वाराणसी में बीएचयू के सर सुंदरलाल अस्पताल में कार्डियोथोरेसिक सर्जन रहे पद्मश्री प्रो. टीके लाहिड़ी के साथ वार्ड में मारपीट के आरोप मामले में जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति बनाई गई है। इसमें बीएचयू के चीफ प्रॉक्टर, आईएमएस निदेशक और डीसीपी काशी को रखा गया है। इस पूरे मामले में सीएम योगी आदित्यनाथ ने संज्ञान लेते हुए मंत्री रवींद्र जायसवाल को अस्पताल भेजा। वही,इस पूरे मामले पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने 6 सितंबर की शाम 5.30 बजे पक्ष रखते हुए बताया कि सभी आरोप गलत है। सबसे पहले अब जानिए मामले की शुरुआत कहां से हुई पद्मश्री प्रो. टीके लहरी 27 जनवरी से बीएचयू अस्पताल के आईसीयू में भर्ती हैं और उनका इलाज चल रहा है। परिजनों के मुताबिक, 29 अगस्त की रात सुपरस्पेशियलिटी ब्लॉक की पांचवीं मंजिल पर स्थित कार्डियोथोरेसिक विभाग के आईसीयू में उनके साथ मारपीट की गई। परिजनों का कहना है कि 1 सितंबर को विभाग के स्तर से उन्हें घटना की जानकारी मिली। इसके बाद उन्हें प्रो. लहरी को लगी चोटों से संबंधित फोटो और वीडियो उपलब्ध कराए गए। परिजनों ने ईमेल के माध्यम से बीएचयू के कुलपति, आईएमएस बीएचयू के निदेशक और चिकित्सा अधीक्षक से शिकायत की। परिजनों ने प्रो. लहरी की मेडिकल जांच कराने की मांग की है। लेकिन कोई भी परिजन उनसे मिलने के लिए खुद बीएचयू अस्पताल नहीं पहुंचा। प्रो. लाहिड़ी मेरे गुरु,आरोप गलतः डॉ. अरविंद पांडेय डॉ. अरविंद पांडेय ने कहा – प्रो. लाहिड़ी मेरे गुरु हैं। मैं उनके साथ मारपीट के बारे में सोच भी नहीं सकता हूं। वह थूक रहे थे। मैंने बस मुंह की तरफ हाथ बढ़ाकर रोकने का प्रयास किया। पिछले आठ महीने से उनकी सेवा कर रहा हूं। वार्ड में शौच कर देते हैं तो मैं उसे भी साफ कराता हूं। पीटने और गाली देने का आरोप बेबुनियाद और गलत है। अधिवक्ता ने लंका थाने में दी तहरीर अधिवक्ता दीपक राय ‘कान्हा’ ने लंका थाने में तहरीर दी है। आरोप लगाया है कि कार्डियोथोरेसिक सर्जन पद्मश्री डॉ. टीके लाहिड़ी के साथ डॉ. अरविंद पांडेय ने मारपीट की। मारपीट से उनके चेहरे और आंख में गंभीर चोट आई है। मुकदमा दर्ज कर तत्काल कार्रवाई की मांग की गई है। बीएचयू के छात्रों ने किया विरोध बीएचयू के छात्रों ने परिसर स्थित विश्वनाथ मंदिर के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। छात्रों ने प्रो. लाहिड़ी को न्याय दिलाने की मांग की। वहीं दूसरी ओर से अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) बीएचयू इकाई के प्रतिनिधिमंडल ने प्रो. लाहिड़ी से मुलाकात की। इकाई अध्यक्ष पल्लव सुमन ने कहा कि आरोपी को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाए। सहमंत्री जया यादव प्रो. लाहिड़ी को सुरक्षा व्यवस्था देने की मांग की है। क्या बोले निदेशक और एमएस आईएमएस निदेशक प्रो. एसएन संखवार के अनुसार प्रो. टीके लाहिड़ी के साथ मारपीट नहीं हुई है। मैंने खुद जाकर हालचाल लिया है। डॉ. अरविंद पिछले आठ माह से सेवा कर रहे हैं। जो भी आरोप लग रहा है वह गलत है। हमारी टीम लगातार निगरानी कर रही है। वहीं, अस्पताल के एमएस प्रोफेसर पुनीत के अनुसार मारपीट का आरोप गलत है। बहन की शिकायत के बाद एक टीम जांच के लिए गई थी। मारपीट नहीं हुई है। अस्पताल के डॉक्टर और कर्मचारी ही उनकी सेवा कर रहे हैं। बीएचयू ने जारी किया स्पष्टीकरण बीएचयू प्रशासन ने इस बीच स्पष्ट किया है कि प्रो. लाहिड़ी के साथ सर सुंदरलाल अस्पताल में कथित मारपीट और दुर्व्यवहार प्रकरण की शिकायत बीएचयू के कुलपति, आईएमएस निदेशक और चिकित्सा अधीक्षक को ई-मेल पर प्राप्त हुई थी। चिकित्सा अधीक्षक (एमएस) ने तीन सितम्बर को ह्रदय रोग, सामान्य मेडिसिन, मनोचिकित्सा, वृद्धावस्था रोग, न्यूरोलोजी, क्रिटिकल केयर और, टीबी और छाती रोग के विशेषज्ञ चिकित्सकों से डॉ. लाहिड़ी के स्वास्थ्य की जांच का आदेश जारी किया। विशेषज्ञ चिकित्सकों की रिपोर्ट के अनुसार डॉ लाहिड़ी उम्र जनित शारीरिक और मानसिक बीमारियों के चलते अपने उपचार, नित्यकर्म तथा साफ-सफाई में भी आनाकानी करते रहते हैं।

