उन्नाव के ग्राम सभा बनी में रविवार रात किसान आंदोलन की जन सत्याग्रह सभा हुई। इसमें संगठन के पदाधिकारियों ने किसानों की छह सूत्री मांगों को लेकर आवाज उठाई। किसान आंदोलन के प्रदेश अध्यक्ष अजय अनमोल ने कहा कि किसानों के साथ हो रहे भेदभाव को खत्म कर उनकी समस्याओं को जल्द सुलझाया जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि इन मांगों को लेकर किसान आंदोलन जिले के गांव-गांव में जाकर लोगों को जागरूक करेगा। प्रदेश अध्यक्ष अजय अनमोल ने यह भी कहा कि ट्रांस गंगा सिटी के लिए किसानों से हुए समझौते के तहत उन्हें छह प्रतिशत विकसित जमीन मिलनी है। किसानों को अभी तक इसका फायदा नहीं मिला है। उन्होंने मांग की कि छह प्रतिशत विकसित जमीन का आवंटन जल्द से जल्द किसानों को किया जाए। दूसरी मांग में उन्होंने उत्तर प्रदेश के लोगों को दूसरे राज्यों की तरह 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली देने की व्यवस्था लागू करने को कहा। तीसरी मांग उन्नाव में बाढ़ की समस्या का पक्का समाधान करने की थी। उन्होंने कहा कि बाढ़ से जिले का बड़ा हिस्सा डूब जाता है और किसानों की हजारों बीघा फसल खराब हो जाती है। किसानों को इस नुकसान से बचाने के लिए गंगा किनारे रिवर फ्रंट बनाने की मांग की गई। चौथी मांग में महिलाओं को हर महीने तीन हजार रुपये और बेरोजगार युवाओं को चार हजार रुपये बेरोजगारी भत्ता देने की व्यवस्था लागू करने की बात कही गई। पांचवीं मांग जिले की बिजली व्यवस्था ठीक करने की थी। अजय अनमोल ने कहा कि ट्रांस गंगा सिटी में बंद पड़े पांच बिजलीघरों को जल्द चालू करके पूरे उन्नाव को बिना रुकावट बिजली दी जा सकती है। छठी मांग में जिले में बढ़ रहे जल और वायु प्रदूषण पर चिंता जताई गई। संगठन ने प्रदूषण फैलाने वाले बूचड़खानों को आबादी से दूर बनाने की मांग की। प्रदेश सचिव कप्तान राहुल तिवारी ने कहा कि जिले में जल प्रदूषण, बिजली और बाढ़ जैसी समस्याएं गंभीर हो चुकी हैं।ट्रांस गंगा सिटी में बंद पांच बिजलीघरों की मशीनरी खराब हो रही है, जिससे सरकार को दोहरा नुकसान हो रहा है। इन्हें बिजली व्यवस्था से जोड़कर उपयोग में लाया जा सकता है।
जिला संगठन मंत्री लल्लन शर्मा ने छह प्रतिशत विकसित भूमि किसानों को जल्द देने की मांग की। उन्होंने कहा कि संगठन गांव-गांव जाकर किसानों के मुद्दों पर चर्चा करेगा। दो अक्टूबर गांधी जयंती पर जन सत्याग्रह संकल्प सभा आयोजित की जाएगी।
कार्यक्रम आयोजक बालाजी राजपूत ने ग्रामीणों के साथ किसान आंदोलन के साथ मिलकर संघर्ष करने का भरोसा दिलाया। इस दौरान ग्राम प्रधान व किसान आंदोलन के संगठन सचिव करण त्रिवेदी, संजय शर्मा, वरुण राजपूत, किशन प्रजापति, अरविंद राठौड़, सूरज राजपूत, रतीभान, शिवम त्रिपाठी, राघवेंद्र राजपूत, मोहित राजपूत, कल्याण सिंह राजपूत समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण और किसान आंदोलन के कार्यकर्ता मौजूद रहे।

