‘मौत के 2 महीने बाद भी गिरफ्तारी नहीं’:एसपी के पास पहुंची पत्नी, कहा- थाने से डांटकर भगा दिया जाता है

‘मौत के 2 महीने बाद भी गिरफ्तारी नहीं’:एसपी के पास पहुंची पत्नी, कहा- थाने से डांटकर भगा दिया जाता है

नालंदा जिले के दीपनगर थाना क्षेत्र में 3 जुलाई को 60 वर्षीय जीतन महतो का शव नाले के पास मिला था। मामले में अब नया मोड़ आ गया है। घटना के लगभग 2 महीने बीत जाने के बाद भी दीपनगर पुलिस की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। मृतक की पत्नी चंचला देवी ने नालंदा के पुलिस अधीक्षक से न्याय की गुहार लगाई है। पत्नी का आरोप है कि नामजद एफआईआर दर्ज होने के बावजूद पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर रही है और थाने जाने पर उन्हें डांट-डपट कर भगा दिया जाता है। दरअसल, 3 जुलाई को दीपनगर पुरानी थाना के पास पईन से सटे नए नाले के किनारे जीतन महतो का संदिग्ध हालत में शव मिला था। मृतक के भतीजे रविशंकर ने तब बताया था कि उस वक्त उनके चेहरे पर सूजन थी और मुंह से खून निकल रहा था। घर में बहू स्वाति कुमारी से विवाद चल रहा था और इसी विवाद में समझौता कराने आए बहू के मायके वालों ने चाचा को जान से मारने की धमकी दी थी। हत्या की धमकी दी गई थी पुलिस अधीक्षक को सौंपे गए ताजा आवेदन में चंचला देवी ने बताया कि 2 जुलाई को शाम 3 बजे बहू के परिजनों के बीच समझौता हुआ था। समझौता शांतिपूर्ण ढंग से हो गया, लेकिन उसके बाद दीपनगर निवासी मिंटू कुमार और सुजीत कुमार ने उनके पति को जान से मारने की धमकी दी। अगली ही सुबह 3 जुलाई 7:30 बजे उन्हें सूचना मिली कि उनके पति की हत्या कर शव को प्रज्ञा एंटरप्राइजेज के पास नाले में फेंक दिया गया है।
इन लोगों पर लगाया है हत्या का आरोप
चंचला देवी ने पुलिस को दी गई शिकायत में स्पष्ट रूप से आरोप लगाया है कि इस साजिश में उनके समधी प्रवीण महतो, समधन लीला देवी और बेटा मुन्ना कुमार शामिल हैं। तीनों सरमेरा थाना के तोड़ा के निवासी हैं। इसके अलावा राजेश कुमार चौरसिया, गौतम कुमार, संजीत कुमार और पप्पू कुमार शामिल हैं। ये लोग दीपनगर के हैं। पुलिस केस की जानकारी नहीं देती
पीड़ित वृद्धा ने एसपी से शिकायत करते हुए गंभीर आरोप लगाया है कि जब वे मुकदमे की स्थिति जानने दीपनगर थाने गईं, तो पुलिस ने उन्हें डांट-फटकार कर भगा दिया। उनका शक है कि दीपनगर थाना पुलिस आरोपियों से मिल गई है, इसी वजह से हत्या जैसी संगीन धाराओं में दर्ज मुकदमे में किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो रही है। उन्होंने एसपी से अविलंब हस्तक्षेप कर आरोपियों को गिरफ्तार करने की प्रार्थना की है।
पुलिस का पक्ष, रिपोर्ट का इंतजार है
आरोपों पर दीपनगर थानाध्यक्ष सुमन कुमार ने अपनी सफाई दी है। उन्होंने बताया कि इस मामले में पुलिस अभी अंतिम पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और विसरा रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। ऐसा इसलिए क्योंकि शव पर किसी हथियार या बाहरी चोट के स्पष्ट निशान नहीं थे। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह साफ हो सकेगी और उसी आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। नालंदा जिले के दीपनगर थाना क्षेत्र में 3 जुलाई को 60 वर्षीय जीतन महतो का शव नाले के पास मिला था। मामले में अब नया मोड़ आ गया है। घटना के लगभग 2 महीने बीत जाने के बाद भी दीपनगर पुलिस की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। मृतक की पत्नी चंचला देवी ने नालंदा के पुलिस अधीक्षक से न्याय की गुहार लगाई है। पत्नी का आरोप है कि नामजद एफआईआर दर्ज होने के बावजूद पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर रही है और थाने जाने पर उन्हें डांट-डपट कर भगा दिया जाता है। दरअसल, 3 जुलाई को दीपनगर पुरानी थाना के पास पईन से सटे नए नाले के किनारे जीतन महतो का संदिग्ध हालत में शव मिला था। मृतक के भतीजे रविशंकर ने तब बताया था कि उस वक्त उनके चेहरे पर सूजन थी और मुंह से खून निकल रहा था। घर में बहू स्वाति कुमारी से विवाद चल रहा था और इसी विवाद में समझौता कराने आए बहू के मायके वालों ने चाचा को जान से मारने की धमकी दी थी। हत्या की धमकी दी गई थी पुलिस अधीक्षक को सौंपे गए ताजा आवेदन में चंचला देवी ने बताया कि 2 जुलाई को शाम 3 बजे बहू के परिजनों के बीच समझौता हुआ था। समझौता शांतिपूर्ण ढंग से हो गया, लेकिन उसके बाद दीपनगर निवासी मिंटू कुमार और सुजीत कुमार ने उनके पति को जान से मारने की धमकी दी। अगली ही सुबह 3 जुलाई 7:30 बजे उन्हें सूचना मिली कि उनके पति की हत्या कर शव को प्रज्ञा एंटरप्राइजेज के पास नाले में फेंक दिया गया है।
इन लोगों पर लगाया है हत्या का आरोप
चंचला देवी ने पुलिस को दी गई शिकायत में स्पष्ट रूप से आरोप लगाया है कि इस साजिश में उनके समधी प्रवीण महतो, समधन लीला देवी और बेटा मुन्ना कुमार शामिल हैं। तीनों सरमेरा थाना के तोड़ा के निवासी हैं। इसके अलावा राजेश कुमार चौरसिया, गौतम कुमार, संजीत कुमार और पप्पू कुमार शामिल हैं। ये लोग दीपनगर के हैं। पुलिस केस की जानकारी नहीं देती
पीड़ित वृद्धा ने एसपी से शिकायत करते हुए गंभीर आरोप लगाया है कि जब वे मुकदमे की स्थिति जानने दीपनगर थाने गईं, तो पुलिस ने उन्हें डांट-फटकार कर भगा दिया। उनका शक है कि दीपनगर थाना पुलिस आरोपियों से मिल गई है, इसी वजह से हत्या जैसी संगीन धाराओं में दर्ज मुकदमे में किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो रही है। उन्होंने एसपी से अविलंब हस्तक्षेप कर आरोपियों को गिरफ्तार करने की प्रार्थना की है।
पुलिस का पक्ष, रिपोर्ट का इंतजार है
आरोपों पर दीपनगर थानाध्यक्ष सुमन कुमार ने अपनी सफाई दी है। उन्होंने बताया कि इस मामले में पुलिस अभी अंतिम पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और विसरा रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। ऐसा इसलिए क्योंकि शव पर किसी हथियार या बाहरी चोट के स्पष्ट निशान नहीं थे। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह साफ हो सकेगी और उसी आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।  

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