पाली: सदर थाना क्षेत्र के जोधपुर रोड स्थित रेलवे घुमटी के निकट रविवार सुबह एक 19 वर्षीय विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। विवाहिता की अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद परिजन उसे उपचार के लिए पाली के बांगड़ अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलने पर सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को बांगड़ अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया। पुलिस ने मृतका के पीहर पक्ष को घटना की सूचना दे दी है। पीहर पक्ष के पहुंचने के बाद पोस्टमॉर्टम की कार्रवाई की गई।
पुलिस के अनुसार, रेलवे घुमटी के निकट रहने वाली इन्द्रा (19) रविवार सुबह घर में रखे कूलर में पानी भर रही थी। इसी दौरान उसने कूलर के पास छिपकली देख ली। पति जितेन्द्र बंजारा और उसके परिजनों के अनुसार, छिपकली देखकर इन्द्रा घबरा गई। इसके बाद उसकी तबीयत खराब हो गई। परिजन तत्काल उसे बांगड़ अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
घटना की जानकारी मिलने के बाद सदर थाना पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने शव को बांगड़ अस्पताल की मोर्चरी में रखवाकर मृतका के पीहर पक्ष को सूचना दी। एसआई श्रवण सिंह ने बताया कि मृतका का पीहर सूरतगढ़ में है और परिजनों को घटना की जानकारी दे दी गई है। पीहर पक्ष के पहुंचने के बाद पोस्टमॉर्टम करवाया गया।
2 साल पहले हुई थी शादी
ससुराल पक्ष के अनुसार, इन्द्रा और जितेन्द्र का विवाह करीब दो साल पहले हुआ था। फिलहाल विवाहिता की मौत किन परिस्थितियों में हुई और इसका वास्तविक कारण क्या रहा, यह स्पष्ट नहीं हो पाया है। परिजनों की ओर से बताया गया है कि कूलर में पानी भरते समय इन्द्रा ने छिपकली देखी थी, जिसके बाद वह घबरा गई और उसकी तबीयत बिगड़ गई। हालांकि, मौत का कारण केवल इसी घटना को मानना अभी जल्दबाजी होगी।
पुलिस के मुताबिक, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों का स्पष्ट पता चल सकेगा। इसके अलावा पीहर पक्ष की ओर से रिपोर्ट मिलने के बाद पुलिस मामले में आगे की कार्रवाई करेगी। फिलहाल, पुलिस पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट तथा परिजनों की शिकायत के आधार पर जांच आगे बढ़ाएगी।
यदि घर में अचानक छिपकली सामने आ जाए तो क्या करें?
घर में छिपकली दिखाई देने पर सबसे पहले घबराएं नहीं और उससे दूरी बनाए रखें। उसे पकड़ने या मारने के लिए सीधे हाथ न लगाएं। यदि संभव हो तो कमरे का दरवाजा या खिड़की खोल दें और छिपकली को बाहर निकलने का रास्ता दें। बच्चों और पालतू जानवरों को उस जगह से दूर रखें।
अगर छिपकली किसी कूलर, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण या ऐसी जगह दिखाई दे, जहां हाथ डालना जोखिम भरा हो, तो उपकरण को बंद कर सुरक्षित दूरी बनाए रखें। जरूरत पड़ने पर परिवार के किसी अन्य सदस्य की मदद लें। छिपकली को देखकर घबराहट, चक्कर, सांस लेने में परेशानी या अचानक तबीयत खराब होने जैसी स्थिति हो तो इसे नजरअंदाज न करें और तत्काल चिकित्सकीय सहायता लें।

