Kerala के उच्च शिक्षा संस्थानों में विभाजनकारी एजेंडे पर रोक लगाएं: Roji M John

Kerala के उच्च शिक्षा संस्थानों में विभाजनकारी एजेंडे पर रोक लगाएं: Roji M John

तिरुवनंतपुरम, पांच सितंबर केरल के उच्च शिक्षा मंत्री रोजी एम जॉन ने शिक्षक दिवस पर उच्च शिक्षण संस्थानों को स्वतंत्र विचारों और संवैधानिक मूल्यों का केंद्र बनाए रखने की वकालत करते हुए शनिवार को कहा कि ऐसे संस्थानों के प्रमुखों का विभाजनकारी एजेंडे को बढ़ावा देने वाले संगठनों से जुड़ना ‘‘लोकतांत्रिक समाज के लिए बिल्कुल भी उचित नहीं है।’’
रोजी ने शिक्षक दिवस पर एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, ‘‘उच्च शिक्षा के जिन संस्थानों को स्वतंत्र विचारों और संवैधानिक मूल्यों का केंद्र होना चाहिए, उनके प्रमुखों द्वारा अपने पद की गरिमा को भूलकर विभाजनकारी एजेंडे को बढ़ावा देने वाले संगठनों के मंचों तक खुद को सीमित कर लेना लोकतांत्रिक समाज के बिल्कुल भी अनुकूल नहीं है।’’
राज्य के उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा, ‘‘संकीर्ण राजनीतिक हितों के आगे अकादमिक स्वायत्तता के विशेषाधिकार का समर्पण करने वाली ऐसी प्रवृत्तियां शिक्षा और शिक्षण के मूल सार पर ही सवाल खड़ा करती हैं।’’
मंत्री की यह टिप्पणी राज्य विश्वविद्यालयों में कुलपतियों की नियुक्ति और पीठ सदस्यों को मनोनीत करने सहित विभिन्न मुद्दों पर राज्य सरकार और राज्यपाल विश्वनाथ आर्लेकर के बीच जारी मतभेदों के बीच आई है। यह विवाद जून में तब और गहरा गया था जब राज्य के कुछ कुलपतियों ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के एक कार्यक्रम में हिस्सा लिया, जिसे संघ प्रमुख मोहन भागवत ने संबोधित किया था। रोजी ने तब भी उनकी भागीदारी की आलोचना करते हुए कहा था कि कुलपति का पद अकादमिक और प्रशासनिक तटस्थता का प्रतिनिधित्व करता है।

मंत्री ने कहा कि शिक्षक दिवस शिक्षकों के लिए भेदभाव रहित और मानवीय पीढ़ियों का निर्माण करने की अपनी जिम्मेदारी को याद करने का अवसर होना चाहिए। उन्होंने भारत के दूसरे राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन का स्मरण करते हुए कहा कि राधाकृष्णन शिक्षण के महत्व में विश्वास रखते थे और चाहते थे कि उनके जन्मदिन को देशभर में शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाए। रोजी ने जाति के आधार पर छात्रों को अपमानित किए जाने की घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि इसके लिए जिम्मेदार लोग शिक्षण के मूल अर्थ को समझने में पूरी तरह विफल रहे हैं।

रोजी ने कहा, ‘‘स्टाफ रूम में बैठकर एक छात्र को उसकी जाति के नाम से अपमानित करने वाले और उसे आत्महत्या के लिए मजबूर करने वाले लोग वे हैं जो शिक्षण के वास्तविक अर्थ को नहीं समझ पाए।’’
मंत्री ने उन सभी शिक्षकों को शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं दीं जो ‘‘ज्ञान से अंधकार को दूर करते हैं’’ और छात्रों को संवैधानिक मूल्यों तथा मानवता को बनाए रखना सिखाते हैं। डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती के अवसर पर और शिक्षकों के सम्मान में देश में हर साल पांच सितंबर को शिक्षक दिवस मनाया जाता है।

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