों से आग्रह किया कि वे लक्ष्मी पूजा से पहले मूर्तियों का विसर्जन पूरा कर लें। इस वर्ष लक्ष्मी पूजा 25 अक्टूबर को है। अधिकारी ने कहा, “मैं सभी से आग्रह करूंगा कि वे मूर्ति विसर्जन की प्रक्रिया एक दिन पहले तक पूरी कर लें।” सभी पूजा समितियों के लिए एक लाख रुपए सीएम ने कहा कि पूजा समितियां यह सुनिश्चित करें कि उनकी मूर्तियां, पंडाल और विषय-वस्तु लोगों की धार्मिक और सांस्कृतिक भावनाओं को ठेस न पहुंचाएं। इसके साथ-साथ, बंगाल सरकार ने पूजा समितियों के लिए एक लाख रुपए का अनुदान, मुफ्त बिजली और सुरक्षा लाइसेंस में छूट की घोषणा की है। गाल की दुर्गा पूजा का इतिहास: ममता बनर्जी द्वारा शुरू किए गए मेलों का सांस्कृतिक महत्व क्या था और इन्हें रद्द करने से स्थानीय अर्थव्यवस्था पर क्या असर पड़ेगा? बंगाल में मेलों का सांस्कृतिक महत्व दुर्गा पूजा के दौरान आयोजित होने वाले मेले केवल मनोरंजन का साधन नहीं हैं, बल्कि ये बंगाल की सामाजिक और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक हैं। ये मेले लोगों को एक-दूसरे से जुड़ने, सामुदायिक भावना को मजबूत करने और पारंपरिक कला व हस्तशिल्प को बढ़ावा देने का एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान करते हैं। दुर्गा पूजा बंगाल की एक विशाल अनौपचारिक अर्थव्यवस्था का आधार है, जिसका मूल्य हजारों करोड़ रुपए से ज्यादा है। —————————– ये खबर भी पढ़ें… बंगाल सरकार के विज्ञापन में मां दुर्गा के 11 हाथ:विवाद होने पर सीएम शुभेंदु ने माफी मांग, कहा- भविष्य में सतर्क रहेंगे पश्चिम बंगाल सरकार के सोमवार को राज्य के अखबारों में एक विज्ञापन जारी किया। अब इस विज्ञापन में छपी मां दुर्गा की तस्वीर को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। पूरी खबर पढ़ें…
बंगाल में दुर्गा अष्टमी पर शराब बिक्री बंद:पूजा के बाद होने वाले मेले को भी रद्द किया; इसे ममता बनर्जी ने शुरू करवाया था

