अस्पताल में रोजाना जमा होने वाली नकद रकम का हिसाब रखने वाला कैशियर ही करीब 32 लाख रुपए का गबन का आरोपी निकला। आरोपी रकम अपने पास रखने के बाद वह अस्पताल के अधिकारियों को इसकी भनक तक नहीं लगने देता था। बैंक में रकम जमा होने की जानकारी देने के लिए वह फर्जी ई-मेल भेजकर अधिकारियों को भरोसे में लेता रहा। करीब 6 साल से अस्पताल में काम कर रहे कैशियर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। मामला सुपेला थाना क्षेत्र के स्मृति नगर चौकी का है। हाईटेक अस्पताल, भिलाई के संचालक मनोज अग्रवाल ने पुलिस को लिखित शिकायत दी थी। इसमें अस्पताल में कैशियर के पद पर काम करने वाले जसविंदर सिंह (46) पर अस्पताल की रकम बैंक में जमा नहीं करने का आरोप लगाया गया था। बैंक में जमा करने की जानकारी भी देता रहा
पुलिस के अनुसार आरोपी जसविंदर के जिम्मे अस्पताल की नकद रकम बैंक में जमा करने का काम था। लेकिन वह रकम बैंक में जमा करने के बजाय अपने पास रखता रहा। जब रकम जमा होने का हिसाब मांगा जाता तो अधिकारियों को ई-मेल के जरिए रकम बैंक में जमा होने की गलत जानकारी भेज दी जाती थी। पुलिस की जांच में जब अस्पताल के दस्तावेज, पैसों के लेन-देन और दूसरे रिकॉर्ड खंगाले गए तो करीब 32 लाख रुपए की गड़बड़ी सामने आई। 6 साल की नौकरी के दौरान किया गबन
जसविंदर सिंह पिछले करीब 6 साल से अस्पताल में कैशियर के पद पर काम कर रहा था। इस दौरान उसे अस्पताल की नकद रकम संभालने और बैंक में जमा करने की जिम्मेदारी मिली हुई थी। पुलिस जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर उस पर भरोसे का फायदा उठाकर अस्पताल की रकम अपने पास रखने का आरोप है। मामले में स्मृति नगर चौकी में अपराध दर्ज किया गया। इसके बाद पुलिस ने आरोपी से पूछताछ की और रकम के इस्तेमाल से जुड़े सबूत जुटाए। गबन की रकम से खरीदा डेढ़ लाख का मोबाइल
जांच में पुलिस को आरोपी के पास गबन की रकम के इस्तेमाल से जुड़ी जानकारी मिली। पुलिस ने आरोपी के पास से सैमसंग कंपनी का मोबाइल फोन जब्त किया है। इसकी कीमत करीब 1.50 लाख रुपए बताई गई है। पुलिस का कहना है कि यह मोबाइल गबन की रकम से खरीदा गया था। जेल भेजा गया आरोपी
पुलिस ने आरोपी जसविंदर सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। उसे न्यायालय में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेजने की कार्रवाई की जा रही है। मामले में पुलिस की जांच अभी जारी है। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि करीब 32 लाख रुपए की रकम कब-कब और किस तरह इस्तेमाल की गई। पुलिस अब गबन की पूरी रकम, उसके इस्तेमाल और इससे जुड़े दूसरे लेन-देन की जानकारी जुटा रही है।

