बलिया कलेक्ट्रेट में सोमवार दोपहर हिन्द पूर्वांचल किसान यूनियन के सदस्यों ने प्रदर्शन किया। करीब 12 बजे कलेक्ट्रेट पहुंचे किसानों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर गंगा किनारे भरौली से इच्छा चौबे के पुरा तक चकरोड पर बांध बनाने की मांग की। इसके साथ ही बैरिया-थम्हनपुरा बांध पर मिल्की के पास रेगुलेटर पुलिया बनवाने की मांग भी उठाई। यूनियन के सदस्यों का कहना है कि गंगा किनारे बना चकरोड करीब 5 से 8 फुट ऊंचा है। यदि इसी रास्ते पर बांध का निर्माण कराया जाता है तो गंगा के ओवरफ्लो का पानी गांवों में पहुंचने से रोका जा सकेगा। इससे सोहांव विकासखंड के कई गांवों को बाढ़ के दौरान राहत मिल सकती है। यूनियन के मुताबिक फेफना विधानसभा क्षेत्र में भरौली से बड़का खेत होते हुए इच्छा चौबे के पुरा तक चकरोड बना है। इस रास्ते को बांध के रूप में विकसित करने से सोहोंव, सुरही, कोठिया, सेन्दुरिया, सरवनपुर, बसंतपुर, पलिया खास, नई बस्ती शाहपुर, बभनवली, छप्पन, बैरिया, पीपराकला, लक्ष्मनपुर, दरियापुर और करंजा समेत कई गांवों को बाढ़ से बचाया जा सकता है। गंगा का पानी उतरने के बाद भी खेतों में भरा रहता है पानी किसान यूनियन ने बताया कि गंगा का जलस्तर कम होने के बाद भी मगही नदी के जरिए गड़हा क्षेत्र के किसानों के खेतों से पानी निकलने में दो महीने से ज्यादा समय लग जाता है। पानी की निकासी में देरी से किसानों को काफी नुकसान उठाना पड़ता है। इसका सीधा असर रबी की फसल की बुआई पर पड़ता है।
मिल्की के पास रेगुलेटर पुलिया बनाने की मांग किसानों ने बैरिया-थम्हनपुरा बांध पर मिल्की के पास रेगुलेटर पुलिया बनाने की मांग की है। उनका कहना है कि इससे मगही नदी के पानी की निकासी तेजी से हो सकेगी। नरायनपुर, उजियार, बघौना, टुटुवारी, पीपराकला, चौरा कथरिया समेत करीब 30 ग्रामसभाओं के किसानों को जलभराव की समस्या से राहत मिल सकती है। किसान बोले- बाढ़ और जलभराव दोनों से मिलेगी राहत यूनियन के सदस्यों ने DM से दोनों मांगों पर जल्द कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि भरौली से इच्छा चौबे के पुरा तक बांध और मिल्की के पास रेगुलेटर पुलिया बनने से एक तरफ गंगा के ओवरफ्लो से गांवों को बचाया जा सकेगा, वहीं दूसरी तरफ खेतों में लंबे समय तक जमा रहने वाले पानी की निकासी भी आसान होगी। प्रदर्शन और ज्ञापन देने के दौरान कमलदेव सिंह, शिवकुमार सिंह, जितेंद्र सिंह, अशोक ठाकुर, टुनटुन साहनी, डॉ. अनिल राम, पवन यादव, कन्हैया यादव और ओमप्रकाश समेत यूनियन के सदस्य मौजूद रहे।

