किशनगंज में अवैध यूरिया की ढुलाई और कालाबाजारी के खिलाफ कृषि विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। विभागीय टीम ने जांच के दौरान एक तिरपाल से ढकी जुगाड़ गाड़ी को पकड़कर उसमें लदा 90 बोरा यूरिया जब्त किया। जब्त यूरिया का कुल वजन करीब 4,050 किलोग्राम बताया गया है। मामले में कृषि समन्वयक सह उर्वरक निरीक्षक नीरज कुमार ने शनिवार को किशनगंज सदर थाने में FIR दर्ज कराई है। जांच के दौरान पकड़ी गई संदिग्ध जुगाड़ गाड़ी FIR के अनुसार, जिला कृषि अधिकारी के निर्देश पर उर्वरक निरीक्षक नीरज कुमार पांच सितंबर को लाम्बा बस्ती स्थित चकला आदिवासी टोला के पास उर्वरक की जांच कर रहे थे। इसी दौरान चकला-महीनगांव रोड की ओर से तिरपाल से ढकी एक संदिग्ध जुगाड़ गाड़ी आती दिखाई दी। टीम ने चालक को गाड़ी रोकने का इशारा किया। पुलिस पहुंचने से पहले चालक को साथ ले गया साकिर गाड़ी रुकने के बाद टीम ने चालक को पकड़ लिया और पुलिस को सूचना दी। पुलिसकर्मियों के मौके पर पहुंचने से पहले ही साकिर आलम करीब दस लोगों के साथ वहां पहुंचा और चालक को अपने साथ लेकर चला गया। कृषि विभाग के आवेदन में साकिर आलम के चालक का सहयोगी होने की आशंका जताई गई है। बिना कागजात के मिली 90 बोरी यूरिया इसके बाद पुलिस और कृषि विभाग की टीम जुगाड़ गाड़ी को किशनगंज टाउन थाना लेकर पहुंची। तलाशी लेने पर गाड़ी से 90 बोरा यूरिया बरामद हुआ। काफी देर तक इंतजार करने के बावजूद कोई भी व्यक्ति यूरिया से संबंधित वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। कालाबाजारी और जमाखोरी की आशंका कृषि विभाग के मुताबिक, वैध दस्तावेज नहीं मिलने के कारण शुरुआती जांच में यूरिया की अवैध ढुलाई, कालाबाजारी या जमाखोरी की आशंका है। विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई शुरू कर दी है। वाहन मालिक समेत कई लोगों पर केस उर्वरक निरीक्षक नीरज कुमार ने आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 और उर्वरक नियंत्रण आदेश, 1985 की संबंधित धाराओं के तहत वाहन मालिक, संचालक, साकिर आलम समेत अन्य लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कराई है। पुलिस अब मामले की जांच कर यूरिया के स्रोत और इसके संभावित गंतव्य का पता लगाने में जुटी है। किशनगंज में अवैध यूरिया की ढुलाई और कालाबाजारी के खिलाफ कृषि विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। विभागीय टीम ने जांच के दौरान एक तिरपाल से ढकी जुगाड़ गाड़ी को पकड़कर उसमें लदा 90 बोरा यूरिया जब्त किया। जब्त यूरिया का कुल वजन करीब 4,050 किलोग्राम बताया गया है। मामले में कृषि समन्वयक सह उर्वरक निरीक्षक नीरज कुमार ने शनिवार को किशनगंज सदर थाने में FIR दर्ज कराई है। जांच के दौरान पकड़ी गई संदिग्ध जुगाड़ गाड़ी FIR के अनुसार, जिला कृषि अधिकारी के निर्देश पर उर्वरक निरीक्षक नीरज कुमार पांच सितंबर को लाम्बा बस्ती स्थित चकला आदिवासी टोला के पास उर्वरक की जांच कर रहे थे। इसी दौरान चकला-महीनगांव रोड की ओर से तिरपाल से ढकी एक संदिग्ध जुगाड़ गाड़ी आती दिखाई दी। टीम ने चालक को गाड़ी रोकने का इशारा किया। पुलिस पहुंचने से पहले चालक को साथ ले गया साकिर गाड़ी रुकने के बाद टीम ने चालक को पकड़ लिया और पुलिस को सूचना दी। पुलिसकर्मियों के मौके पर पहुंचने से पहले ही साकिर आलम करीब दस लोगों के साथ वहां पहुंचा और चालक को अपने साथ लेकर चला गया। कृषि विभाग के आवेदन में साकिर आलम के चालक का सहयोगी होने की आशंका जताई गई है। बिना कागजात के मिली 90 बोरी यूरिया इसके बाद पुलिस और कृषि विभाग की टीम जुगाड़ गाड़ी को किशनगंज टाउन थाना लेकर पहुंची। तलाशी लेने पर गाड़ी से 90 बोरा यूरिया बरामद हुआ। काफी देर तक इंतजार करने के बावजूद कोई भी व्यक्ति यूरिया से संबंधित वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। कालाबाजारी और जमाखोरी की आशंका कृषि विभाग के मुताबिक, वैध दस्तावेज नहीं मिलने के कारण शुरुआती जांच में यूरिया की अवैध ढुलाई, कालाबाजारी या जमाखोरी की आशंका है। विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई शुरू कर दी है। वाहन मालिक समेत कई लोगों पर केस उर्वरक निरीक्षक नीरज कुमार ने आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 और उर्वरक नियंत्रण आदेश, 1985 की संबंधित धाराओं के तहत वाहन मालिक, संचालक, साकिर आलम समेत अन्य लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कराई है। पुलिस अब मामले की जांच कर यूरिया के स्रोत और इसके संभावित गंतव्य का पता लगाने में जुटी है।

