छात्रा का रेप-वीडियो वायरल- दूसरा टीचर भी गिरफ्तार:बिहार छोड़कर भागने की तैयारी में था; बक्सर स्टेशन से पुलिस ने पकड़ा

छात्रा का रेप-वीडियो वायरल- दूसरा टीचर भी गिरफ्तार:बिहार छोड़कर भागने की तैयारी में था; बक्सर स्टेशन से पुलिस ने पकड़ा

बक्सर में छात्रा से रेप और वीडियो वायरल करने के मामले में पुलिस ने दूसरे आरोपी शिक्षक वीरेंद्र प्रसाद उर्फ वीरेंद्र पाल को गिरफ्तार कर लिया है। उसे रविवार देर रात बक्सर रेलवे स्टेशन से पकड़ा गया। पुलिस के मुताबिक, आरोपी बिहार छोड़कर भागने की तैयारी में था। स्टेशन पर पकड़े जाने के बाद उससे पूछताछ की गई। पुलिस मामले से जुड़े दूसरे पहलुओं की भी जांच कर रही है। गैंगरेप-ब्लैकमेलिंग केस में 2 टीचर गिरफ्तार, प्रिंसिपल छिपाता रहा…. आरोपी शिक्षक अरविंद कुमार पहले ही गिरफ्तार इस मामले में इससे पहले आरोपी शिक्षक अरविंद कुमार को गिरफ्तार किया जा चुका है। FIR में दोनों शिक्षकों पर नाबालिग पूर्व छात्रा के साथ दुष्कर्म करने, आपत्तिजनक वीडियो बनाने और वीडियो से छात्रा को धमकाकर ब्लैकमेल करने का आरोप है। मामले में स्कूल के प्रिंसिपल मो. इमाम अली अंसारी की भी गिरफ्तारी हो चुकी है। उस पर घटना की जानकारी होने के बावजूद मामले को छिपाने का आरोप है। 29 अगस्त को प्रिंसिपल को दी जानकारी, नहीं हुई कार्रवाई लड़की ने पुलिस को बताया कि 28 अगस्त को जानकारी मिली की टीचर वीरेंद्र ने मेरा आपत्तिजनक वीडियो मेरे ही गांव के कुछ लड़कों को भेज दिया। उसने लड़कों को फोन कर कहा, मैं और मेरा दोस्त पूरे गांववालों के दामाद हैं। मेरे पास कई लड़कियों के इस तरह के वीडियो हैं। बताया जा रहा इस दौरान टीचर वीरेंद्र पूरी तरह नशे में धुत्त था। वीडियो सामने आने के बाद 29 अगस्त 2026 को गांववाले मिडिल स्कूल पहुंचे। उन्होंने प्रिंसिपल से वीरेंद्र और अरविंद की शिकायत की, लेकिन प्रिंसिपल मो.इमाम अली अंसारी ने इस मामले में कोई एक्शन नहीं लिया। उसने इस केस को दबाने की कोशिश की, क्योंकि इस साल के राज्यकीय शिक्षक पुरस्कार में उसका भी नाम शामिल था। घुमाने के बहाने ले गए होटल, जबरन शारीरिक संबंध बनाए लड़की का कहना है कि अरविंद सर किसी भी छात्रा को फोन करते थे। उसे अपने पास बुलाते थे। जब स्टूडेंट उनके पास पहुंचती थी, तो वो अन्य लड़कियों को भी फोन कर बुलाने का दबाव बनाते थे। शुरुआत में हमें लगा कि वो बस घूमने और बात करने के लिए हमलोगों को अपने पास बुलाते हैं, लेकिन समय बीतता गया और लड़कियां अरविंद सर के झांसे में आती गईं। हर लड़की से अरविंद सर यही कहते थे कि मैं तुमसे सच्चा वाला प्यार करता हूं और तुम्हारी सारी दोस्त मेरी दोस्त हैं। मैं उनलोगों को इसी वजह से बुलाता हूं ताकि उन्हें शक ना हो। छात्रा ने पुलिस को दिए बयान में आरोप लगाया कि धीरे-धीरे अपनी बात मनवाते हुए एक दिन वो मुझे होटल ले गए। वहां मेरे साथ जबरन संबंध बनाए गए। इसी दौरान उन्होंने मेरा न्यूड वीडियो बना लिया। स्कूल में हुआ था जमकर हंगामा वीडियो सामने आने के बाद स्कूल में हंगामा हुआ था। इसके बाद छात्रा की मां की शिकायत पर कृष्णाब्रह्म थाने में एफआईआर दर्ज की गई थी। FIR के अनुसार, जनवरी 2026 में अरविंद कुमार