गोरखपुर के रेलवे सुरक्षा बल बैरक परिसर में कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व बड़े धूमधाम और श्रद्धा के साथ मनाया गया। जन्माष्टमी के मौके पर पूरा आरपीएफ परिसर भक्ति के रंग में रंगा नजर आया। भक्ति गीतों और भजन-कीर्तन से माहौल भक्तिमय हो गया। आरपीएफ के अधिकारियों और जवानों ने कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। फीता काटकर कार्यक्रम की शुरुआत कार्यक्रम की शुरुआत आरपीएफ के आईजी सत्यप्रकाश ने फीता काटकर की। इसके बाद पूजा-अर्चना और भजन-कीर्तन का कार्यक्रम शुरू हुआ। अधिकारियों और जवानों ने मिलकर भजन गाए और भगवान श्रीकृष्ण की आराधना की। भक्ति गीतों की गूंज से पूरा परिसर देर रात तक भक्तिमय बना रहा। कृष्ण के जन्म से बालकांड तक की झलक जन्माष्टमी के लिए आरपीएफ बैरक में विशेष सजावट की गई थी। सजावट में भगवान श्रीकृष्ण के जन्म से लेकर उनके बाल रूप से जुड़ी घटनाओं की झलक दिखाई गई। अलग-अलग झांकियों के जरिए कृष्ण के बाल जीवन को दर्शाया गया था। इन झांकियों को देखने के लिए आसपास के लोग भी पहुंचे। सजावट और झांकियां लोगों के लिए खास आकर्षण का केंद्र बनी रहीं। लोग अपने मोबाइल फोन से इन खूबसूरत पलों और झांकियों की तस्वीरें और वीडियो बनाते नजर आए। जवानों के साथ आसपास के लोग भी हुए शामिल जन्माष्टमी के आयोजन में आरपीएफ के जवानों ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया। अधिकारियों ने भी जवानों के साथ भजन-कीर्तन किया। कार्यक्रम को देखने और भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन के लिए आसपास के लोग भी बड़ी संख्या में पहुंचे। इससे बैरक परिसर में उत्सव जैसा माहौल बना रहा। श्रीकृष्ण जन्म के बाद बांटा गया प्रसाद रात में भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के समय विशेष पूजा-अर्चना की गई। जन्म के बाद भगवान की आरती हुई और मौजूद लोगों के बीच प्रसाद का वितरण किया गया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण के जयकारे लगाए। पूरा परिसर भक्ति और उत्साह से गूंज उठा। दो दिन से चल रही थी तैयारी आरपीएफ प्रभारी निरीक्षक गिरिजेश विश्वकर्मा ने बताया कि जन्माष्टमी कार्यक्रम की तैयारी दो दिन पहले से ही शुरू कर दी गई थी। सजावट, झांकियों और पूजा की व्यवस्था को लेकर जवान लगातार तैयारियों में जुटे थे। उन्होंने बताया कि हर साल की तरह इस साल भी आरपीएफ की ओर से कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व बड़े धूमधाम से मनाया गया।

