लखनऊ के नेशनल पीजी कॉलेज में सोमवार को रसायन विज्ञान विभाग की ओर से ‘ फ्लिर्टिंग विथ अलगोरिथम्स ’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कॉलेज सभागार में हुए कार्यक्रम में स्टोरीटेलर और कॉमेडियन हर्षित महावर ने विज्ञान संकाय के विद्यार्थियों से बात – चीत किया। उन्होंने सोशल मीडिया, कंटेंट क्रिएशन और बदलती रचनात्मकता के बारे में छात्रों से अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि आज का दौर ‘अटेंशन इकॉनमी ’ का है। हर व्यक्ति अपने ज्ञान, विचार और रचनात्मकता के जरिए लोगों का ध्यान खींचने की कोशिश कर रहा है। नकल करने के बजाय अपना मौलिक कंटेंट तैयार करें हर्षित महावर ने छात्रों से कहा कि सोशल मीडिया पर किसी की नकल करने के बजाय अपना मौलिक कंटेंट तैयार करें। किसी दूसरे की सफलता देखकर उसकी कॉपी करने के बजाय अपनी अलग पहचान बनाने पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर रील या अन्य कंटेंट बनाने से पहले किताबों और विश्वसनीय प्लेटफॉर्म से पर्याप्त जानकारी हासिल करनी चाहिए। इसके बाद अपनी सोच और नजरिए को उसमें शामिल कर समाज के सामने प्रस्तुत करना चाहिए। चिंता करने के बजाय अपनी क्षमता पर भरोसा रखें उन्होंने विद्यार्थियों को सलाह दी कि भविष्य में वे जो बनना चाहते हैं, उसके लिए लगातार मेहनत करते रहें। दूसरों की राय की ज्यादा चिंता करने के बजाय अपनी क्षमता पर भरोसा रखें। लगातार सीखने और नए प्रयोग करने से ही आगे बढ़ने के रास्ते खुलते हैं। कार्यक्रम में कॉलेज के प्राचार्य प्रो. देवेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि आज विद्यार्थियों के सामने करियर के कई नए अवसर हैं। पढ़ाई के साथ विद्यार्थी सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर, स्टोरी राइटर, कॉमेडियन समेत रचनात्मक क्षेत्रों में भी करियर बना सकते हैं। प्राचार्य ने कहा कि बदलते समय के साथ विद्यार्थियों को अपनी रुचि और प्रतिभा के अनुसार नए क्षेत्रों की तलाश करनी चाहिए।

