Jammed Finger Symptoms: खेलते-कूदते समय, घर का कोई काम करते हुए, दरवाजा बंद करते वक्त या बॉल पकड़ते समय अक्सर उंगली के आगे के हिस्से पर जोर से झटका लग जाता है। उंगली मुड़ जाती है या सीधी टक्कर खा जाती है, जिससे उसमें तुरंत तेज दर्द और सूजन आ जाती है। इसे उंगली में मोच आना या उंगली लचकना कहते हैं, जिसे डॉक्टरी भाषा में जैम्ड फिंगर (Jammed Finger) कहा जाता है। ज्यादातर लोग इसे एक मामूली चोट मानकर नजरअंदाज कर देते हैं या फिर घर पर ही जोर से खींचकर सीधी करने की कोशिश करते हैं। लेकिन अमेरिकन सोसाइटी फॉर सर्जरी ऑफ द हैंड (ASSH) की रिपोर्ट बताती है कि यह लापरवाही भारी पड़ सकती है। उंगली की इस चोट में अंदरूनी लिगामेंट फटने या हड्डी में क्रैक (फ्रैक्चर) आने का बड़ा खतरा होता है। आइए समझते हैं कि जैम्ड फिंगर क्या है, इसके क्या खतरे हैं और इसका सही इलाज कैसे होना चाहिए।
आखिर क्या होती है जैम्ड फिंगर?
क्लीवलैंड क्लिनिक के अनुसार, जब किसी उंगली के ऊपरी हिस्से पर सामने से तेज दबाव या झटका लगता है, तो उंगली का जोड़ पीछे की तरफ दब जाता है। इससे उंगली के जोड़ों को जोड़कर रखने वाले लिगामेंट्स (Ligaments) खिंच जाते हैं या फट (Tear) जाते हैं। जैसे गाड़ी के ब्रेक पर अचानक तेज झटका लगता है, वैसे ही उंगली के जोड़ पर अचानक लगे झटके से उसके अंदर की नसें और मांसपेशियाँ चोटिल हो जाती हैं।
उंगली की इस चोट को अनदेखा क्यों न करें?
अक्सर लोग सोचते हैं कि उंगली पर बाम या बर्फ लगा ली तो सूजन अपने आप ठीक हो जाएगी। लेकिन अगर चोट गहरी है, तो इसे अनदेखा करने से ये गंभीर समस्याएं हो सकती हैं;
- लिगामेंट का फटना (Sprain or Tear)।
- हड्डी का टूटना या छिलना (Fracture)।
- उंगली का हमेशा के लिए टेढ़ा होना।
- भविष्य में आर्थराइटिस (जोड़ों का दर्द)।
जैम्ड फिंगर के मुख्य लक्षण
- जोड़ के आसपास तुरंत तेज दर्द होना।
- उंगली का सूज जाना और लाल या नीली पड़ जाना (अंदरूनी खून जमने के कारण)।
- उंगली को पूरी तरह मोड़ने या सीधा करने में बहुत तकलीफ होना।
- छूने पर बहुत तेज दर्द या संवेदनशीलता महसूस होना।
घर पर तुरंत क्या करें?
- उंगली को बिल्कुल न खींचें।
- बर्फ की सिकाई करें (Ice Pack)।
- अंगूठी या छल्ला तुरंत निकालें।
- उंगली को आराम दें (RICE फॉर्मूला)।
- बडी टेपिंग (Buddy Taping)।
डॉक्टर के पास कब जाना जरूरी है?
- उंगली साफ तौर पर टेढ़ी या अपनी जगह से हटी हुई दिखे।
- बर्फ लगाने और आराम करने के 2-3 दिन बाद भी सूजन या दर्द कम न हो।
- उंगली का रंग सुन्न, सुन्नता भरा या बहुत ज्यादा काला/नीला पड़ने लगे।
- उंगली को थोड़ा भी हिलाना नामुमकिन हो रहा हो।
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।

