हिसार जिले के तलवंडी राणा गांव के पशुपालकों ने दूध के दाम ₹10 प्रति किलो बढ़ाने का फैसला किया है। यह बढ़ोतरी पशु चारे, खल, तूड़ी और हरे चारे की बढ़ती कीमतों के कारण की गई है। गांव के पंचायत भवन में हुई बैठक में ग्रामीणों और पशुपालकों ने इस फैसले का समर्थन किया। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कुछ सालों में पशुओं के चारे और उनके रखरखाव का खर्च लगभग दोगुना हो गया है। वहीं, दूध के दाम लंबे समय से पुराने स्तर पर ही बने हुए हैं। इस वजह से पशुपालन अब महंगा और घाटे का काम बन गया है। गाय का दूध ₹50 और भैंस का ₹70 प्रति किलो तय बैठक में तय हुआ कि अब गाय का दूध ₹50 प्रति किलो और भैंस का दूध ₹70 प्रति किलो के हिसाब से बेचा जाएगा। पहले गांव में गाय का दूध करीब ₹35 से ₹37 और भैंस का दूध लगभग ₹55 प्रति किलो मिलता था। ग्रामीणों ने शहर में दूध बेचने वाले दूधियों को भी बैठक में बुलाया था, लेकिन कोई दूध व्यापारी नहीं आया। अब सभी दूधियाओं को 10 सितंबर तक का समय दिया गया है। अगर किसी को नए दामों पर कोई आपत्ति है, तो वह 10 सितंबर को होने वाली बैठक में अपनी बात रख सकता है। 11 सितंबर से लागू होंगे नए दाम ग्रामीणों ने साफ किया कि दूधियाओं की सहमति बने या न बने, नए दाम 11 सितंबर से लागू हो जाएंगे। अगर दूधिए नए भाव पर सहमत नहीं होते हैं, तो पशुपालक दूध शहर भेजने के बजाय गांव में ही बेचेंगे या अपने परिवार के लिए इस्तेमाल करेंगे। ग्रामीणों ने शहर के लोगों के साथ-साथ सरकार और प्रशासन से भी सहयोग की अपील की है। उन्होंने कहा कि पशुपालन ग्रामीण अर्थव्यवस्था का एक जरूरी हिस्सा है और पशुपालकों को दूध का सही दाम मिलना चाहिए। बैठक में सुनील खटाना, सीना जगदीश रावत, सरपंच दयाल सिंह मोलिया, गंगाराम सूबेदार, सतवीर फौजी, कृष्ण मुकर, महेंद्र कोहली, दीपक अधना और देवेंद्र राठी समेत कई ग्रामीण मौजूद थे।

