मुजफ्फरपुर में मादक पदार्थों के कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में सिकंदरपुर थाना पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने सिकंदरपुर स्टेडियम के पास एक घर में छापेमारी कर 1 किलो 900 ग्राम गांजा बरामद किया। मौके से पुलिस ने एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है, जबकि उसका बेटा छापेमारी के दौरान फरार हो गया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान चंदेश्वर सहनी के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में पिता-पुत्र के गांजा कारोबार से जुड़े होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस अब गांजा की सप्लाई और पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है। बेटा खरीदकर लाता था माल, घर में होती थी पैकिंग एसडीपीओ टाउन-1 सुरेश कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि मादक पदार्थों के कारोबारियों के खिलाफ लगातार सूचना संकलन कर कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में सिकंदरपुर इलाके में गांजा की बिक्री की सूचना मिली थी। सूचना का सत्यापन करने के बाद पुलिस टीम ने संबंधित व्यक्ति के घर पर छापेमारी की। तलाशी के दौरान 1.9 किलो गांजा बरामद हुआ। पुलिस के मुताबिक, गांजा को घर में छोटे-छोटे खुदरा पैकेट में तैयार किया जाता था। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, बेटा गांजा खरीदकर घर लाता था, जबकि घर में उसे छोटे-छोटे पैकेट में पैक किया जाता था और पिता उसकी बिक्री करता था। 50 और 100 रुपये की पुड़िया बनाकर बेचने की जानकारी पुलिस की जांच में सामने आया है कि गांजा को छोटे-छोटे पैकेट में तैयार किया जाता था। इसकी करीब 50 और 100 रुपये की पुड़िया बनाकर खुदरा बिक्री किए जाने की जानकारी पुलिस को मिली है। छापेमारी के दौरान पुलिस को कुछ तैयार छोटी पुड़िया और एक बंडल में गांजा मिला। इससे पुलिस को आशंका है कि बरामद गांजा को खुदरा बिक्री के लिए पैक किया जाना था। पुलिस पहुंची तो बेटा हुआ फरार पुलिस टीम जब छापेमारी के लिए घर पहुंची तो चंदेश्वर सहनी को पकड़ लिया गया, जबकि उसका बेटा मौके से फरार हो गया। पुलिस अब उसकी तलाश कर रही है। गिरफ्तार चंदेश्वर सहनी को न्यायिक हिरासत में भेजने की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस उसके बेटे की भूमिका और गांजा के कारोबार से जुड़े अन्य लोगों के बारे में भी जानकारी जुटा रही है। नेपाल बॉर्डर से गांजा आने की आशंका की भी जांच पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि चंदेश्वर सहनी और उसका बेटा गांजा कहां से खरीदकर लाते थे। जांच के दौरान यह जानकारी भी सामने आई है कि बेटा बड़ी मात्रा में गांजा खरीदता था। नेपाल सीमा से मोटरसाइकिल के जरिए गांजा लाने की आशंका की भी जांच की जा रही है। हालांकि, पुलिस ने नेपाल बॉर्डर से गांजा लाने की बात की पुष्टि नहीं की है। पुलिस इस बिंदु पर भी जांच कर रही है कि गांजा किसी दूसरे स्थान से लाया जाता था या कोई तस्कर इन्हें घर तक माल पहुंचाता था। कई महीनों से कारोबार की आशंका, सप्लायर की तलाश एसडीपीओ के अनुसार, प्रारंभिक जांच में आरोपी के पिछले कुछ महीनों से मादक पदार्थ के कारोबार से जुड़े होने की जानकारी मिली है। अब पुलिस गांजा के स्रोत और सप्लायर तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। पुलिस अन्य स्रोतों से भी जानकारी जुटा रही है। फरार बेटे की गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में गांजा की खरीद, सप्लाई और बिक्री से जुड़े कई अहम सुराग मिलने की उम्मीद है। मादक पदार्थों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी एसडीपीओ सुरेश कुमार ने कहा कि मादक पदार्थों के कारोबार के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। बरामद गांजा के स्रोत और इस कारोबार में शामिल अन्य लोगों की पहचान के लिए जांच की जा रही है। मुजफ्फरपुर में मादक पदार्थों के कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में सिकंदरपुर थाना पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने सिकंदरपुर स्टेडियम के पास एक घर में छापेमारी कर 1 किलो 900 ग्राम गांजा बरामद किया। मौके से पुलिस ने एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है, जबकि उसका बेटा छापेमारी के दौरान फरार हो गया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान चंदेश्वर सहनी के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में पिता-पुत्र के गांजा कारोबार से जुड़े होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस अब गांजा की सप्लाई और पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है। बेटा खरीदकर लाता था माल, घर में होती थी पैकिंग एसडीपीओ टाउन-1 सुरेश कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि मादक पदार्थों के कारोबारियों के खिलाफ लगातार सूचना संकलन कर कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में सिकंदरपुर इलाके में गांजा की बिक्री की सूचना मिली थी। सूचना का सत्यापन करने के बाद पुलिस टीम ने संबंधित व्यक्ति के घर पर छापेमारी की। तलाशी के दौरान 1.9 किलो गांजा बरामद हुआ। पुलिस के मुताबिक, गांजा को घर में छोटे-छोटे खुदरा पैकेट में तैयार किया जाता था। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, बेटा गांजा खरीदकर घर लाता था, जबकि घर में उसे छोटे-छोटे पैकेट में पैक किया जाता था और पिता उसकी बिक्री करता था। 50 और 100 रुपये की पुड़िया बनाकर बेचने की जानकारी पुलिस की जांच में सामने आया है कि गांजा को छोटे-छोटे पैकेट में तैयार किया जाता था। इसकी करीब 50 और 100 रुपये की पुड़िया बनाकर खुदरा बिक्री किए जाने की जानकारी पुलिस को मिली है। छापेमारी के दौरान पुलिस को कुछ तैयार छोटी पुड़िया और एक बंडल में गांजा मिला। इससे पुलिस को आशंका है कि बरामद गांजा को खुदरा बिक्री के लिए पैक किया जाना था। पुलिस पहुंची तो बेटा हुआ फरार पुलिस टीम जब छापेमारी के लिए घर पहुंची तो चंदेश्वर सहनी को पकड़ लिया गया, जबकि उसका बेटा मौके से फरार हो गया। पुलिस अब उसकी तलाश कर रही है। गिरफ्तार चंदेश्वर सहनी को न्यायिक हिरासत में भेजने की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस उसके बेटे की भूमिका और गांजा के कारोबार से जुड़े अन्य लोगों के बारे में भी जानकारी जुटा रही है। नेपाल बॉर्डर से गांजा आने की आशंका की भी जांच पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि चंदेश्वर सहनी और उसका बेटा गांजा कहां से खरीदकर लाते थे। जांच के दौरान यह जानकारी भी सामने आई है कि बेटा बड़ी मात्रा में गांजा खरीदता था। नेपाल सीमा से मोटरसाइकिल के जरिए गांजा लाने की आशंका की भी जांच की जा रही है। हालांकि, पुलिस ने नेपाल बॉर्डर से गांजा लाने की बात की पुष्टि नहीं की है। पुलिस इस बिंदु पर भी जांच कर रही है कि गांजा किसी दूसरे स्थान से लाया जाता था या कोई तस्कर इन्हें घर तक माल पहुंचाता था। कई महीनों से कारोबार की आशंका, सप्लायर की तलाश एसडीपीओ के अनुसार, प्रारंभिक जांच में आरोपी के पिछले कुछ महीनों से मादक पदार्थ के कारोबार से जुड़े होने की जानकारी मिली है। अब पुलिस गांजा के स्रोत और सप्लायर तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। पुलिस अन्य स्रोतों से भी जानकारी जुटा रही है। फरार बेटे की गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में गांजा की खरीद, सप्लाई और बिक्री से जुड़े कई अहम सुराग मिलने की उम्मीद है। मादक पदार्थों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी एसडीपीओ सुरेश कुमार ने कहा कि मादक पदार्थों के कारोबार के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। बरामद गांजा के स्रोत और इस कारोबार में शामिल अन्य लोगों की पहचान के लिए जांच की जा रही है।

