औरंगाबाद में एसपी ने एएसआई को किया सस्पेंड:नशे में ग्रामीणों के साथ गाली-गलौज करने का आरोप, रफीगंज थाने में थे पोस्टेड

औरंगाबाद में एसपी ने एएसआई को किया सस्पेंड:नशे में ग्रामीणों के साथ गाली-गलौज करने का आरोप, रफीगंज थाने में थे पोस्टेड

औरंगाबाद के रफीगंज थाना पदस्थापित एएसआई मुक्तिदेव निराला को एसपी उपेंद्र नाथ वर्मा ने सस्पेंड कर दिया है। एएसआई पर आरोप है कि नशे की हालत में ग्रामीणों के साथ गाली-गलौज की। जिसका वीडियो सामने आया। इसी वीडियो के आधार पर कार्रवाई की गई है। निलंबन अवधि में मुक्तिदेव का मुख्यालय पुलिस केंद्र औरंगाबाद निर्धारित किया गया है। युवकों से हुई थी बहस, ग्रामीणों ने वीडियो बनाया मामला रफीगंज थाना क्षेत्र के सरावक गांव के के पास का है। बताया जाता है कि एएसआई मुक्तिदेव निराला बीती रात कहीं से लौट रहे थे। इसी दौरान सड़क पर मौजूद कुछ युवकों से उनकी कहासुनी हो गई। ग्रामीणों का आरोप है कि एएसआई नशे की हालत में थे और युवकों से उलझते हुए उन पर शराब पीने का आरोप लगाने लगे। इसके बाद ग्रामीणों ने भी उनका विरोध किया और एएसआई पर ही नशे में होने का आरोप लगाया। मामला धीरे-धीरे बढ़ गया और मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए थाना से अन्य पुलिसकर्मियों को बुलाया गया। विरोध बढ़ने पर एएसआई वहां से निकलने का प्रयास करने लगे। इसी दौरान ग्रामीणों ने घटना का वीडियो बना लिया। मामले की जांच कराने पर जोर दे रहे थे ग्रामीण वीडियो में कुछ ग्रामीण एएसआई पर शराब के नशे में होने का आरोप लगाते हुए उनसे सवाल-जवाब करते नजर आ रहे हैं। ग्रामीण यह कहते भी दिखाई दे रहे हैं कि मामले की जांच के बाद ही उन्हें जाने दिया जाएगा। वीडियो में वरीय पुलिस अधिकारियों को घटना की जानकारी देने की बात भी कही गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिसकर्मी ने नशे की हालत में उनके साथ गाली-गलौज और अभद्र व्यवहार किया। घटना के बाद लोगों ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए। ग्रामीणों का कहना है कि शराबबंदी कानून का पालन कराने की जिम्मेदारी पुलिस की है। ऐसे में यदि किसी पुलिसकर्मी पर ही शराब के नशे में होने का आरोप लगता है तो यह गंभीर मामला है। हालांकि एएसआई वास्तव में शराब के नशे में थे या नहीं, इसकी अंतिम पुष्टि जांच और नियमानुसार कार्रवाई के बाद ही स्पष्ट होगी।
एसपी ने किया निलंबित, पुलिस की छवि धूमिल करने का आरोप एसपी कार्यालय से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, वीडियो के अवलोकन और प्रारंभिक जांच में एएसआई का आचरण अत्यंत संदिग्ध, पुलिस की छवि को धूमिल करने वाला है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय पुलिस केंद्र औरंगाबाद निर्धारित किया गया है। पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया है कि विभागीय अनुशासन के विरुद्ध किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दोषी पाए जाने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। औरंगाबाद के रफीगंज थाना पदस्थापित एएसआई मुक्तिदेव निराला को एसपी उपेंद्र नाथ वर्मा ने सस्पेंड कर दिया है। एएसआई पर आरोप है कि नशे की हालत में ग्रामीणों के साथ गाली-गलौज की। जिसका वीडियो सामने आया। इसी वीडियो के आधार पर कार्रवाई की गई है। निलंबन अवधि में मुक्तिदेव का मुख्यालय पुलिस केंद्र औरंगाबाद निर्धारित किया गया है। युवकों से हुई थी बहस, ग्रामीणों ने वीडियो बनाया मामला रफीगंज थाना क्षेत्र के सरावक गांव के के पास का है। बताया जाता है कि एएसआई मुक्तिदेव निराला बीती रात कहीं से लौट रहे थे। इसी दौरान सड़क पर मौजूद कुछ युवकों से उनकी कहासुनी हो गई। ग्रामीणों का आरोप है कि एएसआई नशे की हालत में थे और युवकों से उलझते हुए उन पर शराब पीने का आरोप लगाने लगे। इसके बाद ग्रामीणों ने भी उनका विरोध किया और एएसआई पर ही नशे में होने का आरोप लगाया। मामला धीरे-धीरे बढ़ गया और मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए थाना से अन्य पुलिसकर्मियों को बुलाया गया। विरोध बढ़ने पर एएसआई वहां से निकलने का प्रयास करने लगे। इसी दौरान ग्रामीणों ने घटना का वीडियो बना लिया। मामले की जांच कराने पर जोर दे रहे थे ग्रामीण वीडियो में कुछ ग्रामीण एएसआई पर शराब के नशे में होने का आरोप लगाते हुए उनसे सवाल-जवाब करते नजर आ रहे हैं। ग्रामीण यह कहते भी दिखाई दे रहे हैं कि मामले की जांच के बाद ही उन्हें जाने दिया जाएगा। वीडियो में वरीय पुलिस अधिकारियों को घटना की जानकारी देने की बात भी कही गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिसकर्मी ने नशे की हालत में उनके साथ गाली-गलौज और अभद्र व्यवहार किया। घटना के बाद लोगों ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए। ग्रामीणों का कहना है कि शराबबंदी कानून का पालन कराने की जिम्मेदारी पुलिस की है। ऐसे में यदि किसी पुलिसकर्मी पर ही शराब के नशे में होने का आरोप लगता है तो यह गंभीर मामला है। हालांकि एएसआई वास्तव में शराब के नशे में थे या नहीं, इसकी अंतिम पुष्टि जांच और नियमानुसार कार्रवाई के बाद ही स्पष्ट होगी।
एसपी ने किया निलंबित, पुलिस की छवि धूमिल करने का आरोप एसपी कार्यालय से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, वीडियो के अवलोकन और प्रारंभिक जांच में एएसआई का आचरण अत्यंत संदिग्ध, पुलिस की छवि को धूमिल करने वाला है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय पुलिस केंद्र औरंगाबाद निर्धारित किया गया है। पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया है कि विभागीय अनुशासन के विरुद्ध किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दोषी पाए जाने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।  

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *