थाने में पंचायत, महिला ने दिया बच्चे को जन्म:बाराबंकी में 4 महीने पहले हुई थी शादी, बोली- ससुराल वालों को पहले से पता थी प्रेग्नेंसी

थाने में पंचायत, महिला ने दिया बच्चे को जन्म:बाराबंकी में 4 महीने पहले हुई थी शादी, बोली- ससुराल वालों को पहले से पता थी प्रेग्नेंसी

बाराबंकी के सुबेहा थाने में रविवार को पारिवारिक विवाद को लेकर चल रही समझौते की पंचायत के दौरान अचानक नवविवाहिता की तबीयत बिगड़ गई। कुछ ही देर में थाना परिसर में बच्चे की किलकारी गूंजने लगी। शादी के करीब चार महीने बाद महिला के बच्चे को जन्म देने की खबर से पुलिसकर्मी और वहां मौजूद लोग भी हैरान रह गए। महिला को तत्काल बाराबंकी जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है। अस्पताल में महिला ने ससुराल पक्ष के उन आरोपों को खारिज किया, जिनमें शादी के समय गर्भवती होने की बात छिपाने का आरोप लगाया गया था। महिला का कहना है कि ससुराल वालों को उसकी गर्भावस्था की जानकारी पहले से थी। ससुराल पक्ष ने लगाया था पुराने संबंध का आरोप जानकारी के मुताबिक, सुबेहा क्षेत्र की युवती की शादी करीब चार महीने पहले कोठी थाना क्षेत्र के सेमरावा गांव निवासी सूरज से हुई थी। शादी के कुछ समय बाद ससुराल पक्ष को महिला के गर्भवती होने की जानकारी हुई तो दोनों परिवारों के बीच विवाद शुरू हो गया। ससुराल पक्ष का आरोप था कि महिला का शादी से पहले मायके के ही एक युवक से संबंध था और वह करीब सात माह की गर्भवती थी। इसी वजह से पति ने उसे साथ रखने से इनकार कर दिया। विवाद बढ़ने के बाद दोनों पक्षों को सुबेहा थाने बुलाया गया था। यहां पुलिस की मौजूदगी में मामले को बातचीत के जरिए सुलझाने की कोशिश की जा रही थी। पंचायत के बीच शुरू हुई प्रसव पीड़ा बताया गया कि थाने में समझौते की बातचीत चल रही थी, तभी महिला को तेज प्रसव पीड़ा होने लगी। कुछ ही देर में उसने थाना परिसर में ही बच्चे को जन्म दे दिया। अचानक हुई इस घटना से थाने में मौजूद पुलिसकर्मियों और ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। पुलिस और परिजनों ने तत्काल मां और नवजात को जिला अस्पताल पहुंचाया। महिला का दावा- शाम 4 बजे से हो रहा था तेज दर्द जिला अस्पताल में उपचाराधीन महिला ने बताया कि उसे शाम करीब 4 बजे से ही तेज दर्द हो रहा था। उसका आरोप है कि पति उसे अस्पताल ले जाने के बजाय सीधे थाने लेकर आया। महिला के मुताबिक, थाने में दोनों पक्षों के बीच पंचायत चल रही थी। इसी दौरान उसकी हालत बिगड़ गई और उसने बच्चे को जन्म दे दिया। महिला बोली- ससुराल वालों को पहले से थी जानकारी महिला ने ससुराल पक्ष के इस दावे को भी खारिज किया कि उसने गर्भावस्था की बात छिपाकर शादी की थी। उसका कहना है कि ससुराल के लोगों को शादी से पहले ही उसके गर्भवती होने की जानकारी थी। महिला के इस बयान के बाद मामले में नया विवाद खड़ा हो गया है। अब पुलिस के सामने यह जांच करना अहम होगा कि महिला की गर्भावस्था की जानकारी ससुराल पक्ष को कब और किस तरह हुई थी और शादी के बाद दोनों परिवारों के बीच विवाद किन परिस्थितियों में बढ़ा। पुलिस जांच के बाद साफ होगी पूरी तस्वीर फिलहाल मां और बच्चा जिला अस्पताल में उपचाराधीन हैं। मामले में दोनों पक्षों की ओर से लगाए जा रहे आरोपों की पुलिस जांच कर रही है। महिला के बयान और ससुराल पक्ष के आरोपों में अंतर होने के कारण पुलिस के लिए दोनों पक्षों के दावों की पुष्टि करना अहम होगा। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि शादी से पहले गर्भावस्था की जानकारी किस-किस को थी और विवाद की वास्तविक वजह क्या थी।

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