एम्पलाई प्रोविडेंट फंड ऑर्गेनाइजेशन यानी EPFO ने उमंग एप पर अपनी डिजिटल सर्विसेज में इजाफा किया है। अब पीएफ खाताधारक आधार-आधारित फेस-ऑथेंटिकेशन के जरिए मोबाइल से ही अपना यूनिवर्सल अकाउंट नंबर यानी UAN जनरेट, एक्टिवेट और ऑथेंटिकेट कर सकते हैं। ऑर्गेनाइजेशन की इस पहल का मकसद EPFO सर्विसेज तक पहुंच को आसान बनाना और फिजिकल या मैनुअल वेरिफिकेशन पर निर्भरता को खत्म करना है। श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इसकी घोषणा करते हुए बताया कि मेंबर्स अब उमंग एप के जरिए सीधे UAN अलॉट, एक्टिवेट और ऑथेंटिकेट कर सकते हैं। UAN एक्टिवेट होने के बाद मेंबर्स EPF बैलेंस चेक करने, पासबुक डाउनलोड करने, क्लेम स्टेटस ट्रैक करने और KYC डिटेल्स अपडेट करने जैसी तमाम सुविधाओं का फायदा घर बैठे उठा सकेंगे। नया UAN ऐसे जनरेट और एक्टिवेट करें यह सुविधा खासतौर पर उन कर्मचारियों के लिए बेहद फायदेमंद है जो पहली बार EPF सिस्टम से जुड़ रहे हैं। नया UAN बनाने के लिए कर्मचारी के पास एक वैलिड आधार नंबर, आधार-लिंक्ड मोबाइल नंबर और ‘Aadhaar Face RD’ एप्लीकेशन होना जरूरी है। पुराने UAN धारक भी मोबाइल से कर सकेंगे एक्टिवेशन जिन कर्मचारियों का UAN पहले से जनरेट है लेकिन अब तक एक्टिवेट नहीं हुआ है, वे उमंग एप पर मौजूद ‘UAN Activation’ ऑप्शन का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके लिए यूजर को अपना UAN, आधार नंबर और मोबाइल नंबर दर्ज कर कंसेंट देना होगा। OTP वेरिफिकेशन पूरा होने के बाद UIDAI सिस्टम के जरिए फेस-ऑथेंटिकेशन की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। वेरिफिकेशन पूरा होते ही UAN एक्टिवेट हो जाएगा। कर्मचारी को SMS के जरिए UAN और एक टेंपरेरी पासवर्ड मिल जाएगा। इसके साथ ही EPFO डेटाबेस में कर्मचारी का वेरीफाइड फोटो और पता अपने आप अपडेट हो जाएगा। एक्टिवेटेड UAN के लिए फेस-ऑथेंटिकेशन की सुविधा जिन सदस्यों का UAN पहले से एक्टिवेट है, उनके लिए एप पर ‘Face Authentication of Already Activated UANs’ का ऑप्शन दिया गया है। इस प्रक्रिया में मेंबर अपनी सहमति देकर फेस-ऑथेंटिकेशन पूरा करेंगे। इसके बाद UIDAI सिस्टम पहचान को वेरीफाई कर आधार और UAN से जुड़ी संबंधित जानकारी हासिल कर लेगा। वेरीफाई की गई डिटेल्स का इस्तेमाल EPFO रिकॉर्ड्स को अपने आप अपडेट करने में किया जाएगा, जिससे अलग से ऑथेंटिकेशन कराने की जरूरत नहीं पड़ेगी। ऑथेंटिकेशन फेल होने पर क्या करें? एप पर प्रक्रिया के दौरान कुछ तकनीकी समस्याएं आ सकती हैं। जैसे- गलत आधार या मोबाइल नंबर, OTP न मिलना, फेस-ऑथेंटिकेशन फेल होना या पहले से UAN मौजूद होने का मैसेज दिखना। ऐसी स्थिति बनने पर यूजर्स दोबारा अपनी डिटेल्स दर्ज कर सकते हैं, दोबारा OTP मंगा सकते हैं या फिर से फेस-स्कैन की कोशिश कर सकते हैं। अगर इसके बाद भी परेशानी बनी रहती है, तो मेंबर्स को हेल्पडेस्क या सपोर्ट टीम से संपर्क करने की सलाह दी जाती है। उमंग एप को इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) और राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस विभाग (NeGD) ने तैयार किया है। यह एप कई सरकारी सर्विसेज को एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाता है। EPFO की इस नई सर्विस से अब पीएफ से जुड़े अहम काम पूरी तरह डिजिटल और सेल्फ-सर्विस मॉडल पर आ गए हैं। नॉलेज पार्ट: क्या है ‘Aadhaar Face RD’ एप और कैसे काम करता है? Aadhaar Face RD (फेशियल ऑथेंटिकेशन टेक्नोलॉजी), UIDAI की विकसित एक आधिकारिक एप है। इसके जरिए उपयोगकर्ता को किसी बायोमीट्रिक डिवाइस जैसे- फिंगरप्रिंट या आइरिस स्कैनर की जरूरत नहीं पड़ती। यह केवल आपके स्मार्टफोन के फ्रंट कैमरे का इस्तेमाल कर चेहरे का लाइव स्कैन करता है और UIDAI के डेटाबेस से मिलान करके तुरंत पहचान की पुष्टि कर देता है।
उमंग एप से अब घर बैठे UAN बना सकेंगे:आधार फेस-ऑथेंटिकेशन से वेरिफिकेशन होगा; KYC अपडेट और पासबुक डाउनलोड जैसी सुविधाएं भी मिलेंगी