ने छात्रा के साथ दुष्कर्म कर उसका वीडियो बनाया था। बाद में यह वीडियो वीरेंद्र प्रसाद को दिखाया गया। उस पर भी छात्रा को ब्लैकमेल करने का आरोप है। पुलिस ने मामले में पॉक्सो समेत कई गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया है। जांच के दौरान मोबाइल फोन और उसमें मौजूद डिजिटल सबूत अहम माने जा रहे हैं। बरामद मोबाइल की फोरेंसिक जांच भी कराई जा रही है। DEO बोले- ऐसी घटनाएं बर्दाश्त नहीं होंगी जिला शिक्षा पदाधिकारी इंद्रजीत कुमार कर्ण के अनुसार, मामला संज्ञान में आते ही कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे। विभाग की शुरुआती जांच में आपत्तिजनक वीडियो वायरल करने और स्कूल का माहौल खराब करने से जुड़े आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए। उन्होंने कहा दोनों शिक्षकों के खिलाफ विभागीय जांच भी कराई जाएगी। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी। विभाग का कहना है कि स्कूल में इस तरह की घटनाओं को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। POCSO एक्ट के तहत FIR दर्ज करवाई इसके बाद मामला बढ़ता गया और धीरे-धीरे ये केस मीडिया में भी सामने आ गया। 31 अगस्त 2026 को डुमरांव के BEO के जरिए ग्रामीणों के आवेदन को जिला शिक्षा विभाग को भेजा गया था। इसके बाद जिला स्तर पर मामले की जांच कराई गई। प्रथम दृष्टया आरोप सही साबित होने पर दोनों शिक्षकों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई है। 2 सितंबर को दोनों शिक्षकों के संबंध में अलग-अलग कार्यालय से आदेश जारी किए गए। निलंबन के दौरान वीरेन्द्र प्रसाद का मुख्यालय प्रखंड संसाधन केंद्र राजपुर और अरविन्द कुमार का मुख्यालय प्रखंड संसाधन केंद्र चक्की किया गया है। वहीं, गुरुवार 3 सिंतबर को पीड़ित छात्रा अपनी मां के साथ थाने पहुंची। उन्होंने इस मामले में तीनों टीचर अरविंद, वीरेंद्र और प्रिंसिपल मो.इमाम अली अंसारी के खिलाफ FIR दर्ज करवाते हुए POCSO एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज करवाई है। म्यूचुअल तबादले और TRE-2 से हुई थी दोनों शिक्षकों की तैनाती विद्यालय में सामने आए गंभीर आरोपों के बाद शिक्षा विभाग अब दोनों शिक्षकों की नियुक्ति, तबादले और सेवा पृष्ठभूमि की भी जांच कर रहा है। जानकारी के अनुसार निलंबित शिक्षक अरविंद कुमार की नियुक्ति बीपीएससी की शिक्षक भर्ती परीक्षा TRE-2 के माध्यम से 2 फरवरी 2024 को हुई थी। अरविंद के पिता प्रेम चंद्र प्रसाद ब्रह्मपुर प्रखंड के बगही मध्य विद्यालय में शिक्षक थे। कोरोना काल में साल 2021 में उनकी मृत्यु हो गई थी। इसके बाद उनके बड़े बेटे अनिल कुमार को अनुकंपा के आधार पर ब्रह्मपुर प्रखंड के पांडेयपुर +2 उच्च विद्यालय में नियुक्ति मिली, जहां वे वर्तमान में कार्यरत हैं। वहीं, दूसरे निलंबित शिक्षक वीरेंद्र कुमार मूल रूप से डुमरांव प्रखंड के सोवा गांव के रहने वाले हैं। जानकारी के मुताबिक साल 2013 में म्यूचुअल तबादले के जरिए उनकी तैनाती उक्त विद्यालय में हुई थी। म्यूचुअल तबादले में समान पद और श्रेणी के कर्मचारियों का आपसी सहमति से स्थानांतरण होता है, जिसके लिए विभागीय स्वीकृति जरूरी होती है। अब शिक्षा विभाग दोनों शिक्षकों की तैनाती और सेवा से जुड़े रिकॉर्ड की भी पड़ताल की जा रही है। बक्सर में छात्रा से रेप और वीडियो वायरल करने के मामले में पुलिस ने दूसरे आरोपी शिक्षक वीरेंद्र प्रसाद उर्फ वीरेंद्र पाल को गिरफ्तार कर लिया है। उसे रविवार देर रात बक्सर रेलवे स्टेशन से पकड़ा गया। पुलिस के मुताबिक, आरोपी बिहार छोड़कर भागने की तैयारी में था। स्टेशन पर पकड़े जाने के बाद उससे पूछताछ की गई। पुलिस मामले से जुड़े दूसरे पहलुओं की भी जांच कर रही है। गैंगरेप-ब्लैकमेलिंग केस में 2 टीचर गिरफ्तार, प्रिंसिपल छिपाता रहा…. आरोपी शिक्षक अरविंद कुमार पहले ही गिरफ्तार इस मामले में इससे पहले आरोपी शिक्षक अरविंद कुमार को गिरफ्तार किया जा चुका है। FIR में दोनों शिक्षकों पर नाबालिग पूर्व छात्रा के साथ दुष्कर्म करने, आपत्तिजनक वीडियो बनाने और वीडियो से छात्रा को धमकाकर ब्लैकमेल करने का आरोप है। मामले में स्कूल के प्रिंसिपल मो. इमाम अली अंसारी की भी गिरफ्तारी हो चुकी है। उस पर घटना की जानकारी होने के बावजूद मामले को छिपाने का आरोप है। 29 अगस्त को प्रिंसिपल को दी जानकारी, नहीं हुई कार्रवाई लड़की ने पुलिस को बताया कि 28 अगस्त को जानकारी मिली की टीचर वीरेंद्र ने मेरा आपत्तिजनक वीडियो मेरे ही गांव के कुछ लड़कों को भेज दिया। उसने लड़कों को फोन कर कहा, मैं और मेरा दोस्त पूरे गांववालों के दामाद हैं। मेरे पास कई लड़कियों के इस तरह के वीडियो हैं। बताया जा रहा इस दौरान टीचर वीरेंद्र पूरी तरह नशे में धुत्त था। वीडियो सामने आने के बाद 29 अगस्त 2026 को गांववाले मिडिल स्कूल पहुंचे। उन्होंने प्रिंसिपल से वीरेंद्र और अरविंद की शिकायत की, लेकिन प्रिंसिपल मो.इमाम अली अंसारी ने इस मामले में कोई एक्शन नहीं लिया। उसने इस केस को दबाने की कोशिश की, क्योंकि इस साल के राज्यकीय शिक्षक पुरस्कार में उसका भी नाम शामिल था। घुमाने के बहाने ले गए होटल, जबरन शारीरिक संबंध बनाए लड़की का कहना है कि अरविंद सर किसी भी छात्रा को फोन करते थे। उसे अपने पास बुलाते थे। जब स्टूडेंट उनके पास पहुंचती थी, तो वो अन्य लड़कियों को भी फोन कर बुलाने का दबाव बनाते थे। शुरुआत में हमें लगा कि वो बस घूमने और बात करने के लिए हमलोगों को अपने पास बुलाते हैं, लेकिन समय बीतता गया और लड़कियां अरविंद सर के झांसे में आती गईं। हर लड़की से अरविंद सर यही कहते थे कि मैं तुमसे सच्चा वाला प्यार करता हूं और तुम्हारी सारी दोस्त मेरी दोस्त हैं। मैं उनलोगों को इसी वजह से बुलाता हूं ताकि उन्हें शक ना हो। छात्रा ने पुलिस को दिए बयान में आरोप लगाया कि धीरे-धीरे अपनी बात मनवाते हुए एक दिन वो मुझे होटल ले गए। वहां मेरे साथ जबरन संबंध बनाए गए। इसी दौरान उन्होंने मेरा न्यूड वीडियो बना लिया। स्कूल में हुआ था जमकर हंगामा वीडियो सामने आने के बाद स्कूल में हंगामा हुआ था। इसके बाद छात्रा की मां की शिकायत पर कृष्णाब्रह्म थाने में एफआईआर दर्ज की गई थी। FIR के अनुसार, जनवरी 2026 में अरविंद कुमार ने छात्रा के साथ दुष्कर्म कर उसका वीडियो बनाया था। बाद में यह वीडियो वीरेंद्र प्रसाद को दिखाया गया। उस पर भी छात्रा को ब्लैकमेल करने का आरोप है। पुलिस