कैमूर में 1.40 करोड़ के साइबर फ्रॉड का आरोपी अरेस्ट:म्यूल खातों से देशभर में ठगे करोड़ों रुपये, डिजिटल अरेस्ट से करता था ठगी

कैमूर में 1.40 करोड़ के साइबर फ्रॉड का आरोपी अरेस्ट:म्यूल खातों से देशभर में ठगे करोड़ों रुपये, डिजिटल अरेस्ट से करता था ठगी

कैमूर जिला साइबर थाना पुलिस ने एक बड़े अंतरराज्यीय साइबर फ्रॉड गिरोह का खुलासा करते हुए मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान भभुआ के कुड़ासन निवासी पुनीत तिवारी के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, आरोपी फर्जी फर्मों के नाम पर म्यूल बैंक खाते खुलवाकर साइबर ठगी की रकम का लेनदेन करता था। गिरोह का नेटवर्क कई राज्यों तक फैला हुआ है। एक साल में खाते में आए 1.40 करोड़ रुपये साइबर डीएसपी नीतू सिंह ने बताया कि पुनीत तिवारी ने एक्सिस बैंक में ‘श्री श्याम एंटरप्राइजेज’ के नाम से करंट अकाउंट खुलवाया था। करीब एक साल के दौरान इस खाते में 1,40,38,939 रुपये जमा हुए, जबकि 1,35,12,841 रुपये निकाले गए। पुलिस को शक है कि खाते का इस्तेमाल साइबर ठगी की रकम को इधर-उधर करने के लिए किया गया। पासबुक, चेकबुक और सिम रखता था अपने पास जांच में सामने आया कि आरोपी फर्म के नाम पर बैंक खाता खुलवाने के बाद उसकी पासबुक, चेकबुक और सिम कार्ड अपने पास रख लेता था। इसके बाद खाते की जानकारी साइबर गिरोह के अन्य सदस्यों को उपलब्ध कराता था। इसी तरह कई राज्यों में ठगी की रकम इन खातों के जरिए ट्रांसफर की जाती थी। आठ राज्यों से मिलीं गंभीर शिकायतें पुलिस ने NCCRP पोर्टल पर खाते की जांच की तो झारखंड, छत्तीसगढ़, दिल्ली, महाराष्ट्र, राजस्थान, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और उत्तराखंड से आठ गंभीर शिकायतें मिलीं। इनमें डिजिटल अरेस्ट के नाम पर लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी के मामले भी शामिल हैं। चंडीगढ़ में 3.45 करोड़ की ठगी पुलिस के मुताबिक, गिरोह ने चंडीगढ़ में 3.45 करोड़ रुपये, झारखंड में एक करोड़ रुपये और राजस्थान में 88.94 लाख रुपये की साइबर ठगी की। इन मामलों में ठगी की लाखों रुपये की रकम ‘श्री श्याम एंटरप्राइजेज’ के खाते में भी ट्रांसफर की गई थी। खाता फ्रीज हुआ तो खुद बैंक पहुंचा आरोपी शिकायतों के बाद बैंक ने खाते को फ्रीज कर दिया था। इसके बाद आरोपी खाते को दोबारा एक्टिवेट कराने के लिए खुद बैंक पहुंच गया। पुलिस ने बैंक में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी कब्जे में ली है। इससे आरोपी की गतिविधियों की पुष्टि करने में पुलिस को मदद मिल रही है। कई फर्जी फर्मों और ईमेल का खुलासा जांच के दौरान पुलिस को पुनीत, सुजीत और सूरज एंटरप्राइजेज समेत कई अन्य फर्मों की जानकारी मिली है। इसके अलावा फर्जी ईमेल आईडी के इस्तेमाल का भी पता चला है। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। कैमूर जिला साइबर थाना पुलिस ने एक बड़े अंतरराज्यीय साइबर फ्रॉड गिरोह का खुलासा करते हुए मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान भभुआ के कुड़ासन निवासी पुनीत तिवारी के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, आरोपी फर्जी फर्मों के नाम पर म्यूल बैंक खाते खुलवाकर साइबर ठगी की रकम का लेनदेन करता था। गिरोह का नेटवर्क कई राज्यों तक फैला हुआ है। एक साल में खाते में आए 1.40 करोड़ रुपये साइबर डीएसपी नीतू सिंह ने बताया कि पुनीत तिवारी ने एक्सिस बैंक में ‘श्री श्याम एंटरप्राइजेज’ के नाम से करंट अकाउंट खुलवाया था। करीब एक साल के दौरान इस खाते में 1,40,38,939 रुपये जमा हुए, जबकि 1,35,12,841 रुपये निकाले गए। पुलिस को शक है कि खाते का इस्तेमाल साइबर ठगी की रकम को इधर-उधर करने के लिए किया गया। पासबुक, चेकबुक और सिम रखता था अपने पास जांच में सामने आया कि आरोपी फर्म के नाम पर बैंक खाता खुलवाने के बाद उसकी पासबुक, चेकबुक और सिम कार्ड अपने पास रख लेता था। इसके बाद खाते की जानकारी साइबर गिरोह के अन्य सदस्यों को उपलब्ध कराता था। इसी तरह कई राज्यों में ठगी की रकम इन खातों के जरिए ट्रांसफर की जाती थी। आठ राज्यों से मिलीं गंभीर शिकायतें पुलिस ने NCCRP पोर्टल पर खाते की जांच की तो झारखंड, छत्तीसगढ़, दिल्ली, महाराष्ट्र, राजस्थान, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और उत्तराखंड से आठ गंभीर शिकायतें मिलीं। इनमें डिजिटल अरेस्ट के नाम पर लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी के मामले भी शामिल हैं। चंडीगढ़ में 3.45 करोड़ की ठगी पुलिस के मुताबिक, गिरोह ने चंडीगढ़ में 3.45 करोड़ रुपये, झारखंड में एक करोड़ रुपये और राजस्थान में 88.94 लाख रुपये की साइबर ठगी की। इन मामलों में ठगी की लाखों रुपये की रकम ‘श्री श्याम एंटरप्राइजेज’ के खाते में भी ट्रांसफर की गई थी। खाता फ्रीज हुआ तो खुद बैंक पहुंचा आरोपी शिकायतों के बाद बैंक ने खाते को फ्रीज कर दिया था। इसके बाद आरोपी खाते को दोबारा एक्टिवेट कराने के लिए खुद बैंक पहुंच गया। पुलिस ने बैंक में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी कब्जे में ली है। इससे आरोपी की गतिविधियों की पुष्टि करने में पुलिस को मदद मिल रही है। कई फर्जी फर्मों और ईमेल का खुलासा जांच के दौरान पुलिस को पुनीत, सुजीत और सूरज एंटरप्राइजेज समेत कई अन्य फर्मों की जानकारी मिली है। इसके अलावा फर्जी ईमेल आईडी के इस्तेमाल का भी पता चला है। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है।  

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *