शाहजहांपुर की रामगंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से शाहजहांपुर में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। रविवार शाम 4 बजे डबरी घाट पर नदी का पानी 137.30 मीटर पहुंच गया, जो खतरे के निशान के बराबर है। उधर, दियूनी बैराज से लगातार छठे दिन 11,256 क्यूसेक पानी गर्रा नदी में छोड़ा गया। पानी बढ़ने का सबसे ज्यादा असर परशुरामपुरी और कलान तहसील के निचले इलाकों में पड़ने की आशंका है। प्रशासन ने नदी किनारे और बाढ़ संभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने के साथ जरूरत पड़ने पर ऊंची जगहों पर जाने की अपील की है। रामगंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। रविवार शाम डबरी घाट पर पानी 137.30 मीटर दर्ज किया गया। खतरे के निशान तक पानी पहुंचने के बाद प्रशासन ने नदी किनारे बसे गांवों और निचले इलाकों पर निगरानी बढ़ा दी है। परशुरामपुरी और कलान तहसील के संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। नदी किनारे जाने पर रोक, बच्चों और पशुओं पर भी नजर प्रशासन ने लोगों से पानी भरे रास्तों, पुलिया और नदी के आसपास जाने से बचने को कहा है। गहरे पानी में नहाने, मछली पकड़ने या फोटो-सेल्फी लेने पर भी रोक की अपील की गई है। बच्चों को नदी की ओर न जाने दें और पशुओं को भी सुरक्षित ऊंची जगह पर बांधकर रखें।
जरूरी सामान और पशुओं के चारे का इंतजाम रखें बाढ़ की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से पहले से तैयारी रखने को कहा है। घर में पर्याप्त सूखा राशन, साफ पानी, टॉर्च, जरूरी दवाएं और महत्वपूर्ण दस्तावेज सुरक्षित रखने की सलाह दी गई है। पशुओं के लिए भी चारे और पीने के पानी की व्यवस्था पहले से करने को कहा गया है। प्रशासन ने लोगों को अफवाहों से बचने और केवल आधिकारिक सूचना पर भरोसा करने की अपील की है। 24 घंटे निगरानी, राहत शिविर और बचाव दल अलर्ट परशुरामपुरी और कलान के एसडीएम को लेखपालों, ग्राम विकास अधिकारियों और आपदा मित्रों के जरिए 24 घंटे जलस्तर और तटबंधों की निगरानी कराने के निर्देश दिए गए हैं। चिन्हित बाढ़ राहत शिविरों को तैयार रखने और वहां पानी, बिजली, भोजन, शौचालय व मेडिकल किट की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है। मोटरबोट, नाविक, गोताखोर और जरूरत पड़ने पर SDRF/NDRF की टीमों को भी अलर्ट पर रखने के निर्देश हैं, ताकि जलस्तर और बढ़ने पर तुरंत राहत-बचाव शुरू किया जा सके।

