मुरादाबाद सर्किट हाउस में नमाज पढ़ने के मामले में बिलारी सीट से सपा के विधायक मोहम्मद फहीम के चाचा हाजी मोहम्मद उस्मान के खिलाफ मुरादाबाद में FIR दर्ज कर ली गई है। मुकदमे के बाद मीडिया के सामने आए हाजी उस्मान ने कहा कि वह मुकदमे से डरने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि ये इबादत का मामला है और नमाज पढ़ने पर एफआईआर करना साफ तौर पर भेदभाव को दर्शाता है, क्योंकि तमाम शैक्षणिक आयोजनों में सरस्वती वंदना होती है और सरकारी निर्माण कार्यों से पहले भूमि पूजन किया जाता है।
हाजी उस्मान ने कहा कि नमाज पढ़ना शर्म का नहीं बल्कि फक्र का मामला है। उन्होंने कहा कि वे इस मुकदमे से न तो डरने वाले हैं और न ही उन्हें अपने किए पर कोई शर्म है क्योंकि ये फक्र की बात है। हालांकि, उन्होंने अपनी सफाई में ये भी कहा कि, उन्हें नहीं पता कि ये वीडियो कब का है और कहां का है और किसने इसे रिकॉर्ड किया है। उन्होंने अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर को खारिज करने की मांग की है।
सपा विधायक के करीबी ने फेसबुक पर पोस्ट की थी वीडियो
हाजी उस्मान के मुरादाबाद सर्किट हाउस में नमाज पढ़ने की वीडियो 3 सितंबर को मलिक शरीफ नाम के यूजर द्वारा अपनी फेसबुक आईडी पर शेयर की गई थी। जिसके कैप्शन में लिखा था- ‘आज असर की नमाज पढ़ते हुए मोहम्मद उस्मान प्रधान जी’। मलिक शरीफ की आईडी को देखने से पता चलता है कि इससे सपा विधायक मोहम्मद फहीम का पीआर किया जा रहा है। उनके दिनभर के कार्य, गतिविधियों और जनता से मिलने जुलने के तमाम फोटो वीडियो रोजाना इस आईडी से पोस्ट किए जा रहे हैं।
वीडियो पोस्ट करने वाली आईडी से विधायक का पीआर 3 दिसंबर को जिस दिन का यह मामला बताया जा रहा है उस दिन भी मलिक शरीफ ने मुरादाबाद सर्किट हाउस में विधायक फहीम और उनके चाचा सपा जिला उपाध्यक्ष हाजी मोहम्मद उस्मान के कई अन्य फोटो वीडियो भी अपलोड किए हैं। इनमें फहीम और उस्मान विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष लाल बिहारी यादव व अन्य सपा नेताओं के साथ नजर आ रहे हैं। इस प्रकरण के पहले और बाद में भी लगातार इस आईडी से बिलारी विधायक का पीआर वर्क किया जा रहा है। ऐसे में जाहिर है कि ये आईडी उनके करीबी शख्स की है। यहां तक कि विधायक और उनकी कार के साथ भी इस यूजर के तमाम फोटो वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड किए गए हैं।
FIR होते ही विधायक के करीबी ने डिलीट किया वीडियो
मामला सुर्खियों में आते ही विधायक समर्थक ने हाजी उस्मान का सर्किट हाउस में नमाज पढ़ने वाला वीडियो अपने सोशल मीडिया अकाउंट से डिलीट कर दिया था। सपा विधायक मोहम्मद फहीम के करीबी मलिक शरीफ नाम के यूजर ने सोशल मीडिया पर ये वीडियो अपलोड की थी। लेकिन जैसे ही पुलिस ने हाजी उस्मान के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया, तुरंत मलिक शरीफ ने नमाज वाला वीडियो अपने अकाउंट से डिलीट कर दिया। पुलिस अब पूरे मामले की जांच कर रही है।
एसपी सिटी बोले- पुलिस मामले की जांच कर रही मामले में एसपी सिटी रणविजय सिंह ने कहा कि, सर्किट हाउस के प्रभारी अवर अभियंता अनित कुमार की तहरीर पर हाजी मोहम्मद उस्मान नाम के व्यक्ति के खिलाफ मझोला थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। अवर अभियंता ने कहा है कि हाजी उस्मान ने सर्किट हाउस के रास्ते पर कार खड़ी करके उसके पीछे अनाधिकृत रूप से नमाज पढ़ी। जिससे वाहनों और लोगों की आवाजाही में अवरोध पैदा हुआ। पुलिस मामला दर्ज करके विवेचना कर रही है। प्रकरण में आगे की विधिक कार्यवाही की जाएगी।

