पटना के गांधी मैदान के बाहर छोटे कारोबारियों के लिए वेंडिंग कियोस्क बनाया जाएगा। कांसेप्चुअल डिजाइन में चाय-नाश्ता, फल और अन्य रिफ्रेशमेंट की दुकानों को एक समान डिजाइन किया जाएगा। दरअसल, पटना के खाली और कम उपयोग वाले स्थानों को अब बेहतर सार्वजनिक सुविधाओं से जोड़ने की तैयारी है। इसके लिए शहर के तीन प्रमुख क्षेत्रों को अर्बन ग्रीन एंड रिक्रिएशनल इंफ्रास्ट्रक्चर के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इस प्रस्तावित तीन स्थानों में पटेल गोलंबर से एयरपोर्ट होते हुए शेखपुरा मोड़ तक का मार्ग, गांधी मैदान की बाहरी और आंतरिक परिधि और मीठापुर-करबिगहिया के बीच फ्लाईओवर के नीचे का क्षेत्र शामिल है। गांधी मैदान के बाहर ऑटो स्टैंड को व्यवस्थित करने का प्रस्ताव गांधी मैदान की बाहरी परिधि को व्यवस्थित सार्वजनिक क्षेत्र के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव है। इसमें चौड़ा फुटपाथ, हरियाली, बैठने की जगह, स्ट्रीट लाइट और वेंडिंग कियोस्क की परिकल्पना की गई है। कांसेप्चुअल डिजाइन को एक समान रखने का सुझाव दिया गया है। इससे सड़क किनारे बेतरतीब दुकानें लगाने के बजाय निर्धारित स्थान पर वेंडिंग की व्यवस्था की जा सकती है। गांधी मैदान के गेट क्षेत्र में ऑटो स्टैंड को भी व्यवस्थित करने का प्रस्ताव है। कचरा प्रबंधन के लिए गीले, सूखे और रिसाइकिल होने वाले कचरे के अलग-अलग डस्टबिन लगाने की योजना है। बेंच, छोटे लैंडस्केप क्षेत्र और पर्याप्त रोशनी से यहां आने वाले लोगों को बेहतर सार्वजनिक स्थान उपलब्ध कराने की परिकल्पना है। गांधी मैदान के अंदर मिलेगी टहलने और साइकिल चलाने की सुविधा गांधी मैदान की आंतरिक परिधि के विकास का भी कांसेप्ट तैयार किया गया है। प्रस्तावित डिजाइन में पैदल पथ को व्यवस्थित करने, हरियाली बढ़ाने और लोगों के बैठने के लिए स्थान विकसित करने की योजना है। कुछ हिस्सों में अलग साइकिल ट्रैक भी प्रस्तावित है। इससे मैदान के आसपास के खुले स्थानों को केवल आवागमन तक सीमित रखने के बजाय टहलने, बैठने और साइकिल चलाने के लिए उपयोगी बनाया जा सकेगा। पटेल गोलंबर-एयरपोर्ट मार्ग बनेगा ग्रीन कॉरिडोर पटेल गोलंबर से एयरपोर्ट होते हुए शेखपुरा मोड़ तक के मार्ग को ग्रीन इंफ्रास्ट्रक्चर के रूप में विकसित करने का कांसेप्ट तैयार किया गया है। प्रस्तावित डिजाइन में सड़क के दोनों ओर व्यवस्थित फुटपाथ, अलग साइकिल ट्रैक और पर्याप्त हरियाली की व्यवस्था दिखाई गई है। डिवाइडर और सड़क के किनारे पौधारोपण के साथ पूरे मार्ग को आकर्षक बनाने की योजना है। पैदल यात्रियों की सुविधा के लिए फुटपाथ पर पीले रंग की टैक्टाइल पट्टी लगाने का भी प्रस्ताव है, जिससे दृष्टिबाधित लोगों को आवाजाही में मदद मिल सकेगी। सड़क किनारे सजावटी स्ट्रीट लाइट, गमले और पौधों की कतार के अलावा दीवारों पर बिहार की कला एवं संस्कृति से जुड़े चित्र लगाने की परिकल्पना है। इससे एयरपोर्ट मार्ग को शहर के आकर्षक प्रवेश मार्ग के रूप में विकसित किया जा सकेगा। फ्लाईओवर के नीचे बनेगा हरित सार्वजनिक क्षेत्र मीठापुर से करबिगहिया के बीच फ्लाईओवर के नीचे के क्षेत्र को भी विकसित करने का प्रस्ताव है। फ्लाईओवर के पिलरों के बीच पौधों से सजे लैंडस्केप क्षेत्र, पैदल पथ, बैठने की जगह और आकर्षक रोशनी लगाने का प्रस्ताव है। सड़क किनारे पैदल यात्रियों के लिए टैक्टाइल पथ और अलग-अलग प्रकार के कूड़ेदान भी प्रस्तावित हैं। पटना