नयी दिल्ली, छह सितंबर सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी ऑयल एंड नैचुरल गैस कॉरपोरेशन (ओएनजीसी) के नए चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक (सीएमडी) के चयन की प्रक्रिया आगे बढ़ गई है। कंपनी के नए प्रमुख के पद के लिए सात उम्मीदवारों का नाम छांटा गया है। इस सप्ताह खोज-सह-चयन समिति के समक्ष इन उम्मीदवारों का दूसरे दौर का साक्षात्कार हो सकता है।
चयन प्रक्रिया के तहत 18 उम्मीदवारों का 18 अगस्त को साक्षात्कार किया गया था, जिसके बाद सात उम्मीदवारों को अगले दौर के लिए चुना गया है। मौजूदा चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक अरुण कुमार सिंह का विस्तारित कार्यकाल सात दिसंबर, 2026 को समाप्त होने वाला है। जिन सात उम्मीदवारों का नाम अगले दौर के लिए चुना गया है उनमें ऑयल इंडिया लिमिटेड के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक रंजीत रथ भी शामिल हैं।
54 वर्षीय रथ को इस पद की दौड़ में प्रमुख दावेदार माना जा रहा है। वह लगातार दूसरी बार ओएनजीसी के शीर्ष पद के लिए प्रयास कर रहे हैं। पिछले साल भी उनका नाम दौड़ में शामिल था लेकिन सरकार ने सिंह का कार्यकाल एक साल बढ़ाने का फैसला किया था।
अन्य उम्मीदवारों में ओएनजीसी विदेश लिमिटेड (ओवीएल) के प्रबंध निदेशक राजर्षि गुप्ता, ओएनजीसी के प्रौद्योगिकी एवं फील्ड सर्विसेज निदेशक विक्रम सक्सेना, रणनीति एवं कॉरपोरेट मामलों के निदेशक सत्यम कुमार, ओएनजीसी विदेश (ओवीएल) के परिचालन निदेशक दुलाल हल्दर, मैंगलोर रिफाइनरी एंड पेट्रोकेमिकल्स लिमिटेड के वित्त निदेशक देवेंद्र कुमार और इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन के विपणन निदेशक एस पी श्रीवास्तव शामिल हैं। चयन प्रक्रिया में उम्र संबंधी मानदंड में एक बार के लिए बदलाव भी किया गया है। सरकार ने उम्मीदवारों के लिए अधिकतम आयु सीमा को 59 वर्ष किया है।
सामान्य तौर पर आंतरिक उम्मीदवारों के लिए यह सीमा 58 वर्ष और बाहरी उम्मीदवारों के लिए 57 वर्ष होती है। सार्वजनिक क्षेत्र के अधिकारियों की सेवानिवृत्ति आयु 60 वर्ष है। हालांकि, राजर्षि गुप्ता की उम्र को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
सात दिसंबर, 2026 को उनकी उम्र करीब 59 वर्ष पांच महीने होगी। मामले की जानकारी रखने वाले लोगों का कहना है कि ऐसे में यदि गुप्ता की नियुक्ति होती है तो चयन प्रक्रिया को उन उम्मीदवारों की ओर से चुनौती दिए जाने की संभावना है, जिन्होंने उम्र की शर्त के कारण आवेदन नहीं किया। सरकार ने इस पद के लिए शैक्षणिक योग्यता में भी बदलाव किया है।
संशोधित मानदंड के तहत उम्मीदवार का इंजीनियरिंग, चार्टर्ड अकाउंटेंसी या कॉस्ट अकाउंटेंसी में प्रथम श्रेणी का स्नातक होना जरूरी है। इसके अलावा प्रमुख संस्थान से पूर्णकालिक एमबीए या पीजीडीआईएम करने वाले स्नातक या स्नातकोत्तर उम्मीदवार भी पात्र हैं। ओएनजीसी के अगले प्रमुख का चयन तीन सदस्यीय खोज-सह-चयन समिति करेगी।
इसमें सार्वजनिक उपक्रम चयन बोर्ड के चेयरपर्सन, पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस सचिव और इंडियन ऑयल के पूर्व चेयरमैन बतौर बाहरी विशेषज्ञ शामिल होंगे। रंजीत रथ अगस्त, 2022 से ऑयल इंडिया लिमिटेड के प्रमुख हैं। दूसरी ओर, अरुण कुमार सिंह को पिछले साल असामान्य रूप से एक साल का सेवा विस्तार दिया गया था।
उनका कार्यकाल समाप्त होने के बाद नए चेयरमैन को देश की सबसे बड़ी तेल एवं गैस उत्पादक कंपनी की कमान संभालनी होगी। उल्लेखनीय है कि ओएनजीसी अप्रैल, 2021 से दिसंबर, 2022 तक बिना पूर्णकालिक प्रमुख के रही थी। इस दौरान तीन अंतरिम चेयरमैन द्वारा कंपनी की अगुवाई की गई और उसके बाद सिंह की नियुक्ति हुई।
ओएनजीसी के नए प्रमुख के सामने उत्पादन और अन्वेषण बढ़ाने, राजस्व एवं मुनाफे में वृद्धि, अधिग्रहण और संयुक्त उपक्रमों के जरिये नए ऊर्जा कारोबार तथा पेट्रोरसायन क्षेत्र में विस्तार और प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल को बढ़ावा देने जैसी प्रमुख जिम्मेदारियां होंगी।

