मुजफ्फरपुर के पताही एयरपोर्ट के शिलान्यास की निर्धारित तारीख 7 सितंबर अब टल गई है। एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) की ओर से जिला प्रशासन को कार्यक्रम की तिथि आगे बढ़ाए जाने की सूचना दी गई है। फिलहाल नई तारीख की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन सितंबर में ही शिलान्यास कार्यक्रम आयोजित किए जाने की संभावना है। शिलान्यास कार्यक्रम की तारीख भले ही आगे बढ़ गई हो, लेकिन एयरपोर्ट के निर्माण की तैयारी और साइट पर चल रहे काम पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा। पताही एयरपोर्ट पर टर्मिनल बिल्डिंग के लिए जमीन की सफाई और मिट्टी की खुदाई का काम शुरू हो चुका है। फाउंडेशन के लिए साइट तैयार की जा रही है। वहीं, प्रस्तावित रन-वे और एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) टावर समेत एयरपोर्ट के बुनियादी ढांचे को अगले करीब 11 माह में तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। यानी शिलान्यास की तारीख आगे बढ़ने के बावजूद निर्माण कार्य अपनी प्रक्रिया के अनुसार चलता रहेगा। 7 सितंबर की तारीख क्यों टली? एयरपोर्ट अथॉरिटी की ओर से फिलहाल 7 सितंबर की प्रस्तावित तारीख को आगे बढ़ाया गया है। बताया जा रहा है कि 7 सितंबर को प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में सभी केंद्रीय राज्य मंत्रियों को अपने-अपने विभाग का प्रेजेंटेशन देना है। इसमें केंद्रीय जल शक्ति राज्य मंत्री सह मुजफ्फरपुर सांसद डॉ. राजभूषण चौधरी निषाद को भी शामिल होना है। इसी वजह से 7 सितंबर को प्रस्तावित पताही एयरपोर्ट के शिलान्यास कार्यक्रम में केंद्रीय स्तर पर समय का समन्वय नहीं हो सका। अब नई तारीख तय करने की कवायद चल रही है। सितंबर में ही कार्यक्रम कराने की संभावना है।
केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री को भी बुलाने की तैयारी शिलान्यास कार्यक्रम को लेकर अब केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री को भी शामिल कराने की तैयारी की जा रही है। सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय जल शक्ति राज्य मंत्री सह मुजफ्फरपुर सांसद डॉ. राजभूषण चौधरी निषाद 8 सितंबर को केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री से मुलाकात कर सकते हैं। इस दौरान पताही एयरपोर्ट के शिलान्यास कार्यक्रम की नई तारीख और केंद्रीय मंत्री की उपलब्धता को लेकर चर्चा होने की संभावना है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी समेत केंद्रीय और राज्य के अन्य मंत्रियों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों को भी कार्यक्रम में शामिल कराने की तैयारी है। शुरुआत में 19 से 42 सीटर विमान भरेंगे उड़ान पताही एयरपोर्ट को शुरुआती चरण में छोटे क्षेत्रीय यात्री विमानों के संचालन के हिसाब से विकसित किया जा रहा है। प्रस्तावित रन-वे की लंबाई करीब 1 किलोमीटर और चौड़ाई 30 मीटर रखी गई है। इस डिजाइन के आधार पर शुरुआत में यहां 19 से 42 सीट वाले विमान संचालित किए जाने की तैयारी है। इसका मतलब यह है कि शुरुआत में पताही से बड़े एयरबस या बोइंग जैसे विमानों का संचालन नहीं होगा। छोटे क्षेत्रीय यात्री विमानों के जरिए हवाई सेवा शुरू करने की योजना है। भविष्य में यात्री संख्या और एयरपोर्ट की जरूरत के अनुसार सुविधाओं के विस्तार की गुंजाइश रहेगी। एयरपोर्ट का इस्तेमाल केवल यात्री विमानों के संचालन तक सीमित रखने की योजना नहीं है। यहां ट्रेनिंग सेंटर विकसित करने की भी योजना बताई गई है।
