कौशांबी में जिला पोषण समिति की बैठक में आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों की कम उपस्थिति को लेकर जिलाधिकारी डॉ. अमित पाल ने नाराजगी जाहिर की। उन्होंने सभी सीडीपीओ को बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने और केंद्रों के संचालन में लापरवाही न बरतने के कड़े निर्देश दिए। बैठक में अनुपस्थित रहने पर कड़ा और सिराथू के सीडीपीओ का वेतन रोकने के भी निर्देश दिए गए। सोमवार दोपाहर एनआईसी सभागार में हुई बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी ने की। उन्होंने पोषण ट्रैकर की समीक्षा की। विकासखंड कनैली, मूरतगंज और कड़ा के आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों की उपस्थिति कम पाए जाने पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों से तुरंत सुधार लाने को कहा। डीएम ने साफ किया कि आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। सभी आंगनबाड़ी केंद्र तय समय पर खुलें उन्होंने सभी सीडीपीओ को समय से पुष्टाहार बांटने के निर्देश दिए। साथ ही जिला कार्यक्रम अधिकारी और सीडीपीओ से कहा कि जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्र तय समय पर खुलने चाहिए। इसमें किसी भी तरह की लापरवाही मिलने पर कार्रवाई की बात कही गई। बैठक में जिलाधिकारी ने गंभीर कुपोषित बच्चों (सैम) की संख्या, पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती कराए गए बच्चों और उनके फॉलोअप के बारे में जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सैम बच्चों को समय से पहचान कर पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती कराया जाए। उपचार के बाद उनकी नियमित निगरानी भी हो। बन रहे आंगनबाड़ी केंद्रों की प्रगति की जांच करते हुए डीएम ने ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के अधिशासी अभियंता को निर्माण कार्य जल्द पूरा कराकर संबंधित विभाग को सौंपने के निर्देश दिए। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी विनोद राम त्रिपाठी के साथ जिला कार्यक्रम अधिकारी, सभी सीडीपीओ और अन्य संबंधित अधिकारी शामिल थे।

