ग्रामीणों ने गांव को नशामुक्त करने टीम बनाई:बांका में बिक्री-सेवन पर कार्रवाई की चेतावनी

ग्रामीणों ने गांव को नशामुक्त करने टीम बनाई:बांका में बिक्री-सेवन पर कार्रवाई की चेतावनी

बांका जिले के रजौन थाना क्षेत्र की राजावर पंचायत के सुजाल कोरामा गांव में ग्रामीणों ने नशे के खिलाफ बैठक की। इसमें गांव और पंचायत क्षेत्र को नशामुक्त बनाने का निर्णय लिया गया। ग्रामीणों ने इसके लिए एक टीम भी बनाई है। इस टीम का मकसद इलाके में सूखे नशे और दूसरे नशीले पदार्थों की बिक्री और सेवन पर नजर रखना है। साथ ही इसकी जानकारी प्रशासन तक पहुंचाना भी टीम का काम होगा। इस बैठक में पुरुषों के साथ महिलाएं भी शामिल थीं। बच्चे और युवा नशे की चपेट में बैठक में ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से किशोर चंद्र यादव को अध्यक्ष चुना। रूद्रेश्वरी कुमार रंजीत को उपाध्यक्ष, विजय कुमार यादव को सचिव और राजीव कुमार यादव को उप सचिव बनाया गया। विनोद कुमार सिंह को कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई। इसके अलावा सुबोध कुमार यादव, दिवाकांत यादव और वार्ड प्रतिनिधि संतोष कुमार को भी टीम में शामिल किया गया है। ग्रामीणों ने बैठक में बताया कि नशीले पदार्थों के कारण समाज के बच्चे और युवा इसकी चपेट में आ रहे हैं। कम उम्र के बच्चों में भी नशे की आदत बढ़ने से अभिभावक चिंतित हैं। ग्रामीणों का कहना है कि नशे की लत से सामाजिक बुराइयां बढ़ रही हैं। साथ ही चोरी जैसी घटनाओं में भी बढ़ोतरी हो रही है। सामाजिक बुराइयों को दूर करने का संकल्प ग्रामीणों ने तय किया कि नशीले पदार्थों की बिक्री और सेवन करने वालों को आखिरी चेतावनी दी जाएगी। इसके बाद भी अगर कोई व्यक्ति नशे की बिक्री या सेवन करते पाया जाता है, तो उसका नाम प्रशासन को लिखित में दिया जाएगा। फिर उस पर कानूनी कार्रवाई की मांग की जाएगी। ग्रामीणों ने कहा कि समाज को नशे से मुक्त करने के लिए सभी को मिलकर काम करना होगा। बैठक के आखिर में ग्रामीणों ने नशे के खिलाफ अभियान जारी रखने और सामाजिक बुराइयों को दूर करने का संकल्प लिया। टीम के अध्यक्ष किशोर चंद्र यादव ने कहा कि ग्रामीण एकजुट होकर नशे के खिलाफ लड़ेंगे। जो भी इस मामले में सामने आएगा, उसके खिलाफ प्रशासन के जरिए कानूनी कार्रवाई कराई जाएगी। बांका जिले के रजौन थाना क्षेत्र की राजावर पंचायत के सुजाल कोरामा गांव में ग्रामीणों ने नशे के खिलाफ बैठक की। इसमें गांव और पंचायत क्षेत्र को नशामुक्त बनाने का निर्णय लिया गया। ग्रामीणों ने इसके लिए एक टीम भी बनाई है। इस टीम का मकसद इलाके में सूखे नशे और दूसरे नशीले पदार्थों की बिक्री और सेवन पर नजर रखना है। साथ ही इसकी जानकारी प्रशासन तक पहुंचाना भी टीम का काम होगा। इस बैठक में पुरुषों के साथ महिलाएं भी शामिल थीं। बच्चे और युवा नशे की चपेट में बैठक में ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से किशोर चंद्र यादव को अध्यक्ष चुना। रूद्रेश्वरी कुमार रंजीत को उपाध्यक्ष, विजय कुमार यादव को सचिव और राजीव कुमार यादव को उप सचिव बनाया गया। विनोद कुमार सिंह को कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई। इसके अलावा सुबोध कुमार यादव, दिवाकांत यादव और वार्ड प्रतिनिधि संतोष कुमार को भी टीम में शामिल किया गया है। ग्रामीणों ने बैठक में बताया कि नशीले पदार्थों के कारण समाज के बच्चे और युवा इसकी चपेट में आ रहे हैं। कम उम्र के बच्चों में भी नशे की आदत बढ़ने से अभिभावक चिंतित हैं। ग्रामीणों का कहना है कि नशे की लत से सामाजिक बुराइयां बढ़ रही हैं। साथ ही चोरी जैसी घटनाओं में भी बढ़ोतरी हो रही है। सामाजिक बुराइयों को दूर करने का संकल्प ग्रामीणों ने तय किया कि नशीले पदार्थों की बिक्री और सेवन करने वालों को आखिरी चेतावनी दी जाएगी। इसके बाद भी अगर कोई व्यक्ति नशे की बिक्री या सेवन करते पाया जाता है, तो उसका नाम प्रशासन को लिखित में दिया जाएगा। फिर उस पर कानूनी कार्रवाई की मांग की जाएगी। ग्रामीणों ने कहा कि समाज को नशे से मुक्त करने के लिए सभी को मिलकर काम करना होगा। बैठक के आखिर में ग्रामीणों ने नशे के खिलाफ अभियान जारी रखने और सामाजिक बुराइयों को दूर करने का संकल्प लिया। टीम के अध्यक्ष किशोर चंद्र यादव ने कहा कि ग्रामीण एकजुट होकर नशे के खिलाफ लड़ेंगे। जो भी इस मामले में सामने आएगा, उसके खिलाफ प्रशासन के जरिए कानूनी कार्रवाई कराई जाएगी।  

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