टर्मिनल का फाउंडेशन तैयार करने के लिए मिट्टी की खुदाई शुरू शिलान्यास की तारीख आगे बढ़ने के बावजूद टर्मिनल बिल्डिंग का काम नहीं रुका है। परिसर में साफ-सफाई के बाद मिट्टी की खुदाई शुरू कर दी गई है। फाउंडेशन के लिए जमीन तैयार की जा रही है। फाउंडेशन में इस्तेमाल होने वाले कंक्रीट की डिजाइन और उसकी तकनीकी क्षमता तय होने के बाद मुख्य निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ेगा। इसके लिए तकनीकी स्तर पर डिजाइन और कंक्रीट मिक्स से जुड़ी प्रक्रिया चल रही है। फाउंडेशन तैयार होने के बाद टर्मिनल बिल्डिंग के निर्माण की रफ्तार और स्पष्ट दिखाई देगी। टर्मिनल बिल्डिंग में यात्रियों के प्रवेश, चेक-इन, सुरक्षा जांच और अन्य यात्री सुविधाओं की व्यवस्था होगी। तीन बड़े काम पहले, इसके बाद पार्किंग और दूसरी सुविधाएं पताही एयरपोर्ट के शुरुआती निर्माण चरण में तीन प्रमुख कामों पर फोकस किया जा रहा है। इनमें रन-वे, टर्मिनल बिल्डिंग और एयर ट्रैफिक कंट्रोल टावर शामिल हैं। रन-वे के निर्माण में जमीन की तैयारी, आवश्यक लेयर तैयार करना, कॉम्पैक्शन और निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुसार सतह तैयार करने का काम होगा। इसके साथ विमानों के खड़े होने और टर्मिनल से जोड़ने के लिए एप्रन समेत जरूरी सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। इन बुनियादी ढांचों के बाद एयरपोर्ट के पार्किंग एरिया, एप्रोच रोड, बिजली, सुरक्षा और अन्य सहायक सुविधाओं का विकास चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा।
एटीसी टावर में 15 से 20 कंप्यूटर पताही एयरपोर्ट पर एयर ट्रैफिक कंट्रोल टावर भी महत्वपूर्ण हिस्सा होगा। प्रस्तावित एटीसी टावर में करीब 15 से 20 कंप्यूटर सिस्टम लगाए जाने की योजना है। इनके जरिए एयर ट्रैफिक की निगरानी और विमानों के संचालन को नियंत्रित किया जाएगा। विमान के उड़ान भरने से लेकर एयरपोर्ट के आसपास पहुंचने तक हवाई यातायात पर नजर रखने में एटीसी की भूमिका होगी। एक समय में यदि एक से अधिक विमान एयरपोर्ट के आसपास पहुंचते हैं तो उनके टेकऑफ और लैंडिंग के बीच सुरक्षित अंतर बनाए रखने में भी एयर ट्रैफिक कंट्रोल अहम भूमिका निभाएगा।
सुरक्षा भी बढ़ेगी, परिसर में प्रवेश पर रोक एयरपोर्ट परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को भी सख्त किया जा रहा है। शुक्रवार से परिसर में अनधिकृत प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है। जल्द ही सुरक्षा के लिए पुलिस की तैनाती किए जाने की भी तैयारी है। मुजफ्फरपुर के पताही एयरपोर्ट के शिलान्यास की निर्धारित तारीख 7 सितंबर अब टल गई है। एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) की ओर से जिला प्रशासन को कार्यक्रम की तिथि आगे बढ़ाए जाने की सूचना दी गई है। फिलहाल नई तारीख की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन सितंबर में ही शिलान्यास कार्यक्रम आयोजित किए जाने की संभावना है। शिलान्यास कार्यक्रम की तारीख भले ही आगे बढ़ गई हो, लेकिन एयरपोर्ट के निर्माण की तैयारी और साइट पर चल रहे काम पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा। पताही एयरपोर्ट पर टर्मिनल बिल्डिंग के लिए जमीन की सफाई और मिट्टी की खुदाई का काम शुरू हो चुका है। फाउंडेशन के लिए साइट तैयार की जा रही है। वहीं, प्रस्तावित रन-वे और एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) टावर समेत एयरपोर्ट के बुनियादी ढांचे को अगले करीब 11 माह में तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। यानी शिलान्यास की तारीख आगे बढ़ने के बावजूद निर्माण कार्य अपनी प्रक्रिया के अनुसार चलता रहेगा। 7 सितंबर की तारीख क्यों टली? एयरपोर्ट अथॉरिटी की ओर से फिलहाल 7 सितंबर की प्रस्तावित तारीख को आगे बढ़ाया गया है। बताया जा रहा है कि 7 सितंबर को प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में सभी केंद्रीय राज्य मंत्रियों को अपने-अपने विभाग का प्रेजेंटेशन देना है। इसमें केंद्रीय जल शक्ति राज्य मंत्री सह मुजफ्फरपुर सांसद डॉ. राजभूषण चौधरी निषाद को भी शामिल होना है। इसी वजह से 7 सितंबर को प्रस्तावित पताही एयरपोर्ट के शिलान्यास कार्यक्रम में केंद्रीय स्तर पर समय का समन्वय नहीं हो सका। अब नई तारीख तय करने की कवायद चल रही है। सितंबर में ही कार्यक्रम कराने की संभावना है।
केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री को भी बुलाने की तैयारी शिलान्यास कार्यक्रम को लेकर अब केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री को भी शामिल कराने की तैयारी की जा रही है। सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय जल शक्ति राज्य मंत्री सह मुजफ्फरपुर सांसद डॉ. राजभूषण चौधरी निषाद 8 सितंबर को केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री से मुलाकात कर सकते हैं। इस दौरान पताही एयरपोर्ट के शिलान्यास कार्यक्रम की नई तारीख और केंद्रीय मंत्री की उपलब्धता को लेकर चर्चा होने की संभावना है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी समेत केंद्रीय और राज्य के अन्य मंत्रियों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों को भी कार्यक्रम में शामिल कराने की तैयारी है। शुरुआत में 19 से 42 सीटर विमान भरेंगे उड़ान पताही एयरपोर्ट को शुरुआती चरण में छोटे क्षेत्रीय यात्री विमानों के संचालन के हिसाब से विकसित किया जा रहा है। प्रस्तावित रन-वे की लंबाई करीब 1 किलोमीटर और चौड़ाई 30 मीटर रखी गई है। इस डिजाइन के आधार पर शुरुआत में यहां 19 से 42 सीट वाले विमान संचालित किए जाने की तैयारी है। इसका मतलब यह है कि शुरुआत में पताही से बड़े एयरबस या बोइंग जैसे विमानों का संचालन नहीं होगा। छोटे क्षेत्रीय यात्री विमानों के जरिए हवाई सेवा शुरू करने की योजना है। भविष्य में यात्री संख्या और एयरपोर्ट की जरूरत के अनुसार सुविधाओं के विस्तार की गुंजाइश रहेगी। एयरपोर्ट का इस्तेमाल केवल यात्री विमानों के संचालन तक सीमित रखने की योजना नहीं है। यहां ट्रेनिंग सेंटर विकसित करने की भी योजना बताई गई है।
टर्मिनल का फाउंडेशन तैयार करने के लिए मिट्टी की खुदाई शुरू शिलान्यास की तारीख आगे बढ़ने के बावजूद टर्मिनल बिल्डिंग का काम नहीं रुका है। परिसर में साफ-सफाई के बाद मिट्टी की खुदाई शुरू कर दी गई है। फाउंडेशन के लिए जमीन तैयार की जा रही है। फाउंडेशन में इस्तेमाल होने वाले कंक्रीट की डिजाइन और उसकी तकनीकी क्षमता तय होने के बाद मुख्य निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ेगा। इसके लिए तकनीकी स्तर पर डिजाइन और कंक्रीट मिक्स से जुड़ी प्रक्रिया चल रही है। फाउंडेशन तैयार होने के बाद टर्मिनल बिल्डिंग के निर्माण की रफ्तार और स्पष्ट दिखाई देगी। टर्मिनल बिल्डिंग में यात्रियों के प्रवेश, चेक-इन, सुरक्षा जांच और अन्य यात्री सुविधाओं की व्यवस्था होगी। तीन बड़े काम पहले, इसके बाद पार्किंग और दूसरी सुविधाएं पताही एयरपोर्ट के शुरुआती निर्माण चरण में तीन प्रमुख कामों पर फोकस किया जा रहा है। इनमें रन-वे, टर्मिनल बिल्डिंग और एयर ट्रैफिक कंट्रोल टावर शामिल हैं। रन-वे के निर्माण में जमीन की तैयारी, आवश्यक लेयर तैयार करना, कॉम्पैक्शन और निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुसार सतह तैयार करने का काम होगा। इसके साथ विमानों के खड़े होने और टर्मिनल से जोड़ने के लिए एप्रन समेत जरूरी सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। इन बुनियादी ढांचों के बाद एयरपोर्ट के पार्किंग एरिया, एप्रोच रोड, बिजली, सुरक्षा और अन्य सहायक सुविधाओं का विकास चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा।
एटीसी टावर में 15 से 20 कंप्यूटर पताही एयरपोर्ट पर एयर ट्रैफिक कंट्रोल टावर भी महत्वपूर्ण हिस्सा होगा। प्रस्तावित एटीसी टावर में करीब 15 से 20 कंप्यूटर सिस्टम लगाए जाने की योजना है। इनके जरिए एयर ट्रैफिक की निगरानी और विमानों के संचालन को नियंत्रित किया जाएगा। विमान के उड़ान भरने से लेकर एयरपोर्ट के आसपास पहुंचने तक हवाई यातायात पर नजर रखने में एटीसी की भूमिका होगी। एक समय में यदि एक से अधिक विमान एयरपोर्ट के आसपास पहुंचते हैं तो उनके टेकऑफ और लैंडिंग के बीच सुरक्षित अंतर बनाए रखने में भी एयर ट्रैफिक कंट्रोल अहम भूमिका निभाएगा।
सुरक्षा भी बढ़ेगी, परिसर में प्रवेश पर रोक एयरपोर्ट परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को भी सख्त किया जा रहा है। शुक्रवार से परिसर में अनधिकृत प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है। जल्द ही सुरक्षा के लिए पुलिस की तैनाती किए जाने की भी तैयारी है।

