भोजपुर के तरारी थाना क्षेत्र के खवनी गांव में जहरीले सांप के डंसने से एक किशोर की मौत हो गई। इलाज के लिए निजी अस्पताल ले जाने के दौरान उसने दम तोड़ दिया। बताया जा रहा है कि अस्पताल ले जाने से पहले बच्चे को झाड़फूंक करने वाले एक ओझा के पास ले जाया गया था, लेकिन जब बच्चे की हालत में सुधार नहीं हुआ तो उसे अस्पताल ले जाया जा रहा था। मृतक की पहचान तरारी थाना क्षेत्र के खवनी गांव वार्ड नंबर-8 के रहने वाले वीर कुंवर राम के 14 साल के बेटे विष्णु शंकर के रूप में हुई है। विष्णु शंकर 7वीं क्लास का छात्र था। मृतक के दादा बोले- संतुष्टि के लिए ओझा के पास ले गए थे मृत नाबालिग के दादा अमीन राम ने बताया कि मेरा पोता घर के बाहर बच्चों के साथ कंचा खेल रहा था। इस दौरान झाड़ी से निकलकर जहरीले सांप ने उसे डंस लिया। हम लोग अपनी संतुष्टि के लिए उसे ओझा के पास ले गए थे। हम लोगों को भरोसा था कि सेदहां एवं विशंभरापुर गांव के ओझा झाड़फूंक कर मेरे पोते को ठीक कर देंगे। अमीन राम ने बताया कि ओझा के पास जब बच्चे की हालत में सुधार नहीं हुआ तो उसे अस्पताल ले जाया जा रहा था। रास्ते में उसने दम तोड़ दिया। अस्पताल ले जाने के बाद डॉक्टर ने भी मेरे पोते को मृत घोषित कर दिया। दो भाई और एक बहन में दूसरे नंबर पर था विष्णु शंकर मृतक के पोते ने बताया कि प्राइवेट अस्पताल में मृत घोषित किए जाने के बाद पोते के शव को लेकर गांव आए और पुलिस को जानकारी दी। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम सदर अस्पताल में करवाया। मृतक अपने दो भाई व एक बहन में दूसरे स्थान पर था। उसके परिवार में मां धनराजो देवी, भाई भोले शंकर और एक बहन प्रभा कुमारी है। घटना के बाद मृत किशोर के घर में कोहराम मच गया। उसकी मां धनराजो देवी एवं परिवार के सभी सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है। भोजपुर के तरारी थाना क्षेत्र के खवनी गांव में जहरीले सांप के डंसने से एक किशोर की मौत हो गई। इलाज के लिए निजी अस्पताल ले जाने के दौरान उसने दम तोड़ दिया। बताया जा रहा है कि अस्पताल ले जाने से पहले बच्चे को झाड़फूंक करने वाले एक ओझा के पास ले जाया गया था, लेकिन जब बच्चे की हालत में सुधार नहीं हुआ तो उसे अस्पताल ले जाया जा रहा था। मृतक की पहचान तरारी थाना क्षेत्र के खवनी गांव वार्ड नंबर-8 के रहने वाले वीर कुंवर राम के 14 साल के बेटे विष्णु शंकर के रूप में हुई है। विष्णु शंकर 7वीं क्लास का छात्र था। मृतक के दादा बोले- संतुष्टि के लिए ओझा के पास ले गए थे मृत नाबालिग के दादा अमीन राम ने बताया कि मेरा पोता घर के बाहर बच्चों के साथ कंचा खेल रहा था। इस दौरान झाड़ी से निकलकर जहरीले सांप ने उसे डंस लिया। हम लोग अपनी संतुष्टि के लिए उसे ओझा के पास ले गए थे। हम लोगों को भरोसा था कि सेदहां एवं विशंभरापुर गांव के ओझा झाड़फूंक कर मेरे पोते को ठीक कर देंगे। अमीन राम ने बताया कि ओझा के पास जब बच्चे की हालत में सुधार नहीं हुआ तो उसे अस्पताल ले जाया जा रहा था। रास्ते में उसने दम तोड़ दिया। अस्पताल ले जाने के बाद डॉक्टर ने भी मेरे पोते को मृत घोषित कर दिया। दो भाई और एक बहन में दूसरे नंबर पर था विष्णु शंकर मृतक के पोते ने बताया कि प्राइवेट अस्पताल में मृत घोषित किए जाने के बाद पोते के शव को लेकर गांव आए और पुलिस को जानकारी दी। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम सदर अस्पताल में करवाया। मृतक अपने दो भाई व एक बहन में दूसरे स्थान पर था। उसके परिवार में मां धनराजो देवी, भाई भोले शंकर और एक बहन प्रभा कुमारी है। घटना के बाद मृत किशोर के घर में कोहराम मच गया। उसकी मां धनराजो देवी एवं परिवार के सभी सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है।

