लुधियाना में बच्चों की सुरक्षा और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए जीवनज्योति प्रोजेक्ट के तहत 5 और 6 सितंबर को विशेष रेस्क्यू ड्राइव चलाई गई। जिला कार्यक्रम अधिकारी गुरमीत सिंह के निर्देश पर शहर के अलग-अलग संवेदनशील इलाकों में टीम ने कार्रवाई की। इस दौरान कुल 4 बच्चों को रेस्क्यू किया गया। टीम ने लुधियाना रेलवे स्टेशन, घंटाघर, जालंधर बाईपास, विश्वनाथ चौक और जमालपुर चौक समेत कई स्थानों पर अभियान चलाया। अभियान का नेतृत्व जिला बाल संरक्षण अधिकारी (DCPO) रश्मि ने किया। अभियान में सिनाक्षी राणा, ज्योति, कमलजीत कौर, शरद सूद, संदीप, मनप्रीत कौर, प्रभजोत कौर और राजिंदर सिंह शामिल रहे। चाइल्ड हेल्पलाइन/DCPO स्टाफ से रितु सूद और भूपिंदर सिंह ने भी टीम का सहयोग किया। पुलिस प्रशासन की ओर से भी आवश्यक सहयोग उपलब्ध करवाया गया। CWC के सामने पेश होंगे बच्चे रेस्क्यू किए गए बच्चों को बाल कल्याण समिति (CWC), लुधियाना के सामने पेश किया जाएगा। इसके बाद बच्चों की परिस्थितियों और जरूरतों का आकलन करते हुए जुवेनाइल जस्टिस (केयर एंड प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रन) एक्ट-2015 और निर्धारित बाल संरक्षण प्रक्रियाओं के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों के मुताबिक बच्चों की सुरक्षा, देखभाल, संरक्षण, पुनर्वास और उनके सर्वोत्तम हित को ध्यान में रखते हुए सभी जरूरी कदम उठाए जाएंगे। नियमित रूप से जारी रहेंगी रेस्क्यू ड्राइव जीवनज्योति प्रोजेक्ट का उद्देश्य जरूरतमंद और असुरक्षित परिस्थितियों में रहने वाले बच्चों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध करवाना, उनके अधिकारों की रक्षा करना और उन्हें समय पर देखभाल एवं सहायता उपलब्ध करवाना है। विभाग और जिला प्रशासन ने बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की बात कही है। अधिकारियों के अनुसार भविष्य में भी रेस्क्यू ड्राइव के साथ जागरूकता और रोकथाम संबंधी अभियान नियमित रूप से जारी रहेंगे।