ने मामले में पॉक्सो समेत कई गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया है। जांच के दौरान मोबाइल फोन और उसमें मौजूद डिजिटल सबूत अहम माने जा रहे हैं। बरामद मोबाइल की फोरेंसिक जांच भी कराई जा रही है। DEO बोले- ऐसी घटनाएं बर्दाश्त नहीं होंगी जिला शिक्षा पदाधिकारी इंद्रजीत कुमार कर्ण के अनुसार, मामला संज्ञान में आते ही कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे। विभाग की शुरुआती जांच में आपत्तिजनक वीडियो वायरल करने और स्कूल का माहौल खराब करने से जुड़े आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए। उन्होंने कहा दोनों शिक्षकों के खिलाफ विभागीय जांच भी कराई जाएगी। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी। विभाग का कहना है कि स्कूल में इस तरह की घटनाओं को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। POCSO एक्ट के तहत FIR दर्ज करवाई इसके बाद मामला बढ़ता गया और धीरे-धीरे ये केस मीडिया में भी सामने आ गया। 31 अगस्त 2026 को डुमरांव के BEO के जरिए ग्रामीणों के आवेदन को जिला शिक्षा विभाग को भेजा गया था। इसके बाद जिला स्तर पर मामले की जांच कराई गई। प्रथम दृष्टया आरोप सही साबित होने पर दोनों शिक्षकों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई है। 2 सितंबर को दोनों शिक्षकों के संबंध में अलग-अलग कार्यालय से आदेश जारी किए गए। निलंबन के दौरान वीरेन्द्र प्रसाद का मुख्यालय प्रखंड संसाधन केंद्र राजपुर और अरविन्द कुमार का मुख्यालय प्रखंड संसाधन केंद्र चक्की किया गया है। वहीं, गुरुवार 3 सिंतबर को पीड़ित छात्रा अपनी मां के साथ थाने पहुंची। उन्होंने इस मामले में तीनों टीचर अरविंद, वीरेंद्र और प्रिंसिपल मो.इमाम अली अंसारी के खिलाफ FIR दर्ज करवाते हुए POCSO एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज करवाई है। म्यूचुअल तबादले और TRE-2 से हुई थी दोनों शिक्षकों की तैनाती विद्यालय में सामने आए गंभीर आरोपों के बाद शिक्षा विभाग अब दोनों शिक्षकों की नियुक्ति, तबादले और सेवा पृष्ठभूमि की भी जांच कर रहा है। जानकारी के अनुसार निलंबित शिक्षक अरविंद कुमार की नियुक्ति बीपीएससी की शिक्षक भर्ती परीक्षा TRE-2 के माध्यम से 2 फरवरी 2024 को हुई थी। अरविंद के पिता प्रेम चंद्र प्रसाद ब्रह्मपुर प्रखंड के बगही मध्य विद्यालय में शिक्षक थे। कोरोना काल में साल 2021 में उनकी मृत्यु हो गई थी। इसके बाद उनके बड़े बेटे अनिल कुमार को अनुकंपा के आधार पर ब्रह्मपुर प्रखंड के पांडेयपुर +2 उच्च विद्यालय में नियुक्ति मिली, जहां वे वर्तमान में कार्यरत हैं। वहीं, दूसरे निलंबित शिक्षक वीरेंद्र कुमार मूल रूप से डुमरांव प्रखंड के सोवा गांव के रहने वाले हैं। जानकारी के मुताबिक साल 2013 में म्यूचुअल तबादले के जरिए उनकी तैनाती उक्त विद्यालय में हुई थी। म्यूचुअल तबादले में समान पद और श्रेणी के कर्मचारियों का आपसी सहमति से स्थानांतरण होता है, जिसके लिए विभागीय स्वीकृति जरूरी होती है। अब शिक्षा विभाग दोनों शिक्षकों की तैनाती और सेवा से जुड़े रिकॉर्ड की भी पड़ताल की जा रही है।  

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