दिल्ली में रविवार दोपहर 1.30 बजे एक 5 मंजिला इमारत गिर गई। इस हादसे में 6 लोगों की मौत हो गई। 12 लोगों का रेस्क्यू किया गया है। 5 लोग गंभीर घायल हैं, जिन्हें एम्स में भर्ती किया गया है। जो इमारत गिरी वो 40 साल पुरानी थी। इसका कंस्ट्रक्शन 1990 में हुआ था। हालांकि 6 सितंबर के MCD के एक ऑर्डर में सत्य निकेतन को जर्जर और खतरनाक स्थिति में बताया गया है। प्रत्यक्षदर्शियों, पीजी में रहने वाले स्टूडेंट्स और आस-पड़ोस के लोगों के मुताबिक बेसमेंट में पिछले 7 दिन से तोड़फोड़ चल रही थी। पहले से कमजोर बेसमेंट में पानी भी भरा था। रविवार को खुदाई के दौरान एक पिलर खिसकने से इमारत ढह गई। इससे वहां काम कर रहे मजदूर भी दब गए। इधर, हादसे के बाद से लगातार मलबा हटाने का काम जारी है। पड़ोस में बनी एक और बिल्डिंग को खाली करा लिया गया है। उसमें भी दरारें देखी गई हैं। रेस्क्यू टीमों का कहना है कि मलबा हटाने से उस बिल्डिंग के गिरने की आशंका है। वहीं, बिल्डिंग को सपोर्ट देने के लिए पिलर्स लगाए जा रहे हैं। हादसे के बाद हुए एक्शन… मैप के जरिए समझिए हादसे की लोकेशन… सत्य निकेतन दिल्ली यूनिवर्सिटी के साउथ कैंपस के पास बसा प्रमुख छात्र इलाका है। यहां बड़ी संख्या में छात्र PG और हॉस्टल में रहते हैं। इलाके में कई छात्र आवास हैं और आसपास वेंकटेश्वर कॉलेज, आर्यभट्ट कॉलेज, मोतीलाल नेहरू कॉलेज और मैत्रेयी कॉलेज जैसे संस्थान हैं। इसी वजह से यहां दिनभर छात्रों की आवाजाही रहती है। हालांकि, सत्य निकेतन में कुल कितने छात्र रहते हैं, इसका कोई आधिकारिक आंकड़ा उपलब्ध नहीं है। दिल्ली पीजी हादसे से जुड़े अपडेट्स के लिए ब्लॉग से गुजर जाइए…
दिल्ली पीजी हादसा- मलबे से 6 शव निकले:बेसमेंट में तोड़फोड़ से 5 मंजिला इमारत गिरी: स्निफर डॉग और कैमरे से दबे लोगों की तलाश