के गांधी मैदान के बाहर छोटे कारोबारियों के लिए वेंडिंग कियोस्क बनाया जाएगा। कांसेप्चुअल डिजाइन में चाय-नाश्ता, फल और अन्य रिफ्रेशमेंट की दुकानों को एक समान डिजाइन किया जाएगा। दरअसल, पटना के खाली और कम उपयोग वाले स्थानों को अब बेहतर सार्वजनिक सुविधाओं से जोड़ने की तैयारी है। इसके लिए शहर के तीन प्रमुख क्षेत्रों को अर्बन ग्रीन एंड रिक्रिएशनल इंफ्रास्ट्रक्चर के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इस प्रस्तावित तीन स्थानों में पटेल गोलंबर से एयरपोर्ट होते हुए शेखपुरा मोड़ तक का मार्ग, गांधी मैदान की बाहरी और आंतरिक परिधि और मीठापुर-करबिगहिया के बीच फ्लाईओवर के नीचे का क्षेत्र शामिल है। गांधी मैदान के बाहर ऑटो स्टैंड को व्यवस्थित करने का प्रस्ताव गांधी मैदान की बाहरी परिधि को व्यवस्थित सार्वजनिक क्षेत्र के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव है। इसमें चौड़ा फुटपाथ, हरियाली, बैठने की जगह, स्ट्रीट लाइट और वेंडिंग कियोस्क की परिकल्पना की गई है। कांसेप्चुअल डिजाइन को एक समान रखने का सुझाव दिया गया है। इससे सड़क किनारे बेतरतीब दुकानें लगाने के बजाय निर्धारित स्थान पर वेंडिंग की व्यवस्था की जा सकती है। गांधी मैदान के गेट क्षेत्र में ऑटो स्टैंड को भी व्यवस्थित करने का प्रस्ताव है। कचरा प्रबंधन के लिए गीले, सूखे और रिसाइकिल होने वाले कचरे के अलग-अलग डस्टबिन लगाने की योजना है। बेंच, छोटे लैंडस्केप क्षेत्र और पर्याप्त रोशनी से यहां आने वाले लोगों को बेहतर सार्वजनिक स्थान उपलब्ध कराने की परिकल्पना है। गांधी मैदान के अंदर मिलेगी टहलने और साइकिल चलाने की सुविधा गांधी मैदान की आंतरिक परिधि के विकास का भी कांसेप्ट तैयार किया गया है। प्रस्तावित डिजाइन में पैदल पथ को व्यवस्थित करने, हरियाली बढ़ाने और लोगों के बैठने के लिए स्थान विकसित करने की योजना है। कुछ हिस्सों में अलग साइकिल ट्रैक भी प्रस्तावित है। इससे मैदान के आसपास के खुले स्थानों को केवल आवागमन तक सीमित रखने के बजाय टहलने, बैठने और साइकिल चलाने के लिए उपयोगी बनाया जा सकेगा। पटेल गोलंबर-एयरपोर्ट मार्ग बनेगा ग्रीन कॉरिडोर पटेल गोलंबर से एयरपोर्ट होते हुए शेखपुरा मोड़ तक के मार्ग को ग्रीन इंफ्रास्ट्रक्चर के रूप में विकसित करने का कांसेप्ट तैयार किया गया है। प्रस्तावित डिजाइन में सड़क के दोनों ओर व्यवस्थित फुटपाथ, अलग साइकिल ट्रैक और पर्याप्त हरियाली की व्यवस्था दिखाई गई है। डिवाइडर और सड़क के किनारे पौधारोपण के साथ पूरे मार्ग को आकर्षक बनाने की योजना है। पैदल यात्रियों की सुविधा के लिए फुटपाथ पर पीले रंग की टैक्टाइल पट्टी लगाने का भी प्रस्ताव है, जिससे दृष्टिबाधित लोगों को आवाजाही में मदद मिल सकेगी। सड़क किनारे सजावटी स्ट्रीट लाइट, गमले और पौधों की कतार के अलावा दीवारों पर बिहार की कला एवं संस्कृति से जुड़े चित्र लगाने की परिकल्पना है। इससे एयरपोर्ट मार्ग को शहर के आकर्षक प्रवेश मार्ग के रूप में विकसित किया जा सकेगा। फ्लाईओवर के नीचे बनेगा हरित सार्वजनिक क्षेत्र मीठापुर से करबिगहिया के बीच फ्लाईओवर के नीचे के क्षेत्र को भी विकसित करने का प्रस्ताव है। फ्लाईओवर के पिलरों के बीच पौधों से सजे लैंडस्केप क्षेत्र, पैदल पथ, बैठने की जगह और आकर्षक रोशनी लगाने का प्रस्ताव है। सड़क किनारे पैदल यात्रियों के लिए टैक्टाइल पथ और अलग-अलग प्रकार के कूड़ेदान भी प्रस्तावित हैं।

